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Saharanpur News: नगर निगम की गजब कहानी, नौकरी मां की और बेटा पिला रहा पानी

Tue, 31 Oct 2023 01:17 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 31 Oct 2023 01:17 AM IST
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Amazing story of Municipal Corporation, mother's job and son's drinking water
सहारनपुर। नगर निगम में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जहां नौकरी मां की है तो उसके स्थान पर ड्यूटी बेटा कर रहा है। नौकरी बहन की है तो भाई ड्यूटी करता है। हैरानी की बात यह है कि अधिकारियों के कार्यालय में यह सब खेल लंबे अरसे से चल रहा है। ऐसे एक या दो केस नहीं, बल्कि चार केस हैं। ये सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। हां इतना जरूर है कि बायोमेट्रिक हाजिरी होने की वजह से सुबह के समय असली कर्मचारी कुछ देर को आते हैं और हाजिरी लगाकर निकल लेते हैं। फिर दिन भर उनके परिवार के सदस्य ड्यूटी करते हैं। अमर उजाला की पड़ताल में यह चौकाने वाला खुलासा हुआ है।
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केस : 1
नगरायुक्त कार्यालय में पिछले कुछ दिनों से चर्चा का दौर था कि नौकरी किसी की है और उसके स्थान पर ड्यूटी कोई ओर करता है। अमर उजाला ने इसे लेकर पड़ताल की। रिपोर्टर ने सबसे पहले एक युवक के बारे में जानकारी जुटाई, जो नगरायुक्त कार्यालय में पिछले आठ साल से ड्यूटी कर रहा है। बातचीत के दौरान उसके साथी कर्मचारी ने बताया कि यह नौकरी युवक की मां की है, लेकिन उसकी मां बीमार रहती है, जिस कारण वह उसकी ड्यूटी करता है। हालांकि बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के लिए सुबह के समय उसकी मां ही आती है।
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केस : 2
इसी तरह नगर निगम के जलकल विभाग में एक महिला अपने पति की जगह मृतक आश्रित में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तौर पर नौकरी पाई थी, लेकिन बीते करीब चार साल से उसका भाई उसकी जगह नौकरी कर रहा है। वर्तमान में उसकी तैनाती लेखा विभाग में है। महिला भी सुबह के समय केवल हाजिरी लगाने आती है। साथी कर्मचारियों ने बताया कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, जिसकी वजह से वह कार्य करने में सक्षम नहीं थी। इसलिए वर्षों से उसका भाई ड्यूटी कर रहा है।
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केस : 3
गृह कर विभाग में नईम नाम का युवक बीते करीब पांच साल से नौकरी कर रहा है। नईम ने बताया कि मां की तबीयत ठीक नहीं रहती उसके घुटनों में दर्द रहता है। वह सुबह हाजिरी लगाकर चली जाती है। इसके बाद वह मां के स्थान पर ड्यूटी करता है। इसी तरह निर्माण विभाग में भी एक युवक अपने पिता की जगह मृतक आश्रित में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तौर पर तैनात हुआ था, लेकिन उसका भी भाई ही कई साल से नौकरी कर रहा है।
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ऐसे तो सुरक्षित नहीं हैं महत्वपूर्ण फाइलें

दूसरे के स्थान पर ड्यूटी देने वाले यह कर्मचारी नगर निगम के महत्वपूर्ण विभागों जैसे नगरायुक्त कार्यालय, लेखा विभाग, गृह कर विभाग और निर्माण विभाग में हैं, जो केवल पानी पिलाने और चाय पिलाने तक सीमित नहीं हैं। यह वर्षों से महत्वपूर्ण फाइलों को भी इस पटल से उस पटल तक ले जाते और लाते रहे हैं। सवाल यह है कि जिस व्यक्ति का नाम कर्मचारी के तौर पर अंकित नहीं है उसके हाथों में महत्वपूर्ण फाइलें देना कितना उचित है।
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कोई व्यक्ति अपनी मां, बहन या भाई की जगह नौकरी कर रहा है ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो वह बेहद गंभीर है। मामले की जांच कराकर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

- एसके तिवारी, प्रभारी कार्मिक/अपर नगरायुक्त
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जो भी कर्मचारी अधिकारियों की आंखों में धूल झोंक कर अपने परिजनों से काम करा रहा है। ऐसे कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। क्योंकि यह बेहद गंभीर मामला है। मामले की जांच कराकर संंबंधित को बर्खास्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. अजय कुमार, महापौर
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