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Saharanpur News: 200 लीटर गंगाजल से भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करेगा अर्जुन
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देवबंद/तलहेड़ी बुजुर्ग। भारी बारिश और सड़कों में बने गड्ढे भी अर्जुन धीमान के हौंसले नहीं डिगा पा रहे है। शिवरात्रि पर अर्जुन अपने गांव अंबोली के शिव मंदिर में 200 लीटर गंगाजल से भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करेगा।
अंबोली निवासी राजेश्वर धीमान का 20 वर्षीय अर्जुन धीमान 70 किलो वजन का है, जबकि उसके कंधों पर रखी कांवड़ 251 किलो की है। जिसमें 200 लीटर गंगाजल भरा हुआ है। भगवान भोलेनाथ के भक्त अर्जुन ने बताया कि करीब पांच साल पहले उसने हरिद्वार से कांवड़ लाने का सिलसिला शुरू किया था। तीन साल पहले वह 41 लीटर गंगाजल से भरी कांवड़ से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया था, जबकि पिछले साल 121 लीटर गंगाजल से जलाभिषेक किया। इस बार उसने 251 किलो (जिसमें 200 लीटर गंगाजल है) वाली कांवड़ उठाई है।
30 जून की रात में हरिद्वार से गंगाजल लेकर वह अपने गंतव्य की तरफ रवाना हुआ। मंगलवार को अर्जुन कांवड़ लेकर मंगलौर रोड से होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हो गया है। अर्जुन ने बताया कि रुड़की तक उसने अकेले ही पैदल यात्रा की है। इसके बाद उसे पानीपत निवासी कपिल रावत व सोनी रावत सहयोगी के रूप में मिल गए। अर्जुन ने बताया कि कांवड़ के लिए वह पिछले छह माह से लगातार अभ्यास कर रहा था। उसके पिता राजेश्वर धीमान ने बताया कि पुत्र द्वारा किए जा रहे इस कार्य से वह बहुत गदगद हैं। वहीं, अंबोली निवासी मास्टर विनय कुमारस धर्मवीर सिंह, विराज, रजत कुमार, सीटू, जयकरण ने बताया कि अर्जुन के गांव के शिव मंदिर में पहुंचने पर भव्य स्वागत किया जाएगा।
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अंबोली निवासी राजेश्वर धीमान का 20 वर्षीय अर्जुन धीमान 70 किलो वजन का है, जबकि उसके कंधों पर रखी कांवड़ 251 किलो की है। जिसमें 200 लीटर गंगाजल भरा हुआ है। भगवान भोलेनाथ के भक्त अर्जुन ने बताया कि करीब पांच साल पहले उसने हरिद्वार से कांवड़ लाने का सिलसिला शुरू किया था। तीन साल पहले वह 41 लीटर गंगाजल से भरी कांवड़ से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया था, जबकि पिछले साल 121 लीटर गंगाजल से जलाभिषेक किया। इस बार उसने 251 किलो (जिसमें 200 लीटर गंगाजल है) वाली कांवड़ उठाई है।
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30 जून की रात में हरिद्वार से गंगाजल लेकर वह अपने गंतव्य की तरफ रवाना हुआ। मंगलवार को अर्जुन कांवड़ लेकर मंगलौर रोड से होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हो गया है। अर्जुन ने बताया कि रुड़की तक उसने अकेले ही पैदल यात्रा की है। इसके बाद उसे पानीपत निवासी कपिल रावत व सोनी रावत सहयोगी के रूप में मिल गए। अर्जुन ने बताया कि कांवड़ के लिए वह पिछले छह माह से लगातार अभ्यास कर रहा था। उसके पिता राजेश्वर धीमान ने बताया कि पुत्र द्वारा किए जा रहे इस कार्य से वह बहुत गदगद हैं। वहीं, अंबोली निवासी मास्टर विनय कुमारस धर्मवीर सिंह, विराज, रजत कुमार, सीटू, जयकरण ने बताया कि अर्जुन के गांव के शिव मंदिर में पहुंचने पर भव्य स्वागत किया जाएगा।
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