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रंजिश में की गई थी आसिफ की हत्या
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नूनाबड़ी निवासी आसिफ हत्याकांड का खुलासा करते एसपी देहात अतुल शर्मा
- फोटो : SAHARANPUR
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बड़गांव। थाना बड़गांव क्षेत्र के गांव नूनाबड़ी में हुए आसिफ हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। गैंगस्टर के आरोपी ने रंजिश के चलते अपने साथियों के साथ मिलकर आसिफ की हत्या की थी। इस मामले में नामजद कराए गए दो आरोपियों को पुलिस ने जेल भेजा था, जिन्हें अब रिहा किया जाएगा।
बुधवार को थाने में पत्रकार वार्ता में एसपी देहात अतुल शर्मा ने वारदात का खुलासा किया। एसपी देहात ने बताया कि गैंगस्टर आरोपी राकिब पुत्र दिलशाद ने पुलिस पूछताछ में आसिफ (17) की हत्या करना कबूल किया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त छूरी भी बरामद की है। हत्यारोपी के खिलाफ बड़गांव थाना रिकार्ड में आर्म्स एक्ट व गैंगस्टर सहित करीब 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आसिफ के चाचा मोमिन से राकिब की रंजिश थी। इसी के चलते आसिफ को छुरी से गोदकर मारा गया था।
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यह था मामला, ऐसी हुई वारदात
नूनाबड़ी गांव में दो फरवरी की रात आसिफ पुत्र आस मोहम्मद की घेर में सोते समय चाकू से गोद कर हत्या कर दी थी। मृतक के भाई ने दो साल पूर्व हुए अहसान हत्याकांड को लेकर अहसान के परिवार के पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दो आरोपियों भूरा और लीला को जेल भेज दिया था। अहसान हत्याकांड में आसिफ के परिजनों पर मृतक अहसान के परिवार ने शक किया था। इसको लेकर इनमें तनानती भी रही। पुलिस को शुरू से नामजदगी गलत होने का अंदेशा था। एसपी देहात ने बताया कि सीडीआर जांच में राकिब के खिलाफ अहम सबूत मिले तो उसे काफी प्रयास के बाद पकड़ा गया। राकिब ने पूछताछ में अपने साथी जुल्फक्कार व मोबीन के साथ मिलकर आसिफ की हत्या करना कबूल किया है। राकिब को पता था कि मोमिन दो वर्ष पूर्व हुए अहसान हत्याकांड के पीड़ित परिवार को नामजद करेगा तो दोनों परिवारों मुकदमेबाजी में फंसे रहेंगे। एसपी देहात ने बताया कि आसिफ हत्याकांड में गलत जेल भेजे गए भूरा और लीला को को जल्द रिहा कराया जाएगा।
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बुधवार को थाने में पत्रकार वार्ता में एसपी देहात अतुल शर्मा ने वारदात का खुलासा किया। एसपी देहात ने बताया कि गैंगस्टर आरोपी राकिब पुत्र दिलशाद ने पुलिस पूछताछ में आसिफ (17) की हत्या करना कबूल किया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त छूरी भी बरामद की है। हत्यारोपी के खिलाफ बड़गांव थाना रिकार्ड में आर्म्स एक्ट व गैंगस्टर सहित करीब 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आसिफ के चाचा मोमिन से राकिब की रंजिश थी। इसी के चलते आसिफ को छुरी से गोदकर मारा गया था।
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यह था मामला, ऐसी हुई वारदात
नूनाबड़ी गांव में दो फरवरी की रात आसिफ पुत्र आस मोहम्मद की घेर में सोते समय चाकू से गोद कर हत्या कर दी थी। मृतक के भाई ने दो साल पूर्व हुए अहसान हत्याकांड को लेकर अहसान के परिवार के पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दो आरोपियों भूरा और लीला को जेल भेज दिया था। अहसान हत्याकांड में आसिफ के परिजनों पर मृतक अहसान के परिवार ने शक किया था। इसको लेकर इनमें तनानती भी रही। पुलिस को शुरू से नामजदगी गलत होने का अंदेशा था। एसपी देहात ने बताया कि सीडीआर जांच में राकिब के खिलाफ अहम सबूत मिले तो उसे काफी प्रयास के बाद पकड़ा गया। राकिब ने पूछताछ में अपने साथी जुल्फक्कार व मोबीन के साथ मिलकर आसिफ की हत्या करना कबूल किया है। राकिब को पता था कि मोमिन दो वर्ष पूर्व हुए अहसान हत्याकांड के पीड़ित परिवार को नामजद करेगा तो दोनों परिवारों मुकदमेबाजी में फंसे रहेंगे। एसपी देहात ने बताया कि आसिफ हत्याकांड में गलत जेल भेजे गए भूरा और लीला को को जल्द रिहा कराया जाएगा।
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