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सर्दी में जरा सी लापरवाही जान पर पड़ सकती है भारी

Sun, 24 Nov 2019 11:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2019 11:27 PM IST
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A little carelessness in the winter can be a huge death
सहारनपुर। सर्दी ने लोगों पर असर दिखाना शुरू कर दिया है। फिजीशियन की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में बड़ी संख्या में बीपी बढ़ने और हार्ट अटैक की शिकायत के मामले बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो शुरूआती और जाती हुई सर्दी में मरीज लापरवाही कर बैठते हैं, जो कई बार उनकी जान पर भारी पड़ जाती है।
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वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि हमारे शरीर में सर्दियों में केटीकोलामिन का रिसाव बढ़ जाता है, जो ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप को प्रभावित करता है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से ब्रेन हैमरेज और हार्टअटैक का खतरा रहता है। ब्लड प्रेशर या दिल के अन्य मरीजों के लिए सर्दियों में सुबह चार बजे से 10 बजे तक का समय सबसे खतरनाक होता है, क्योंकि यही वह समय है जब केटीकोलामिन का रिसाव सबसे अधिक रहता है। दिल के मरीजों को कोहरे में बाहर निकलने से बचना चाहिए। दिल के मरीजों को अपनी मर्जी से दवा घटानी या बढ़ानी और छोड़नी नहीं चाहिए। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. कुनाल जैन बताते हैं कि ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना चाहिए, क्योंकि इसके गड़बड़ाने की वजह से भी कई बार मरीज की जान खतरे में पड़ जाती है। उनका कहना है कि भारत में हर पांचवां व्यक्ति ब्लड प्रेशर की बीमारी का शिकार है।
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इन लोगों को अधिक खतरा
-धूम्रपान करने वालों और अधिक शराब पीने वालों को।
-अधिक नमक खाने वालों और मोटे लोगों को।
-व्यायाम नहीं करने वालों और गुस्सा व चिंता करने वालों को।
-डायबिटीज के मरीजों को।
हाई बीपी के मरीज इनसे बचें
- धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
- नमक का कम से कम सेवन करें।
- गुस्सा और चिंता करना छोड़ दें।
- डॉक्टर की सलाह से कसरत करते रहें।
हाई बीपी के नुकसान
- एंजाइना, हार्टअटैक आना या हार्टफेल होना, हार्ट का फैल जाना या अचानक से धड़कन रुक जाना।
- दिमाग की नस बंद होना, नस का फट जाना या फिर अधरंग और पैरालिसिस का होना।
- गुर्दे फेल होना और हाथों और पैरों का फूल जाना।
- आंख का पर्दा खराब होना या आंख में ब्लड का जम जाना।
- नसों में जमाव के कारण टांगों में दर्द होना।
- नाक की नस का फटना।
हार्ट अटैक के लक्षण
- छाती के बीचोंबीच दर्द का होना और दर्द का हाथ की तरफ जाना।
- छाती के दर्द का गले में जाना।
- छाती के दर्द के साथ पसीना आना और सांस फूलना।
दिल के मरीज यह खाएं
- हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद और ताजे फल।
- साबूत और छिलके वाली दालें।
- ब्राउन ब्रेड या ब्राउन राइस।
- गेहूं के आटे के साथ चना और जौ का आटा मिलाकर रोटी खाएं।
- प्याज और लहसुन खाएं।
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