एक और बड़ा फर्जीवाड़ा: फाइल देख अफसरों ने पकड़ा माथा, बोले- हमारे नहीं हस्ताक्षर, लिपिक ने ऐसे किया बड़ा खेल
Saharanpur News : सहारनपुर में नगर निगम में एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। लिपिक ने अधिकारियों के हस्ताक्षर कर बड़ा खेल किया है।
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सहारनपुर में नगर निगम में फर्जीवाड़ों का सिलसिला रुक नहीं रहा है। गृहकर एवं जलकर विभाग में संपत्ति की जिस फाइल पर अधिकारियों के हस्ताक्षर होने थे, उस पर सांठगांठ कर लिपिक ने ही हस्ताक्षर कर दिए और उसे आगे बढ़ा दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
नगर निगम बीते करीब आठ माह से फर्जीवाड़ों को लेकर चर्चाओं में है। कई मामले गृहकर एवं जलकर विभाग के सामने आ चुके हैं। अब सामने आया है कि गृहकर एवं जलकर विभाग की महिला लिपिक ने संपत्ति की फाइल पर अपने उच्चाधिकारियों के हस्ताक्षर खुद कर फाइल आगे बढ़ा दी। जैसे ही फाइल विभाग के प्रभारी/अपर नगरायुक्त राजेश यादव के पास पहुंची तो उन्हें शक हुआ, जिसके आधार पर उन्होंने फाइल वापस विभाग को भेजी।
वहीं, फाइल वापस आने पर जब विभागीय अधिकारियों ने देखा तो पता चला कि हस्ताक्षर उनके हैं ही नहीं। मामला नगर निगम में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर लिपिक के विरुद्ध कार्रवाई होने की बात कही जा रही है।
विभाग में पहले भी हो चुके फर्जीवाड़े
गृहकर एवं जलकर विभाग में मार्च 2024 में भी फर्जीवाड़ा सामने आया था। नगर निगम के कुछ कर्मचारियों ने नवाबगंज स्थित एक संपत्ति के मामले में राजस्व रिकॉर्ड में बिना किसी ठोस दस्तावेज के स्वामित्व बदल दिया था। मामले में कोर्ट के आदेश पर अधिकारी और लिपिक के विरुद्ध एफआईआर हुई थी। इसके अलावा मार्च ही में हकीकतनगर स्थित एक संपत्ति के वारिसों में असल वारिसों के नाम कटवाकर कुछ लोगों ने वारिस के तौर पर अपना नाम दर्ज करा लिया था। उक्त मामले में भी कोर्ट के आदेश पर एफआईआर हुई थी। दोनों मामलों में विभागीय कार्रवाई के लिए शुरू की गई जांच अभी तक लटकी है।
यह मामले भी आ चुके सामने
- पार्किंग के ठेके में ठेकेदार द्वारा लगाए गए ई-स्टांप भी फर्जी मिले। 80 रुपये का स्टांप 80,000 रुपये का किया हुआ था।
- जलकल अनुभाग में दो ठेकेदारों द्वारा लगाए गए लिकेज के अनुभव प्रमाण पत्र जांच में फर्जी पाए गए।
- नगर निगम के अनेक ठेकों में लगे स्टांप में करीब 33 लाख रुपये के स्टांप कम पाए गए।
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गृहकर एवं जलकर विभाग से जुड़ी एक फाइल में लिपिक द्वारा खुद ही अधिकारियों के हस्ताक्षर कर फाइल आगे बढ़ाने का मामला संज्ञान में आया है। इसमें कितनी सच्चाई है। इस पर जांच बैठा दी गई है। यदि लिपिक दोषी पाई जाती है तो कार्रवाई होना तय है। - राजेश यादव, अपर नगरायुक्त
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