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Saharanpur News: फरवरी तक तैयार होंगे प्रशासनिक व अकादमिक भवन और वीसी आवास
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विश्व विद्यालय का निर्माणधीन भवन
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय की स्थापना को आज एक वर्ष पूर्ण हो चुका है। इस एक वर्ष में विश्वविद्यालय ने कई महत्वपूर्ण कार्यों को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपने हाथ में ले लिया है। सबसे खास और महत्वपूर्ण कार्य विश्वविद्यालय के लिए भवनों के निर्माण का है। वर्तमान में प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन और कुलपति आवास के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसके फरवरी 2023 तक पूर्ण होने की संभावना कुलपति ने जताई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिसंबर 2021 को मां शाकंभरी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया था। विश्वविद्यालय भवन निर्माण की बात करें तो 50 एकड़ भूमि पर विश्वविद्यालय भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके अंतर्गत प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन और कुलपति आवास का निर्माण कार्य पर अधिक फोकस है। इस कार्य को फरवरी 2023 तक पूर्ण हो जाने की उम्मीद है।
सेमेस्टर परीक्षाएं कराईं
सहारनपुर। बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों के अभाव के होते हुए विश्वविद्यालय ने स्नातक, परास्नातक (संस्थागत एवं व्यक्तिगत) के साथ ही सेेमेस्टर परीक्षाएं संपन्न कर्राइं। परीक्षाओं का परिणाम का रिकॉर्ड घोषित किया गया। कई परीक्षाओं का परिणाम जारी भी किया जा चुका है। विश्वविद्यालय द्वारा बताया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 से विश्वविद्यालय द्वारा अपने स्तर से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई, जो महत्वपूर्ण कार्य है। अधिकांश पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए शोध केंद्रों का निर्धारण एवं शोध पर्यवेक्षक अनुमोदन की प्रक्रिया चल रही है। पीएचडी के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रस्तावित है। विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक गतिविधियों को शुरू करने के उद्देश्य से विभिन्न शैक्षणिक विभागों की स्थापना के लिए विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की अनुमति के आधार पर शासन को प्रस्ताव प्रेषित करने की प्रक्रिया चल रही है। स्नातक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू कर दिया गया है तथा अन्य पाठ्यक्रमों में प्रभावी करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके क्रियान्वयन से युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के बेहतर विकल्प मिलेंगे। विश्वविद्यालय द्वारा शारीरिक शिक्षा एवं विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं भी कराई गई हैं।
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कर्मचारियों की भारी कमी
विश्वविद्यालय के शिलान्यास के तुरंत बाद शासन ने कुलपति, कुलसचिव और सहायक कुलसचिव की तैनाती कर दी थी, लेकिन इनके अलावा विश्वविद्यालय को अन्य कोई कर्मचारी अभी तक नहीं मिला है। ऐेसे में कुलपति महाविद्यालयों के प्रोफेसर्स और कर्मचारियों क सहयोग से गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अनुभवी एवं कुशल कार्मिकों की कमी एक बड़ी चुनौती है। शासन से कर्मचारियों व अधिकारियों के पर्याप्त पदों के सृजन एवं नियुक्ति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
चार नए महाविद्यालय जुड़े
विश्वविद्यालय के कार्य क्षेत्र में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जनपद आते हैं, जिनके 215 महाविद्यालय विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। वर्तमान शैक्षणिक सत्र से चार नए महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय द्वारा संबद्धता प्रदान कर दी गई है। जिसके बाद संबद्ध महाविद्यालयों की संख्या 219 हो गई है।
-विश्वविद्यालय ने बीते एक साल में कई महत्वपूर्ण कार्य अपने हाथ में लिए हैं, जिनमें प्रवेश से लेकर परीक्षाएं तक शामिल हैं। संसाधनों और कर्मचारियों की कमी के बावजूद हम सफलता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। निर्माण कार्यों की बात करें तो प्रशासनिक, अकादमिक भवन तथा कुलपति आवास फरवरी तक पूर्ण हो जाएंगे।
- प्रो. एचएस सिंह, कुलपति, मां शाकंभरी विश्वविद्यालय।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिसंबर 2021 को मां शाकंभरी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया था। विश्वविद्यालय भवन निर्माण की बात करें तो 50 एकड़ भूमि पर विश्वविद्यालय भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके अंतर्गत प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन और कुलपति आवास का निर्माण कार्य पर अधिक फोकस है। इस कार्य को फरवरी 2023 तक पूर्ण हो जाने की उम्मीद है।
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सेमेस्टर परीक्षाएं कराईं
सहारनपुर। बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों के अभाव के होते हुए विश्वविद्यालय ने स्नातक, परास्नातक (संस्थागत एवं व्यक्तिगत) के साथ ही सेेमेस्टर परीक्षाएं संपन्न कर्राइं। परीक्षाओं का परिणाम का रिकॉर्ड घोषित किया गया। कई परीक्षाओं का परिणाम जारी भी किया जा चुका है। विश्वविद्यालय द्वारा बताया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 से विश्वविद्यालय द्वारा अपने स्तर से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई, जो महत्वपूर्ण कार्य है। अधिकांश पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए शोध केंद्रों का निर्धारण एवं शोध पर्यवेक्षक अनुमोदन की प्रक्रिया चल रही है। पीएचडी के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रस्तावित है। विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक गतिविधियों को शुरू करने के उद्देश्य से विभिन्न शैक्षणिक विभागों की स्थापना के लिए विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की अनुमति के आधार पर शासन को प्रस्ताव प्रेषित करने की प्रक्रिया चल रही है। स्नातक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू कर दिया गया है तथा अन्य पाठ्यक्रमों में प्रभावी करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके क्रियान्वयन से युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के बेहतर विकल्प मिलेंगे। विश्वविद्यालय द्वारा शारीरिक शिक्षा एवं विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं भी कराई गई हैं।
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कर्मचारियों की भारी कमी
विश्वविद्यालय के शिलान्यास के तुरंत बाद शासन ने कुलपति, कुलसचिव और सहायक कुलसचिव की तैनाती कर दी थी, लेकिन इनके अलावा विश्वविद्यालय को अन्य कोई कर्मचारी अभी तक नहीं मिला है। ऐेसे में कुलपति महाविद्यालयों के प्रोफेसर्स और कर्मचारियों क सहयोग से गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अनुभवी एवं कुशल कार्मिकों की कमी एक बड़ी चुनौती है। शासन से कर्मचारियों व अधिकारियों के पर्याप्त पदों के सृजन एवं नियुक्ति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
चार नए महाविद्यालय जुड़े
विश्वविद्यालय के कार्य क्षेत्र में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जनपद आते हैं, जिनके 215 महाविद्यालय विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। वर्तमान शैक्षणिक सत्र से चार नए महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय द्वारा संबद्धता प्रदान कर दी गई है। जिसके बाद संबद्ध महाविद्यालयों की संख्या 219 हो गई है।
-विश्वविद्यालय ने बीते एक साल में कई महत्वपूर्ण कार्य अपने हाथ में लिए हैं, जिनमें प्रवेश से लेकर परीक्षाएं तक शामिल हैं। संसाधनों और कर्मचारियों की कमी के बावजूद हम सफलता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। निर्माण कार्यों की बात करें तो प्रशासनिक, अकादमिक भवन तथा कुलपति आवास फरवरी तक पूर्ण हो जाएंगे।
- प्रो. एचएस सिंह, कुलपति, मां शाकंभरी विश्वविद्यालय।