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चंद्रशेखर को उन्नाव जाने से रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट

Fri, 19 Feb 2021 11:16 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Feb 2021 11:16 PM IST
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Administration alert to stop Chandrasekhar from going to Unnao
चंद्रशेखर के घर के बाहर तैनात पुलिस - फोटो : SAHARANPUR
छुटमलपुर(सहारनपुर)। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को उन्नाव जाने से रोकने के लिए शुक्रवार सुबह उनके घर को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया। तीन थानाध्यक्ष पुलिस और पीएसी के जवान दिनभर चंद्रशेखर के हरिजन कॉलोनी स्थित आवास पर डेरा जमाए रहे। अभिसूचना इकाई के लोग भी पल पल की खबर लेते रहे। प्रशासन की इस कवायद के चलते देर शाम तक चंद्रशेखर उन्नाव तो नहीं गए, लेकिन फेसबुक लाइव होकर उन्होंने पीड़िता किशोरी को एम्स में भर्ती करा उपचार दिलाने की मांग की।
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जनपद उन्नाव के असोहा क्षेत्र के एक गांव में गत बुधवार रात दो किशोरियों के शवों के साथ ही एक किशोरी अचेत अवस्था में मिली थीं। पीड़ित किशोरी का उपचार कानपुर के अस्पताल में चल रहा है। पीड़ित किशोरी के परिजनों से मिलने के लिए चंद्रशेखर आजाद को उन्नाव के लिए रवाना होना था। बृहस्पतिवार रात वह किसी वक्त छुटमलपुर के हरिजन कॉलोनी स्थित अपने आवास पर पहुंचे। उनके उन्नाव कूच की भनक लगते ही शुक्रवार सुबह फतेहपुर थानाध्यक्ष मनोज चौधरी के साथ ही बेहट और मिर्जापुर थानाध्यक्षों को पुलिस तथा पीएसी बल के साथ उनके आवास पर तैनात कर दिया गया।
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फेसबुक लाइव आकर समर्थकों से मांगी मदद
छुटमलपुर। चंद्रशेखर आजाद ने फेसबुक पर लाइव होकर समर्थकों को संबोधित किया। समर्थकों से कहा कि उन्नाव पीड़िता की मदद के लिए पांच पांच ट्वीट करके सरकार पर दबाव बनाने का काम करें। उन्होंने कहा कि हम सब लोग उन्नाव को लेकर चिंतित हैं। दो बच्चियों की जान चली गई तीसरी अस्पताल में है। तीसरी बच्ची को न्याय जरूर मिलेगा इसका मैं वचन देता हूं, लेकिन इसके लिए उसके परिवार के लोगों को उसकी लड़ाई को लड़ना होगा। समर्थक इसमें मदद करें। पुलिस पीड़ित परिवार और बच्ची से मिलने नहीं दे रही है। भीम आर्मी की टीम मौके पर है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाया कि पीड़िता को उन्नाव से कानपुर क्यों भर्ती कराया गया। उन्होंने एयरलिफ्ट कर बच्ची को एम्स में भर्ती कराने की मांग की। समर्थकों से कहा कि यदि आप जिंदा हैं तो जिंदा होने का अहसास कराएं। सरकार इसमें भी नक्सली और पीएफआई का एंगल निकालने का प्रयास कर रही है। सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। मुख्यमंत्री मठ में सो रहे हैं उन्हें बच्चियों की चीखें नहीं सुनाई दे रही हैं। सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि समर्थक पांच पांच ट्वीट करके मुख्यमंत्री को बताएं कि दलित कोई गाजर-मूली नहीं है कि कोई भी उन्हें काट देगा।
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