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इकबाल भट्टी की याचिका खारिज
Saharanpur
Updated Thu, 16 Oct 2014 05:32 AM IST
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सहारनपुर। पाकिस्तानी नागरिक शाहिद इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल की याचिका शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दी। उसने करीब दो साल पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सजा के आदेश के खिलाफ अपील की थी।
पाकिस्तान के जिला कासुर निवासी इकबाल भट्टी पुत्र आमिर शाहिद भट्टी नाम बदलकर देवराज सहगल के रूप में हकीकत नगर में रह रहा था। यहां रहते हुए उसने राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और जन्म प्रमाणपत्र फर्जी तरीके से बनवा लिया था। पंजाब पुलिस ने जासूसी के आरोप में इसकी गिरफ्तारी की तो सहारनपुर में किए गए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। उस वक्त भट्टी के पास से कई आपत्तिजनक चीजें भी मिली थीं। तत्कालीन जिला पूर्ति अधिकारी डीसी श्रीवास्तव ने थाना सदर बाजार में फर्जी कागजों से राशन कार्ड बनवाने के लिए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दूसरी रिपोर्ट नगर पालिका के रजिस्ट्रार द्वारा जन्म प्रमाण पत्र को फर्जी तरीके से बनवाने के लिए कराई गई। इन मामलों में आठ नवंबर 2012 को सीजेएम 13 वर्ष छह माह और 18 हजार रुपये की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ इकबाल भट्टी ने अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-4 चवन प्रकाश की अदालत में अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश ने सीजेएम के निर्णय को सही मानते हुए अपील निरस्त कर दी।
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यह किया था अपील
सीजेएम के निर्णय में स्पष्ट रुप से कहा गया था कि दस्तावेज फर्जी तरीके से कूट रचना कर बनवाए गए थे। इसमें सभासद से लेकर अधिकारियों पर भी न्यायालय ने सवाल उठाए थे। इसके अलावा पुलिस की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की गई थी। पाक नागरिक ने अपील की थी कि दस्तावेज नियमानुसार बनवाए गए थे। इसमें कोई कूट रचना नहीं की गई थी।
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पाकिस्तान के जिला कासुर निवासी इकबाल भट्टी पुत्र आमिर शाहिद भट्टी नाम बदलकर देवराज सहगल के रूप में हकीकत नगर में रह रहा था। यहां रहते हुए उसने राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और जन्म प्रमाणपत्र फर्जी तरीके से बनवा लिया था। पंजाब पुलिस ने जासूसी के आरोप में इसकी गिरफ्तारी की तो सहारनपुर में किए गए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। उस वक्त भट्टी के पास से कई आपत्तिजनक चीजें भी मिली थीं। तत्कालीन जिला पूर्ति अधिकारी डीसी श्रीवास्तव ने थाना सदर बाजार में फर्जी कागजों से राशन कार्ड बनवाने के लिए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दूसरी रिपोर्ट नगर पालिका के रजिस्ट्रार द्वारा जन्म प्रमाण पत्र को फर्जी तरीके से बनवाने के लिए कराई गई। इन मामलों में आठ नवंबर 2012 को सीजेएम 13 वर्ष छह माह और 18 हजार रुपये की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ इकबाल भट्टी ने अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-4 चवन प्रकाश की अदालत में अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश ने सीजेएम के निर्णय को सही मानते हुए अपील निरस्त कर दी।
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यह किया था अपील
सीजेएम के निर्णय में स्पष्ट रुप से कहा गया था कि दस्तावेज फर्जी तरीके से कूट रचना कर बनवाए गए थे। इसमें सभासद से लेकर अधिकारियों पर भी न्यायालय ने सवाल उठाए थे। इसके अलावा पुलिस की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की गई थी। पाक नागरिक ने अपील की थी कि दस्तावेज नियमानुसार बनवाए गए थे। इसमें कोई कूट रचना नहीं की गई थी।
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