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Saharanpur News: चार मौत के बाद टूटी नींद, पुलिस तैनात, नहाने पर पाबंदी
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सहारनपुर। पूर्वी यमुना नहर में चार युवकों की नहाते समय डूबने से मौत के बाद आखिरकार अफसरों की नींद टूट गई। एक ओर से सिंचाई विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना किया, वहीं दूसरी ओर पीआरवी के सिपाही तैनात रहे। इसके चलते मंगलवार को नहर में नहाने के लिए युवक नहीं पहुंचे।
सोमवार को चिलकाना रोड पर गांव हलालपुर स्थित पूर्वी यमुना नहर में चार युवकों की डूबकर मौत हो गई थी। इनकी पहचान कलीम, जुबैर, साकिब और अदनान के रूप में हुई थी। चार युवक अलग-अलग कॉलोनियों के रहने वाले थे। साकिब व अदनान फलों की रेहड़ी लगाते थे, जबकि कलीम व जुबैर दोनों दोस्त थे और वुडकार्विंग का काम करते थे। हादसे के बाद हरकत में आए और मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचे। यहां सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने सर्वे किया और उसकी रिपोर्ट बनाई। इतना ही नहीं पुलिस की पीआरवी भी तैनात रही। चौकी के पास लगा बोर्ड को उतारा गया। उसे नहर किनारे पेड़ों पर लगाया गया, ताकि नहाने आने वाले युवक पढ़ सके। हादसे के डर से नहर पर सन्नाटा रहा।
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-- मौत की छलांग लगा रहे युवा
भले ही पुलिस ने हलालपुर पूर्वी यमुना नहर में नहाने पर पाबंदी लगा दी हो, लेकिन अंबाला रोड पर उसी नहर में युवक मौत की छलांग लगा रहे हैं। यहां हादसे का डर दिखाई नहीं दिया। हाल यह है कि नहर में हर वर्ष हादसे में कोई न कोई मौत के मुंह में चला जाता है।
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-- यह हैं नहाने के स्थान
महानगर में हलालपुर, अंबाला रोड और मानकमऊ हैं। इनके अलावा देहात क्षेत्र में पूर्वी यमुना नहर के किनारे बसे गांव फतेहपुर टांडा, नूरपुर भरावड़, मिर्जापुर में नौशेरा व रायपुर, बेहट में गंदेवड़, कलसिया व मलकपुर, नगला पुल पर लोग पूर्वी यमुना नहर में नहाते हैं। इन स्थानों पर सुरक्षा के उपाय नाकाफी हैं।
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सोमवार को चिलकाना रोड पर गांव हलालपुर स्थित पूर्वी यमुना नहर में चार युवकों की डूबकर मौत हो गई थी। इनकी पहचान कलीम, जुबैर, साकिब और अदनान के रूप में हुई थी। चार युवक अलग-अलग कॉलोनियों के रहने वाले थे। साकिब व अदनान फलों की रेहड़ी लगाते थे, जबकि कलीम व जुबैर दोनों दोस्त थे और वुडकार्विंग का काम करते थे। हादसे के बाद हरकत में आए और मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचे। यहां सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने सर्वे किया और उसकी रिपोर्ट बनाई। इतना ही नहीं पुलिस की पीआरवी भी तैनात रही। चौकी के पास लगा बोर्ड को उतारा गया। उसे नहर किनारे पेड़ों पर लगाया गया, ताकि नहाने आने वाले युवक पढ़ सके। हादसे के डर से नहर पर सन्नाटा रहा।
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भले ही पुलिस ने हलालपुर पूर्वी यमुना नहर में नहाने पर पाबंदी लगा दी हो, लेकिन अंबाला रोड पर उसी नहर में युवक मौत की छलांग लगा रहे हैं। यहां हादसे का डर दिखाई नहीं दिया। हाल यह है कि नहर में हर वर्ष हादसे में कोई न कोई मौत के मुंह में चला जाता है।
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महानगर में हलालपुर, अंबाला रोड और मानकमऊ हैं। इनके अलावा देहात क्षेत्र में पूर्वी यमुना नहर के किनारे बसे गांव फतेहपुर टांडा, नूरपुर भरावड़, मिर्जापुर में नौशेरा व रायपुर, बेहट में गंदेवड़, कलसिया व मलकपुर, नगला पुल पर लोग पूर्वी यमुना नहर में नहाते हैं। इन स्थानों पर सुरक्षा के उपाय नाकाफी हैं।