फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Approval two years ago, land also received, still CFC confined in files

Saharanpur News: दो साल पहले मंजूरी, जमीन भी मिली, फिर भी फाइलों में सिमटा सीएफसी

Sun, 26 Nov 2023 01:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 26 Nov 2023 01:04 AM IST
विज्ञापन
Approval two years ago, land also received, still CFC confined in files
सहारनपुर। जिले के करीब 10 हजार लोगों को रोजगार दे रहे जूता उद्योग की तरक्की के लिए सीएफसी (कॉमन फैसीलिटी सेंटर) की दरकार है। सुगत सोशल वेलफेयर साेसायटी से जुड़े उद्यमी लंबे समय से सीएफसी बनाने की कवायद में जुटे हैं। वर्ष 2021 में सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बावजूद उनकी योजना अभी तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। सीएफसी निर्माण से जिले में उच्चगुणवत्ता के जूता बनाने में मदद मिलेगी। जिससे घरेलू बाजार में जिले के जूतों की धमक बढ़ेगा। सीएफसी का निर्माण करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से होना है।
विज्ञापन

दरअसल, जिले में जूता बनाने का काम करीब शताब्दी पुराना है। फिलहाल यहां पर जूता निर्माण की करीब 500 इकाइयां हैं। इनका सालाना कारोबार लगभग 125 करोड़ रुपये का है। अधिकांश जूतों का निर्माण परंपरागत तरीके से होता है। इसके चलते यहां तैयार जूते बाजार में बड़े ब्रांडों से मुकाबला नहीं कर पाते हैं। परंपरागत तरीके से जूता निर्माण करने से न सिर्फ लागत बढ़ती है, बल्कि उत्पाद का उचित मूल्य भी नहीं मिल पाता। इस वजह से जूता उद्योग तरक्की नहीं कर पा रहा है। उद्यमियों और कारीगरों की परेशानी को देखते हुए सुगत सोशल वेलफेयर सोसायटी ने कई वर्ष पहले सीएफसी बनाने की कवायद शुरू की। इसके लिए उन्हें सैद्धांतिक स्वीकृति भी मिल चुकी है। सोसायटी इसके लिए उन्होंने पिलखनी औद्योगिक क्षेत्र में 1522 वर्ग मीटर जमीन भी ली है, लेकिन अभी भी उनका प्रयास धरातल पर नहीं उतर सका है।
विज्ञापन

यह मिलेंगी सुविधाएं
प्रस्तावित कॉमन फेसिलिटी सेंटर में नवीनतम तकनीक युक्त मशीनें लगाई जाएंगी। जिसमें जूते की डिजाइनिंग, सिलाई, लास्टिंग आदि का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा। उद्यमी सस्ते रेट पर अपना काम सीएफसी की आधुनिक मशीनों से करा सकेंगे। इसमें रॉ मैटीरियल बैंक भी प्रस्तावित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां होता है जूता बनाने का कार्य
महानगर के कई क्षेत्राें में जूता बनाने का कार्य अधिक होता है। इनमें जाटव नगर, आदर्श नगर, किशनपुरा, मैदा मिल फाटक, शारदा नगर, रामघाट, जेल चुंगी, शेखपुरा, इंदिरा काॅलोनी आदि शामिल हैं। यहां पर घरों और छोटी इकाइयों में कारीगर जूता बनाने का काम करते हैं।

यह बोले उद्यमी :
सुगत सोशल वेलफेयर सोसायटी लंबे समय से सीएफसी निर्माण के लिए प्रयासरत है, लेकिन कई दिक्कतों के चलते अभी तक यह धरातल पर नहीं आ सका है। इसके लिए न सिर्फ कई वर्ष पहले सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई थी, बल्कि पिलखनी औद्योगिक क्षेत्र में 1255 वर्ग मीटर जमीन भी खरीदी जा चुकी है।
- प्रवीण कर्दम, अध्यक्ष, सुगत सोशल वेलफेयर सोसायटी
जूता उद्योग के लिए सीएफसी बनाने वाली संस्था को प्लाट तो अलाट हो गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक रजिस्ट्री नहीं कराई है। रजिस्ट्री होने के बाद इसका कार्य आगे बढे़गा।

- वीके कौशल, उपायुक्त उद्योग

जूता उद्योग के सीएफसी बनाने के लिए शासन से जिस भी मदद की आवश्यकता होगी उसे दिलायी जाएगी। जिले के औद्योगिक विकास में किसी भी अड़चन को आडे़ नहीं आने दिया जाएगा। यह शासन की प्राथमिकता है।
- जसवंत सैनी, राज्यमंत्री औद्योगिक विकास विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed