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आतिया ने तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बनाया तीन मंत्रालयों और दारुल उलूम देवबंद को प्रतिवादी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 04 Mar 2017 12:37 AM IST
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बच्चों के साथ आतिया।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में तीन तलाक के मामले को लेकर तीन मंत्रालयों और देवबंद दारुल उलूम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाली आतिया ने सहारनपुर कोर्ट में दहेज उत्पीड़न के मामले में अपने पति, सास, ससुर के खिलाफ गिरफ्तारी कराने के आदेश करा लिए हैं।
कोर्ट ने हरिद्वार जिले के खानपुर थाने को तीनों को गिरफ्तारी दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। सहारनपुर की मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आली, तेली वाला चौक निवासी आतिया ने आरोप लगाया कि
हरिद्वार जिले के खानपुर थानाक्षेत्र के ग्राम जसोदरपुर निवासी ससुरालियों ने उसका दहेज के लिए उत्पीड़न किया। उसकी दो लड़कियां पैदा होने के कारण उसे जहर देकर मारने का प्रयास किया और उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया।
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उसके बाद उसके पति वाजिद ने एक कागज पर तीन बार तलाक लिखकर देवबंद दारुल उलूम से फतवा जारी कराकर उसे मान्य करा लिया। पीड़िता और दारुल उलूम को वाजिद ने पूरी और सही जानकारी भी नहीं दी, जबकि दारुल उलूम ने अधूरी जानकारी पर ही फतवा जारी कर दिया।
आतिया द्वारा सहारनपुर के एसीजेएम (द्वितीय) कोर्ट में ससुरालियों के खिलाफ दाखिल दहेज उत्पीड़न के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने उसके पति वाजिद अली, ससुर सईद अहमद और सास की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं।
गौरतलब है कि आतिया ने तीन तलाक के मामले को सुप्रीम कोर्ट में गत 23 जनवरी को याचिका दायर की थी, जिसमें आतिया ने अपने पति की अधूरी जानकारी से ही देवबंद दारुल उलूम पर फतवा जारी करने का आरोप लगाया हुआ है।
इसमें आतिया ने अपने ससुरालियों, कानून एवं न्याय मंत्रालय, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय एवं बाल कल्याण एवं महिला विकास मंत्रालय को भी प्रतिवादी बनाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 23 जनवरी को याचिका मंजूर कर ली और 15 फरवरी को संबंधित प्रतिवादियों को सुनवाई के लिए तलब किया। आतिया के भाई मोहम्मद रिजवान ने बताया कि सभी आरोपियों ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने आतिया की याचिका के बाद तीन तलाक के सभी मामलों की तलाश कराई। जिसमें छह मामले सामने आए हैं। इन मामलों के लिए 30 मार्च को सुनवाई की तारीख तय की गई है।
बताया गया है कि इसके लिए पांच न्यायाधीशों की एक पीठ बनाई जाएगी। जो आतिया मामले में देवबंद दारुल उलूम एवं सरकारी मंत्रालयों द्वारा दिए गए जवाब पर निर्णय लेगी।
ये है मामला
मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आली, तेली वाला चौक निवासी आतिया साबरी पुत्री मजहर हसन का निकाह 25 मार्च 2012 में हरिद्वार जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के गांव जसोदर निवासी वाजिद अली के साथ हुआ था।
12 दिसंबर 2015 को आतिया ने सहारनपुर के महिला थाना में ससुरालियों पर दहेज के लिए उत्पीड़न करने, विषाक्त पदार्थ देकर मारने का प्रयास करने, लड़कियां पैदा होने पर मारपीट करने और बिना सूचना के कागज पर तीन बार तलाक लिखकर भेजकर तलाक देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।
जिसमें उसे 13 नवंबर 2015 को घर से निकालने का भी आरोप लगाया। इस मामले में गत 1 फरवरी को महिला थाने ने आरोपियों पर चार्जशीट लगाकर सहारनपुर कोर्ट में पेश कर दी।
कोर्ट ने आरोपियों को 1 मार्च तक हाजिर होने का समय दिया था। इस पर आरोपियों ने स्टे के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी, जिस पर 28 फरवरी को सुनवाई हुई और हाईकोर्ट ने स्टे की याचिका खारिज कर दी। अब सहारनपुर की एसीजेएम कोर्ट ने 1 मार्च तक कोर्ट में पेश न होने पर ससुरालियों के खिलाफ 2 मार्च को गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।
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कोर्ट ने हरिद्वार जिले के खानपुर थाने को तीनों को गिरफ्तारी दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। सहारनपुर की मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आली, तेली वाला चौक निवासी आतिया ने आरोप लगाया कि
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हरिद्वार जिले के खानपुर थानाक्षेत्र के ग्राम जसोदरपुर निवासी ससुरालियों ने उसका दहेज के लिए उत्पीड़न किया। उसकी दो लड़कियां पैदा होने के कारण उसे जहर देकर मारने का प्रयास किया और उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया।
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उसके बाद उसके पति वाजिद ने एक कागज पर तीन बार तलाक लिखकर देवबंद दारुल उलूम से फतवा जारी कराकर उसे मान्य करा लिया। पीड़िता और दारुल उलूम को वाजिद ने पूरी और सही जानकारी भी नहीं दी, जबकि दारुल उलूम ने अधूरी जानकारी पर ही फतवा जारी कर दिया।
आतिया द्वारा सहारनपुर के एसीजेएम (द्वितीय) कोर्ट में ससुरालियों के खिलाफ दाखिल दहेज उत्पीड़न के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने उसके पति वाजिद अली, ससुर सईद अहमद और सास की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं।
गौरतलब है कि आतिया ने तीन तलाक के मामले को सुप्रीम कोर्ट में गत 23 जनवरी को याचिका दायर की थी, जिसमें आतिया ने अपने पति की अधूरी जानकारी से ही देवबंद दारुल उलूम पर फतवा जारी करने का आरोप लगाया हुआ है।
इसमें आतिया ने अपने ससुरालियों, कानून एवं न्याय मंत्रालय, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय एवं बाल कल्याण एवं महिला विकास मंत्रालय को भी प्रतिवादी बनाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 23 जनवरी को याचिका मंजूर कर ली और 15 फरवरी को संबंधित प्रतिवादियों को सुनवाई के लिए तलब किया। आतिया के भाई मोहम्मद रिजवान ने बताया कि सभी आरोपियों ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने आतिया की याचिका के बाद तीन तलाक के सभी मामलों की तलाश कराई। जिसमें छह मामले सामने आए हैं। इन मामलों के लिए 30 मार्च को सुनवाई की तारीख तय की गई है।
बताया गया है कि इसके लिए पांच न्यायाधीशों की एक पीठ बनाई जाएगी। जो आतिया मामले में देवबंद दारुल उलूम एवं सरकारी मंत्रालयों द्वारा दिए गए जवाब पर निर्णय लेगी।
ये है मामला
मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आली, तेली वाला चौक निवासी आतिया साबरी पुत्री मजहर हसन का निकाह 25 मार्च 2012 में हरिद्वार जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के गांव जसोदर निवासी वाजिद अली के साथ हुआ था।
12 दिसंबर 2015 को आतिया ने सहारनपुर के महिला थाना में ससुरालियों पर दहेज के लिए उत्पीड़न करने, विषाक्त पदार्थ देकर मारने का प्रयास करने, लड़कियां पैदा होने पर मारपीट करने और बिना सूचना के कागज पर तीन बार तलाक लिखकर भेजकर तलाक देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।
जिसमें उसे 13 नवंबर 2015 को घर से निकालने का भी आरोप लगाया। इस मामले में गत 1 फरवरी को महिला थाने ने आरोपियों पर चार्जशीट लगाकर सहारनपुर कोर्ट में पेश कर दी।
कोर्ट ने आरोपियों को 1 मार्च तक हाजिर होने का समय दिया था। इस पर आरोपियों ने स्टे के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी, जिस पर 28 फरवरी को सुनवाई हुई और हाईकोर्ट ने स्टे की याचिका खारिज कर दी। अब सहारनपुर की एसीजेएम कोर्ट ने 1 मार्च तक कोर्ट में पेश न होने पर ससुरालियों के खिलाफ 2 मार्च को गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।