{"_id":"6033fce38ebc3ee93d714b98","slug":"apart-from-breathtaking-promises-nothing-new-in-the-budget-bsp-mp-saharanpur-news-mrt526702124","type":"story","status":"publish","title_hn":"लुभावने वादों के अलावा बजट में कुछ नया नहीं : बसपा सांसद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लुभावने वादों के अलावा बजट में कुछ नया नहीं : बसपा सांसद
विज्ञापन
सहारनपुर। बसपा सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने उत्तर प्रदेश सरकार के बजट को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि बजट से लोगों का भला होने वाला नहीं है। केंद्र सरकार के बजट की तरह यह भी पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाला है।
सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि किसान, आम आदमी, मजदूर वर्ग के लिए बजट में कुछ नया नहीं है, केवल वादे किए गए हैं। भाजपा ने लोगों को केवल झूठे वादे और दावे दिए हैं। आज प्रदेश का किसान गन्ना भुगतान के लिए परेशान है, लेकिन हर बार बजट में बकाया गन्ना भुगतान की घोषणा ही की जाती है। कृषि कानूनों की वापसी के लिए अन्नदाता सड़कों पर शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन कर रहा है। किसानों की आवाज को दबाने के किए षड्यंत्र किया जा रहा है। अब हिंदू मुस्लिम की राजनीति करके भाजपा लाभ नहीं ले सकती है। क्योंकि लोगों की लाशों पर सियासत करने के दिन अब चले गए। भाजपा को लोगों की बातों का जवाब देना होगा।
----
बसपा एमएलसी ने उठाया किसानों का मुद्दा
सहारनपुर। बसपा के विधान परिषद सदस्य महमूद अली के अलावा भीमराव आंबेडकर, सुरेश कुमार कश्यप, अतर सिंह राव और दिनेश चंद्रा ने विधान परिषद में किसान आंदोलन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विधान परिषद में समस्त कार्यवाही रोककर इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे किसानों पर यूपी पुलिस द्वारा दमनकारी कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली बॉर्डर पर जा रहे किसानों को सीमावर्ती क्षेत्रोें में बेरीकेडिंग पुलिस द्वारा लगा दी गई तथा दिल्ली जाने से रोका गया। किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प में कई किसान घायल हुए और किसानों की मौत तक हुईं। उस घटना के घायल और मृतकों के आश्रितों को कोई राहत अथवा मुआवजा नहीं दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि किसान, आम आदमी, मजदूर वर्ग के लिए बजट में कुछ नया नहीं है, केवल वादे किए गए हैं। भाजपा ने लोगों को केवल झूठे वादे और दावे दिए हैं। आज प्रदेश का किसान गन्ना भुगतान के लिए परेशान है, लेकिन हर बार बजट में बकाया गन्ना भुगतान की घोषणा ही की जाती है। कृषि कानूनों की वापसी के लिए अन्नदाता सड़कों पर शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन कर रहा है। किसानों की आवाज को दबाने के किए षड्यंत्र किया जा रहा है। अब हिंदू मुस्लिम की राजनीति करके भाजपा लाभ नहीं ले सकती है। क्योंकि लोगों की लाशों पर सियासत करने के दिन अब चले गए। भाजपा को लोगों की बातों का जवाब देना होगा।
विज्ञापन
----
बसपा एमएलसी ने उठाया किसानों का मुद्दा
सहारनपुर। बसपा के विधान परिषद सदस्य महमूद अली के अलावा भीमराव आंबेडकर, सुरेश कुमार कश्यप, अतर सिंह राव और दिनेश चंद्रा ने विधान परिषद में किसान आंदोलन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विधान परिषद में समस्त कार्यवाही रोककर इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे किसानों पर यूपी पुलिस द्वारा दमनकारी कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली बॉर्डर पर जा रहे किसानों को सीमावर्ती क्षेत्रोें में बेरीकेडिंग पुलिस द्वारा लगा दी गई तथा दिल्ली जाने से रोका गया। किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प में कई किसान घायल हुए और किसानों की मौत तक हुईं। उस घटना के घायल और मृतकों के आश्रितों को कोई राहत अथवा मुआवजा नहीं दिया गया।
विज्ञापन