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बाबा की थी असीम कृपा, हम हो गए अनाथ

Thu, 08 Jul 2021 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jul 2021 11:48 PM IST
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Baba had infinite grace, we have become orphans
सहारनपुर। बाबा बंशी वाले का हर आशीर्वाद फलीभूत होता था, उनकी असीम कृपा हमारे ऊपर थी, आज लग रहा है जैसे सिर से साया उठ गया। यह कहना था बाबा बंशी वाले के अनुयायियों का, जो बाबा के अंतिम दर्शन को सोराना गांव पहुंचे थे।
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इनमें कोई पंजाब से आया था तो कोई सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से। देवबंद क्षेत्र के गांव चंदेना कोली गांव के श्रीनिवास शर्मा ने बताया कि बाबा बंशी वाले ने लोगों को बहुत भला किया, हर गरीब के लिए उनके दिल में प्रेम था। ऐसा संत कभी कभार ही धरती पर आता है।
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पंजाब से आए रामचंद्र ने बताया कि वह 30 साल से बाबा बंशी वाले के अनुयायी हैं। अक्सर यहां सोराना गांव में बाबा के देव स्थल पर आते थे। बाबा के आशीर्वाद से हमारा जीवन सफल हुआ, लेकिन अब बाबा के चले जाने से गहरा धक्का लगा है। पंजाब के ही अलकेश कुमार और जसवंत सिंह ने बताया कि कई बार बाबा पंजाब में आए, वहां पर आश्रम भी बनवाया और अब अस्पताल बन रहा है। बाबा के आश्रम में हजारों लोग रोजाना भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते हैं। हमारी यही कामना है कि बाबा का आशीर्वाद ऐसे ही बना रहे और उनके द्वारा शुरू कराए आश्रमों में भंडारों का आयोजन होता रहे। गांव नंदनपुर निवासी शिवकुमार भी बाबा को याद कर भावुक हो गए और बोले कि बाबा बंशी वाले जैसा संत कोई नहीं। वहीं, बाबा बंशी वाले के साथ करीब 25 साल से रहकर सेवा करने वाले मामचंद ने कहा कि बाबा यही संदेश देते थे कि कोई भूखा ना रहे, इसीलिए भंडारों का आयोजन कराते थे।
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रविंद्र शर्मा के घर किया था पहला भोजन
38 साल पहले जब बाबा बंशी वाले को कुटी वाले बाबा अपने साथ गांव सोराना लाए थे तो, गांव के ही रविंद्र शर्मा के आवास पर पहला भोजन किया था। इसके बाद रविंद्र शर्मा भी ऐसे जुड़े कि फिर बाबा के ही होकर रह गए। हालांकि बाबा के एक और अनन्य भक्त विनय चौधरी हैं जो ग्राम सोराना के ही निवासी हैं तथा साए की तरह बाबा के साथ रहते रहे। सारी सेवा टहल करते थे। यही कारण है कि अंतिम संस्कार के दौरान रविंद्र शर्मा और विनय चौधरी ने ही संयुक्त रूप से पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।

हरिद्वार में है आठ मंजिला धर्मशाला
बाबा बंशी वाले कृष्ण भक्त थे। नर सेवा नारायण सेवा का संदेश वह देते थे। मां अन्नपूर्णा की विशेष कृपा ऐसी थी कि उन्होंने हरिद्वार में मां अन्नपूर्णा धर्मशाला बनवाई, जो आठ मंजिला है। इसके अलावा पंजाब के भी कई जिलों में उनके द्वारा आश्रम बनवाए गए। एक अनुयायी ने बताया कि बाबा बंशी वाले की कृपा से पंजाब में अस्पताल भी बनवाया जा रहा है।
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