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दुष्कर्म के आरोपी को अदालत ने सुनाया आजीवन कारावास
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दुष्कर्म के आरोपी मौसा को आजीवन कारावास
सहारनपुर। नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी सगे मौसा को अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट (कक्ष संख्या 14) ललिता गुप्ता के न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 51 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मेघराज सैनी ने बताया कि यह वारदात 27 जून 2019 को रामपुर मनिहारान क्षेत्र के गांव में हुई थी। पीड़िता को उसका मौसा ध्यान सिंह अपने घर लाया था। इसी दौरान आरोपी ने चाकू से आतंकित कर उसके साथ दुष्कर्म किया। 8 नवंबर को लड़की अपने घर चली गई। चार दिसंबर को उसकी तबीयत खराब हुई। चिकित्सक के यहां ले जाने पर जांच में पता चला कि वह गर्भवती है। इसके बाद लड़की ने परिजनों को आपबीती बताई थी। तब लड़की के पिता ने आरोपी ध्यान सिंह और उसकी पत्नी कुंता के खिलाफ रामपुर मनिहारान थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस ने दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी देने और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज होने पर विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट (कक्ष संख्या 14) ललिता गुप्ता की अदालत में हुई। अदालत ने पत्रावली का अवलोकन करने और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी ध्यान सिंह दोषी माना, जबकि उसकी पत्नी कुंता को दोषमुक्त किया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले में ध्यान सिंह को आजीवन कारावास और 51 हजार रुपये अर्थदंड किया गया है। अर्थदंड की आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी।
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सहारनपुर। नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी सगे मौसा को अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट (कक्ष संख्या 14) ललिता गुप्ता के न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 51 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मेघराज सैनी ने बताया कि यह वारदात 27 जून 2019 को रामपुर मनिहारान क्षेत्र के गांव में हुई थी। पीड़िता को उसका मौसा ध्यान सिंह अपने घर लाया था। इसी दौरान आरोपी ने चाकू से आतंकित कर उसके साथ दुष्कर्म किया। 8 नवंबर को लड़की अपने घर चली गई। चार दिसंबर को उसकी तबीयत खराब हुई। चिकित्सक के यहां ले जाने पर जांच में पता चला कि वह गर्भवती है। इसके बाद लड़की ने परिजनों को आपबीती बताई थी। तब लड़की के पिता ने आरोपी ध्यान सिंह और उसकी पत्नी कुंता के खिलाफ रामपुर मनिहारान थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस ने दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी देने और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज होने पर विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट (कक्ष संख्या 14) ललिता गुप्ता की अदालत में हुई। अदालत ने पत्रावली का अवलोकन करने और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी ध्यान सिंह दोषी माना, जबकि उसकी पत्नी कुंता को दोषमुक्त किया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले में ध्यान सिंह को आजीवन कारावास और 51 हजार रुपये अर्थदंड किया गया है। अर्थदंड की आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी।
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