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Saharanpur News: विवादों के बीच दारुल उलूम में 28 फरवरी को होगी मजलिस-ए-शूरा की बैठक
Sun, 25 Feb 2024 01:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 25 Feb 2024 01:30 AM IST
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देवबंद। विवादों के बीच दारुल उलूम की सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा (एग्जीक्यूटिव कमेटी) की तीन दिवसीय बैठक का आयोजन 28 फरवरी से होगा। माना जा रहा है कि इसमें शूरा सदस्य गजवा-ए-हिंद के मुद्दे को उठाने वाले राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को लेकर कोई निर्णय ले सकते हैं।
दारुल उलूम के मेहमानखाने में शैक्षिक सुधार को लेकर आयोजित होने वाली मजलिस-ए-शूरा की तीन दिवसीय होगा। संस्था के तंजीम-ओ-तरक्की विभाग के उपप्रभारी अशरफ उस्मानी ने बताया कि बैठक का आयोजन 28 फरवरी से 1 मार्च तक होगा। इसमें शिक्षा, बच्चों के रहन सहन, अध्यापकों सहित शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जाएगा, साथ ही व्यवस्थाओं को ओर अधिक बेहतर बनाने को लेकर निर्णय लिए जाएंगे। वहीं, बताया जाता है कि शूरा की बैठक में गजवा-ए-हिंद के मुद्दे पर भी गंभीरता से विचार मंथन किया जाएगा। माना जा रहा है कि देश के कोने कोने से आने वाले मजलिस-ए-शूरा के सदस्य एनसीपीसीआर द्वारा गजवा-ए-हिंद का मुद्दा उठाने को लेकर कोई ठोस फैसला कर सकते हैं।
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दारुल उलूम के मेहमानखाने में शैक्षिक सुधार को लेकर आयोजित होने वाली मजलिस-ए-शूरा की तीन दिवसीय होगा। संस्था के तंजीम-ओ-तरक्की विभाग के उपप्रभारी अशरफ उस्मानी ने बताया कि बैठक का आयोजन 28 फरवरी से 1 मार्च तक होगा। इसमें शिक्षा, बच्चों के रहन सहन, अध्यापकों सहित शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जाएगा, साथ ही व्यवस्थाओं को ओर अधिक बेहतर बनाने को लेकर निर्णय लिए जाएंगे। वहीं, बताया जाता है कि शूरा की बैठक में गजवा-ए-हिंद के मुद्दे पर भी गंभीरता से विचार मंथन किया जाएगा। माना जा रहा है कि देश के कोने कोने से आने वाले मजलिस-ए-शूरा के सदस्य एनसीपीसीआर द्वारा गजवा-ए-हिंद का मुद्दा उठाने को लेकर कोई ठोस फैसला कर सकते हैं।
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