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सहारनपुर में सोशल मीडिया पर बैन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 26 May 2017 12:34 AM IST
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सहारनपुर जिले में सोशल मीडिया को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। फेसबुक और व्हाट्सएप के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है। मोबाइल पर नेट की सभी सेवाएं फिलहाल बंद करा दी गईं हैं। अफवाहों से बचने के लिए प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
बृहस्पतिवार सुबह लगभग साढ़े 10 बजे तक तो मोबाइल पर सोशल मीडिया चल रहा था। लेकिन उसके बाद से अचानक मोबाइल पर इंटरनेट की सुविधा पूरी तरह से बंद कर दी गई। मोबाइल फोन पर इंटरनेट ने काम करना बंद कर दिया। सिर्फ कालिंग की सुविधा ही रह गई।
व्हाट्सएप और फेसबुक ने काम करना बंद कर दिया। जब लोगों को इन सेवाओं के बंद होने का पता लगा तो वे बेचैन हो गए। एक-दूसरे से इस बारे में पूछते रहे।
जिले में सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार और अफवाहों को बिगड़े माहौल के लिए जिम्मेदार मानते हुए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को बंद किया है। प्रशासन का मानना है कि शब्बीरपुर में पांच मई के बाद नौ मई को हुई घटना सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों का ही परिणाम था।
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नौ मई के बाद अचानक सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो और कमेंट्स की बाढ़ सी आ गई। इन हालात के बीच 23 मई को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की रैली से पूर्व भी कुछ लोगों द्वारा शब्बीरपुर में हमले की अफवाह सोशल मीडिया पर फैलाई गई। इसमें चंदपुरा में हमले हुए तत्कालीन डीएम एनपी सिंह ने सोशल मीडिया पर रोक लगा दी।
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बृहस्पतिवार सुबह लगभग साढ़े 10 बजे तक तो मोबाइल पर सोशल मीडिया चल रहा था। लेकिन उसके बाद से अचानक मोबाइल पर इंटरनेट की सुविधा पूरी तरह से बंद कर दी गई। मोबाइल फोन पर इंटरनेट ने काम करना बंद कर दिया। सिर्फ कालिंग की सुविधा ही रह गई।
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व्हाट्सएप और फेसबुक ने काम करना बंद कर दिया। जब लोगों को इन सेवाओं के बंद होने का पता लगा तो वे बेचैन हो गए। एक-दूसरे से इस बारे में पूछते रहे।
जिले में सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार और अफवाहों को बिगड़े माहौल के लिए जिम्मेदार मानते हुए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को बंद किया है। प्रशासन का मानना है कि शब्बीरपुर में पांच मई के बाद नौ मई को हुई घटना सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों का ही परिणाम था।
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नौ मई के बाद अचानक सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो और कमेंट्स की बाढ़ सी आ गई। इन हालात के बीच 23 मई को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की रैली से पूर्व भी कुछ लोगों द्वारा शब्बीरपुर में हमले की अफवाह सोशल मीडिया पर फैलाई गई। इसमें चंदपुरा में हमले हुए तत्कालीन डीएम एनपी सिंह ने सोशल मीडिया पर रोक लगा दी।