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Saharanpur News: आजादी के बाद पश्चिम में नौ बार बनीं महिला सांसद
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- सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बागपत लोकसभा में कभी नहीं मिला प्रतिनिधित्व
- कैराना में चार, बिजनौर में तीन और मेरठ में दो बार रहीं महिला सांसद
विनीत तोमर
सहारनपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर पश्चिम यूपी में कुछ राजनीतिक दलों ने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं, जबकि अधिकतर की घोषणा होनी बाकी है। जिसमें राजनीति के एक से बढ़कर एक धुरंधर मैदान में आएंगे। पश्चिम यूपी के छह जिलों में लोकसभा चुनाव के पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो आजादी के बाद से मेरठ, बिजनौर और कैराना सीट से आज तक केवल नौ महिलाएं लोकसभा में पहुंची हैं। वहीं सहारनपुर, बागपत और मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर कभी भी कोई महिला सांसद नहीं बन सकी। मेरठ से मोहसिना किदवई दो बार सांसद रहीं। बिजनौर से बसपा सुप्रीम मायावती से लेकर मीरा कुमार और ओमवती लोकसभा तक पहुंचीं। इसी तरह कैराना सीट पर गायत्री देवी, अनुराधा चौधरी और दो बार तबस्सुम हसन सांसद बनीं।
- मेरठ लोकसभा :
वर्ष विजेता पार्टी
1980 : मोहसिना किदवई कांग्रेस
1984 : मोहसिना किदवई कांग्रेस
- कैराना लोकसभा सीट :
1980 : गायत्री देवी जनता पार्टी (एस)
2004 : अनुराधा चौधरी रालोद/सपा
2009 : तबस्सुम हसन बसपा
2018 : तबस्सुम हसन रालोद/सपा
- बिजनौर लोकसभा :
1985 : मीरा कुमार कांग्रेस
1989 : मायावती बसपा
1998 : ओमवती सपा
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सहारनपुर, मेरठ और गाजियाबाद में संशय बरकरार
भाजपा ने पिछले दिनों अपनी पहली सूची में कई लोकसभा में अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है, लेकिन सहारनपुर, मेरठ और गाजियाबाद को लेकर संशय बरकरार है। हालांकि तीनों ही लोकसभा में काफी दावेदारों के नाम चल रहे हैं। जो अपने-अपने दांवपेच आजमाने पर लगे हुए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा की दूसरी सूची में इन सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा हो जाएगी।
विधानसभा चुनाव में रहती है ज्यादा भागीदारी
लोकसभा चुनाव की अपेक्षा विधानसभा चुनाव में महिलाओं की भागीदारी ज्यादा रहती है। सहारनपुर की बात करें तो 1962 में कांग्रेस के टिकट पर सरसावा से शकुंतला देवी ने चुनाव में जीत हासिल की थी। वह चार बार विधायक चुनावी गई। बिमला राकेश छह बार, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती दो बार, सत्ता देवी, रानी देवलता और शशिबाला पुंडीर एक-एक बार विधायक चुनीं गईं। कुल मिलाकर सहारनपुर में 15 बार महिला विधायक चुनी गई। इसी तरह पश्चिम के अन्य जिलों में भी काफी महिला विधायक रह चुकीं हैं।
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- कैराना में चार, बिजनौर में तीन और मेरठ में दो बार रहीं महिला सांसद
विनीत तोमर
सहारनपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर पश्चिम यूपी में कुछ राजनीतिक दलों ने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं, जबकि अधिकतर की घोषणा होनी बाकी है। जिसमें राजनीति के एक से बढ़कर एक धुरंधर मैदान में आएंगे। पश्चिम यूपी के छह जिलों में लोकसभा चुनाव के पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो आजादी के बाद से मेरठ, बिजनौर और कैराना सीट से आज तक केवल नौ महिलाएं लोकसभा में पहुंची हैं। वहीं सहारनपुर, बागपत और मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर कभी भी कोई महिला सांसद नहीं बन सकी। मेरठ से मोहसिना किदवई दो बार सांसद रहीं। बिजनौर से बसपा सुप्रीम मायावती से लेकर मीरा कुमार और ओमवती लोकसभा तक पहुंचीं। इसी तरह कैराना सीट पर गायत्री देवी, अनुराधा चौधरी और दो बार तबस्सुम हसन सांसद बनीं।
- मेरठ लोकसभा :
वर्ष विजेता पार्टी
1980 : मोहसिना किदवई कांग्रेस
1984 : मोहसिना किदवई कांग्रेस
- कैराना लोकसभा सीट :
1980 : गायत्री देवी जनता पार्टी (एस)
2004 : अनुराधा चौधरी रालोद/सपा
2009 : तबस्सुम हसन बसपा
2018 : तबस्सुम हसन रालोद/सपा
- बिजनौर लोकसभा :
1985 : मीरा कुमार कांग्रेस
1989 : मायावती बसपा
1998 : ओमवती सपा
सहारनपुर, मेरठ और गाजियाबाद में संशय बरकरार
भाजपा ने पिछले दिनों अपनी पहली सूची में कई लोकसभा में अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है, लेकिन सहारनपुर, मेरठ और गाजियाबाद को लेकर संशय बरकरार है। हालांकि तीनों ही लोकसभा में काफी दावेदारों के नाम चल रहे हैं। जो अपने-अपने दांवपेच आजमाने पर लगे हुए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा की दूसरी सूची में इन सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा हो जाएगी।
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विधानसभा चुनाव में रहती है ज्यादा भागीदारी
लोकसभा चुनाव की अपेक्षा विधानसभा चुनाव में महिलाओं की भागीदारी ज्यादा रहती है। सहारनपुर की बात करें तो 1962 में कांग्रेस के टिकट पर सरसावा से शकुंतला देवी ने चुनाव में जीत हासिल की थी। वह चार बार विधायक चुनावी गई। बिमला राकेश छह बार, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती दो बार, सत्ता देवी, रानी देवलता और शशिबाला पुंडीर एक-एक बार विधायक चुनीं गईं। कुल मिलाकर सहारनपुर में 15 बार महिला विधायक चुनी गई। इसी तरह पश्चिम के अन्य जिलों में भी काफी महिला विधायक रह चुकीं हैं।
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