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Saharanpur News: सिंचाई विभाग के सरकारी आवास में युवक ने फंदा लगाकर दी जान
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। देहरादून रोड स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय के साथ ही बने कैंपस स्थित सरकारी आवास में एक युवक ने मानसिक तनाव में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक रोजगार खत्म होने पर वह तनाव में था। आरोप है कि अधिकारियों द्वारा भी सरकारी आवास खाली करने का दबाव बनाया जा रहा था।
सिंचाई विभाग के सरकारी आवास में अर्जुन (22) पुत्र गोवर्धन सिंचाई विभाग कैंपस में चाय की दुकान लगाता था। उसके दादा सिंचाई विभाग में कार्यरत थे। उनके निधन के बाद अर्जुन के चाचा को सरकारी नौकरी मिली थी, जबकि पिता गोवर्धन को विभाग की ओर से पैसा मिला था। अर्जुन अपने परिवार के साथ सिंचाई विभाग कैंपस में बने सरकारी आवास में रहता था। वह काफी समय से चाय की दुकान लगाता था, लेकिन पिछले दिनों कैंप में सरकारी कैंटीन खुल गई, जिसकी वजह से अर्जुन का काम ठप हो गया। उसके भाई रोहित का कहना है कि अधिकारियों ने भाई की दुकान हटवा दी। इसके बाद वह घर से चाय बेचता था। इसको लेकर विभाग के अधिकारियों ने उसे धमकाया था। इसके साथ ही सरकारी आवास खाली करने का भी दबाव बनाया जा रहा था। इसी वजह से अर्जुन मानसिक तनाव में आ गया। शनिवार को उसने सरकारी आवास में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। थाना जनकपुरी पुलिस ने मौक पर पहुंचकर जांच की। थाना जनकपुरी प्रभारी धर्मेंद्र गौतम ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
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भाई का कमरा कर दिया था बंद, परिजनों का रो-रोककर बुरा हाल
अर्जुन के कमरे के बराबर में उसका भाई रोहित रहता था। आत्महत्या करने से पूर्व अर्जुन ने उसका कमरा बंद कर दिया था और कुंडी लगा दी थी। अनहोनी की आशंका के चलते कमरे का दरवाजा तोड़कर देखा तो अर्जुन फंदे पर लटका हुआ था। अर्जुन की मौत से परिजनों का रो-रोककर बुरा हाल है।
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सिंचाई विभाग के कैंपस में सरकारी कैंटीन खुल गई थी। इसके बाद अर्जुन घर से चार बनाकर बेचता था। उसको समझाया गया था कि इस तरह सरकारी कैंटीन नहीं चल पाएगी। अर्जुन पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया।