{"_id":"605cd23d8ebc3e8d2a11522c","slug":"banks-to-disburse-sanctioned-loans-soon-cdo-saharanpur-news-mrt5317090104","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वीकृत ऋणों को जल्द वितरित करें बैंक: सीडीओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वीकृत ऋणों को जल्द वितरित करें बैंक: सीडीओ
विज्ञापन
सहारनपुर। मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह ने कहा कि बैंक स्वीकृत ऋणों को जल्द वितरित करें। उन्होंने कहा कि निजी बैंक सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण योजनाओं में रुचि नहीं ले रहे हैं। जल्द ही इसकी गंभीरता से समीक्षा की जाएगी। जानबूझकर सरकारी योजनाओं में ऋण देने में आनकानी कर रहे बैंककर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को आयोजित बैठक में जिला अग्रणी बैंक की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना है। यह स्ट्रीट वेंडरों कोे आत्मनिर्भर बनाने के लिए देशभर में चलाई जा रही है। उन्होंने जिला समन्वयक को निर्देश दिए कि स्वीकृत ऋणों का जल्द वितरित कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बैंकों में 798 प्रार्थना पत्र, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में 53 प्रकरण और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 130 प्रकरण लंबित हैं। एक जनपद एक उत्पाद में स्वीकृत 68 प्रार्थना पत्र स्वीकृत एवं 43 प्रार्थना पत्र लंबित हैं। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना में प्रार्थना पत्र 16 हजार 022 आए हैं। इनमें लंबित प्रकरण 2 हजार 214 हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बैंकों को लंबित प्रकरणों को समय से निस्तारित करने के निर्देश दिए। ऋण जमा अनुपात का राष्ट्रीय लक्ष्य 60 फीसदी है। जिसमें जनपद में 61.69 फीसदी हासिल कर लिया है। इस दौरान अग्रणी बैंक प्रबंधक संतोष कुमार, उपायुक्त उद्योग सिद्धार्थ यादव, उपायुक्त स्वत: रोजगार अरुण उपाध्याय, परियोजना अधिकारी डूडा डॉ. अनुज प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को आयोजित बैठक में जिला अग्रणी बैंक की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना है। यह स्ट्रीट वेंडरों कोे आत्मनिर्भर बनाने के लिए देशभर में चलाई जा रही है। उन्होंने जिला समन्वयक को निर्देश दिए कि स्वीकृत ऋणों का जल्द वितरित कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
विज्ञापन
बैठक में बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बैंकों में 798 प्रार्थना पत्र, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में 53 प्रकरण और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 130 प्रकरण लंबित हैं। एक जनपद एक उत्पाद में स्वीकृत 68 प्रार्थना पत्र स्वीकृत एवं 43 प्रार्थना पत्र लंबित हैं। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना में प्रार्थना पत्र 16 हजार 022 आए हैं। इनमें लंबित प्रकरण 2 हजार 214 हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बैंकों को लंबित प्रकरणों को समय से निस्तारित करने के निर्देश दिए। ऋण जमा अनुपात का राष्ट्रीय लक्ष्य 60 फीसदी है। जिसमें जनपद में 61.69 फीसदी हासिल कर लिया है। इस दौरान अग्रणी बैंक प्रबंधक संतोष कुमार, उपायुक्त उद्योग सिद्धार्थ यादव, उपायुक्त स्वत: रोजगार अरुण उपाध्याय, परियोजना अधिकारी डूडा डॉ. अनुज प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन