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Saharanpur News: सफाई के दावे तमाम, ग्रामीणों इलाकों में व्यवस्था धड़ाम
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देवबंद के हुलासगढ़ गांव में सड़क किनारे पसरी गंदगी
अमर उजाला पड़ताल:-
-- जनपद में 11 ब्लॉक में 884 ग्राम पंचायत, 1558 सफाई कर्मचारी, 28 लाख की आबादी
-- ग्राम पंचायतों से नदारद रहते हैं सफाई कर्मचारी, गंदगी की वजह से संक्रामक रोगों का खतरा
फोटो समाचार
अभिमन्यु वालिया
सहारनपुर। जिले के 11 विकासखंडों में 884 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें 28 लाख की आबादी रहती है। इनमें 1558 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता के तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीन स्तर पर दावे धड़ाम नजर आते हैं। अमर उजाला ने स्थिति देखी तो कई ग्राम पंचायतों में कूड़े के ढेर लगे मिले, जिनसे संक्रामक रोगों का खतरा बना है। ग्रामीण भी आरोप भी लगा रहे हैं कि सफाई कर्मचारी ड्यूटी से नदारद रहते हैं। सफाई कर्मचारियों ने सहायकों को रखा हुआ है, वो भी पूरी तरह सफाई नहीं करते हैं, जिसकी ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसी पर प्रस्तुत है रिपोर्ट....संवाद
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जगह-जगह लगे हैं गंदगी के ढेर
तीतरों की ग्राम पंचायत महंगी में तैनात सफाई कर्मचारियों ने सहायक रखे हुए हैं, जो सफाई में पूरी तरह लापरवाही बरतते हैं, जिस कारण गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। ग्रामीण महेंद्र सिंह कोरी का आरोप है कि सफाई कर्मचारियों ने सहायकों को रखा है। उनसे प्रतिदिन दो से चार घंटे ही काम कराते है। इस कारण गांव में सफाई कार्य पूरा नहीं हो पाता है। सरकारी सफाई कर्मचारी सप्ताह में एक बार ही आता है और वह भी सफाई नहीं करते।
सफाई नहीं, मनमर्जी करते हैं सफाई कर्मचारी
देवबंद क्षेत्र के गांव खेड़ामुगल गांव में कई जगह गंदगी पड़ी हुई दिखाई दी। यहां के निवासी मन्नान सलमानी ने बताया कि सफाई कर्मचारी आते तो हैं, लेकिन मनमर्जी से काम करते हैं। ग्रामीणों की नहीं सुनते और पूरी तरह सफाई किए बिना ही चले जाते हैं। इस वजह से जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे होने से गांव में संक्रामक रोगों का खतरा बना है। तालाब के चारों ओर भी गंदगी के ढेर लगे हैं, जिनमें मच्छर पनप रहे हैं। गांव नाफेपुर में सड़क पर ही गंदगी के अंबार लगे हैं। ग्रामीण इखलाख का कहना है कि कई बार एसडीएम देवबंद से शिकायत की, लेकिन समस्या का हल नहीं निकल सका। गांव में दो सफाईकर्मी तैनात हैं, लेकिन वे भी कई-कई दिन तक नहीं आते हैं।
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सप्ताह में एक दिन आता है सफाई कर्मचारी
अंबेहटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिरसला में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। यहां के दवा कारोबारी अजहर खान का कहना है कि गांव में सफाई कर्मी सप्ताह में केवल एक दिन शुक्रवार को ही आते हैं। इस कारण पूरे सप्ताह गांव में जगह-जगह गंदगी फैली रहती है। वहीं, यह ग्राम पंचायतें तो उदाहरण मात्र है। ऐसी स्थित नागल, मुजफ्फराबाद, सढ़ौली कदीम, नकुड़, सरसावा और पुवांरका ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में देखने को मिली है।
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वर्जन:-
नियमित सफाई कराई जाती है। इसके लिए ग्राम प्रधानों की जवाबदेही तय की गई है। अगर कहीं सफाई कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-- -आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी
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फोटो समाचार
अभिमन्यु वालिया
सहारनपुर। जिले के 11 विकासखंडों में 884 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें 28 लाख की आबादी रहती है। इनमें 1558 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता के तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीन स्तर पर दावे धड़ाम नजर आते हैं। अमर उजाला ने स्थिति देखी तो कई ग्राम पंचायतों में कूड़े के ढेर लगे मिले, जिनसे संक्रामक रोगों का खतरा बना है। ग्रामीण भी आरोप भी लगा रहे हैं कि सफाई कर्मचारी ड्यूटी से नदारद रहते हैं। सफाई कर्मचारियों ने सहायकों को रखा हुआ है, वो भी पूरी तरह सफाई नहीं करते हैं, जिसकी ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसी पर प्रस्तुत है रिपोर्ट....संवाद
जगह-जगह लगे हैं गंदगी के ढेर
तीतरों की ग्राम पंचायत महंगी में तैनात सफाई कर्मचारियों ने सहायक रखे हुए हैं, जो सफाई में पूरी तरह लापरवाही बरतते हैं, जिस कारण गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। ग्रामीण महेंद्र सिंह कोरी का आरोप है कि सफाई कर्मचारियों ने सहायकों को रखा है। उनसे प्रतिदिन दो से चार घंटे ही काम कराते है। इस कारण गांव में सफाई कार्य पूरा नहीं हो पाता है। सरकारी सफाई कर्मचारी सप्ताह में एक बार ही आता है और वह भी सफाई नहीं करते।
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सफाई नहीं, मनमर्जी करते हैं सफाई कर्मचारी
देवबंद क्षेत्र के गांव खेड़ामुगल गांव में कई जगह गंदगी पड़ी हुई दिखाई दी। यहां के निवासी मन्नान सलमानी ने बताया कि सफाई कर्मचारी आते तो हैं, लेकिन मनमर्जी से काम करते हैं। ग्रामीणों की नहीं सुनते और पूरी तरह सफाई किए बिना ही चले जाते हैं। इस वजह से जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे होने से गांव में संक्रामक रोगों का खतरा बना है। तालाब के चारों ओर भी गंदगी के ढेर लगे हैं, जिनमें मच्छर पनप रहे हैं। गांव नाफेपुर में सड़क पर ही गंदगी के अंबार लगे हैं। ग्रामीण इखलाख का कहना है कि कई बार एसडीएम देवबंद से शिकायत की, लेकिन समस्या का हल नहीं निकल सका। गांव में दो सफाईकर्मी तैनात हैं, लेकिन वे भी कई-कई दिन तक नहीं आते हैं।
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सप्ताह में एक दिन आता है सफाई कर्मचारी
अंबेहटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिरसला में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। यहां के दवा कारोबारी अजहर खान का कहना है कि गांव में सफाई कर्मी सप्ताह में केवल एक दिन शुक्रवार को ही आते हैं। इस कारण पूरे सप्ताह गांव में जगह-जगह गंदगी फैली रहती है। वहीं, यह ग्राम पंचायतें तो उदाहरण मात्र है। ऐसी स्थित नागल, मुजफ्फराबाद, सढ़ौली कदीम, नकुड़, सरसावा और पुवांरका ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में देखने को मिली है।
वर्जन:-
नियमित सफाई कराई जाती है। इसके लिए ग्राम प्रधानों की जवाबदेही तय की गई है। अगर कहीं सफाई कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

देवबंद के हुलासगढ़ गांव में सड़क किनारे पसरी गंदगी