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दिवाली पर आतिशबाजी से झुलसे करीब दो दर्जन लोग
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आतिशबाजी से झुलसे भाई बहन
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। आतिशबाजी के जश्न ने कई युवाओं और बच्चों को घायल कर दिया। एसबीडी जिला अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में दिवाली की रात आठ बजे से रविवार की सुबह 10:30 बजे तक कुल 23 मामले आतिशबाजी से झुलसने के पहुंचे।
इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने बताया कि दिवाली की रात आठ बजे से ही आतिशबाजी से जख्मी हुए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। रात दो बजे तक इस तरह के मामले पहुंचते रहे। ज्यादातर के हाथ झुलसे थे। आंशिक रूप से मुंह और आंखों के बाल भी झुलसने के मामले भी पहुंचे हैं। रविवार की सुबह 10:30 बजे माहीपुरा निवासी एक बहन और भाई पहुंचे थे। दोनों ही के हाथ झुलस गए थे। उन्होंने बताया कि अनार चलाते वक्त वह हाथ ही में फट गया। इसकी वजह से बहन के कपड़ों ने आग पकड़ ली। खुद को बचाने के लिए बहन के हाथ झुलस गए। गनीमत रही कि बाकी शरीर बच गया। इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकों और स्टाफ ने उन्हें प्राथमिक उपचार देकर घर भेजा।
नहीं उठता इमरजेंसी का फोन
इन दिनों कोरोना के साथ ही संचारी रोगों का सीजन चल रहा है। दिवाली पर भी बड़ी संख्या में लोग आतिशबाजी से झुलसे हैं। इन सबके बावजूद एसबीडी जिला अस्पताल की इमरजेंसी का फोन नंबर नहीं उठ रहा है। रविवार को कई लोगों ने इमरजेंसी नंबर पर डायल किया, मगर घंटी बजकर बंद हो गया। उधर, सीएमएस डॉ. आभा वर्मा का कहना है कि फोन ठीक काम कर रहा है।
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इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने बताया कि दिवाली की रात आठ बजे से ही आतिशबाजी से जख्मी हुए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। रात दो बजे तक इस तरह के मामले पहुंचते रहे। ज्यादातर के हाथ झुलसे थे। आंशिक रूप से मुंह और आंखों के बाल भी झुलसने के मामले भी पहुंचे हैं। रविवार की सुबह 10:30 बजे माहीपुरा निवासी एक बहन और भाई पहुंचे थे। दोनों ही के हाथ झुलस गए थे। उन्होंने बताया कि अनार चलाते वक्त वह हाथ ही में फट गया। इसकी वजह से बहन के कपड़ों ने आग पकड़ ली। खुद को बचाने के लिए बहन के हाथ झुलस गए। गनीमत रही कि बाकी शरीर बच गया। इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकों और स्टाफ ने उन्हें प्राथमिक उपचार देकर घर भेजा।
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नहीं उठता इमरजेंसी का फोन
इन दिनों कोरोना के साथ ही संचारी रोगों का सीजन चल रहा है। दिवाली पर भी बड़ी संख्या में लोग आतिशबाजी से झुलसे हैं। इन सबके बावजूद एसबीडी जिला अस्पताल की इमरजेंसी का फोन नंबर नहीं उठ रहा है। रविवार को कई लोगों ने इमरजेंसी नंबर पर डायल किया, मगर घंटी बजकर बंद हो गया। उधर, सीएमएस डॉ. आभा वर्मा का कहना है कि फोन ठीक काम कर रहा है।
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