सहारनपुर। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ का राज्य कर्मचारी स्वाभिमान रक्षा सम्मेलन शुक्रवार को जनमंच प्रेक्षागृह में हुआ। कर्मचारी नेताओं ने एक ओर जहां राज्य सरकार पर उदासीनतापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। वहीं हक और सम्मान के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष नीरज कुमार भटनागर ने कहा कि प्रदेश के विकास में कर्मचारी संगठनों की अहम भूमिका है। वर्तमान समय में सरकार का उदासीनतापूर्ण रवैया कर्मचारियों में आक्रोश पैदा कर रहा है। पुरानी पेंशन बहाली के साथ ही वेतन विसंगतियों के निवारण, कोविड-19 के कारण बंद किए गए भत्तों को बहाल करने और नियम विरुद्ध स्थानांतरण के विरोध में आवाज उठाई जाती रही है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। अध्यक्षता कर रहे यूपी पब्लिक मेडिकल हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देव कुमार ने कहा कि आज राज्य कर्मचारियों के स्वाभिमान और अस्तित्व का सवाल है। इसे बचाने के लिए कर्मचारियों को अलग-अलग धड़ों में न बंटकर एकता का परिचय देना होगा। विनय जैन, संजीव शर्मा, योगेंद्र कुमार ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई। सिंचाई विभाग के हर्षवर्धन, शिव कुमार गौतम, नीरज कुमार ने ग्रेच्युटी की अधिकतम धनराशि सीमा बढ़ाने की मांग रखी। उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विस एसोसिएशन के जिला सचिव अमर गुप्ता, सरदार मंदीप सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष बाबूराम कश्यप ने भी अपनी बात रखी। संचालन शशि कुमार सैनी ने किया।