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अनुच्छेद 370 हटा पर हालात बदलने का इंतजार

Wed, 05 Aug 2020 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2020 12:30 AM IST
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Article 370 removed but waiting for the situation to change
कश्मीरी पंडित केके भान - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त हुए एक साल हो गया। 1990 में कश्मीर से पलायन करने वाले कुछ परिवार सहारनपुर में भी आए थे। फिलहाल यहां रहने वाले कश्मीरी पंडितों का कहना है कि केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 समाप्त कर सराहनीय कार्य किया, लेकिन घाटी के हालात बदलने का अभी इंतजार है।
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इनमें से एक हैं सहारनपुर में पुलिस लाइन के सामने भगत सिंह कालोनी में रहने वाले केके भान। उनका जन्म जून 1948 में श्रीनगर के सिहयार (आली कदल) में हुआ था। जन्म प्रमाणपत्र भी जम्मू कश्मीर का ही बना हुआ है। उनके पिता पृथ्वीनाथ भान और चाचा त्रिलोकीनाथ भान आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) की शाखा में जाते थे, जिस कारण श्रीनगर में उनकी हत्या की साजिशें हुई थीं। इसका आभास होते ही पिता पृथ्वीनाथ 1950 में सहारनपुर आ गए थे। फिलहाल उनके मामा के बेटे रविंद्र सराफ जम्मू में रहते हैं। केके भान ने बताया कि ममेरे भाई से अक्सर बात होती रहती हैं। अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद भी जम्मू कश्मीर में हालात पूरी तरह नहीं बदल पाए हैं। हालांकि अब वह वापस जम्मू कश्मीर नहीं जाना चाहते हैं।
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वहीं, 1990 में कांट्रेक्टर रविंद्र पेसिन का परिवार श्रीनगर छोड़कर आ गया था। रविंद्र पेसिन इन दिनों दिल्ली में रहते हैं। अमर उजाला से फोन पर बातचीत में उन्होंने कहा कि श्रीनगर शहर के करनगर में उनकी रिहायशी जमीन है, जबकि श्रीनगर से करीब 15 किलोमीटर दूर ननिहाल की प्रापर्टी है। दोनों जगह को मिलाकर करीब 9000 वर्ग फुट जमीन है, जिस पर अवैध कब्जा है। कई साल से वह पत्राचार करते आ रहे हैं, मगर अवैध कब्जा नहीं हटा। अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद उम्मीद जगी थी कि अब उनकी जमीन से अवैध कब्जा हटेगा, लेकिन एक साल बीतने के बाद कुछ हासिल नहीं हुआ। रविंद्र पेसिन कहते हैं कि बेशक अनुच्छेद 370 समाप्त हो गया और घाटी से आतंकियों का सफाया हुआ है, लेकिन घाटी में रहने वाले दूसरे वर्ग के लोगों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगा, जिस कारण घाटी में काला दिवस मनाया जा रहा है और बाजार, दुकानें बंद कर दी जाती हैं। इस सोच में बदलाव आना बेहद जरूरी है।

कश्मीरी पंडित रविंद्र पेसिन

कश्मीरी पंडित रविंद्र पेसिन- फोटो : SAHARANPUR

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