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बसें कुंभ में, यात्रियों पर आफत
Saharanpur
Updated Mon, 11 Feb 2013 05:30 AM IST
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सहारनपुर। अनुबंधित बसों की दो दिन की हड़ताल से जिले में यात्री वैसे ही परेशान रहे। रविवार को हड़ताल समाप्त हुई तो रोडवेज ने रीजन से 150 बसें कुंभ मेले के लिए भेज दीं। ये बसें यहां से गोरखपुर गई हैं। पचास बसें पहले गईं थी। इस तरह जिले में 200 बसों के कम होने से सहारनपुर में यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
सहारनपुर से भेजी गईं सभी बसें कुंभ संपन्न होने के बाद ही वापस आएंगी। तब तक रोडवेज रीजन डिपो में आधी बसों से ही काम चलाना होगा। रोडवेज परिक्षेत्र के सहारनपुर, छुटमलपुर, शामली, खतौली और मुजफ्फरनगर डिपो में 450 बसों का संचालन होता है। इनमें रोजाना एक से सवा लाख यात्री सफर करते हैं। 50 बसें पहले ही कुंभ में भेजी गई थीं। अब 150 बसों के और जाने से यह संख्या 200 पहुंच गई हैं। इस तरह करीब आधी रह गई बसों में इतने यात्री कैसे सफर कर पाएंगे।
बसों के साथ 150 चालकों, 150 परिचालकों और कुछ मैकेनिकल स्टाफ को भी भेजा गया है। गोरखपुर से ये बसें कुंभ के लिए यात्रियों को इलाहाबाद लाएंगी और वापस ले जाएंगी। उधर, रविवार को मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए हरिद्वार जाने वाली बसों के कम पड़ने से देहरादून रूट से लेकर कुछ बसों के फेरे बढ़वाए गए। रोडवेज के अधिकारी भी मानते हैं कि आने वाले कुछ दिनों तक यात्रियों की परेशानी कम होने की बजाय और बढ़ेगी। उधर, अनुबंध संचालकों की दो दिन से चल रही हड़ताल शासन स्तर पर कुछ मांगाें पर समझौते के बाद समाप्त हो गई। रविवार से बसों का संचालन शुरू हो गया है, लेकिन इससे अधिक राहत नहीं मिली।
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सहारनपुर से भेजी गईं सभी बसें कुंभ संपन्न होने के बाद ही वापस आएंगी। तब तक रोडवेज रीजन डिपो में आधी बसों से ही काम चलाना होगा। रोडवेज परिक्षेत्र के सहारनपुर, छुटमलपुर, शामली, खतौली और मुजफ्फरनगर डिपो में 450 बसों का संचालन होता है। इनमें रोजाना एक से सवा लाख यात्री सफर करते हैं। 50 बसें पहले ही कुंभ में भेजी गई थीं। अब 150 बसों के और जाने से यह संख्या 200 पहुंच गई हैं। इस तरह करीब आधी रह गई बसों में इतने यात्री कैसे सफर कर पाएंगे।
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बसों के साथ 150 चालकों, 150 परिचालकों और कुछ मैकेनिकल स्टाफ को भी भेजा गया है। गोरखपुर से ये बसें कुंभ के लिए यात्रियों को इलाहाबाद लाएंगी और वापस ले जाएंगी। उधर, रविवार को मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए हरिद्वार जाने वाली बसों के कम पड़ने से देहरादून रूट से लेकर कुछ बसों के फेरे बढ़वाए गए। रोडवेज के अधिकारी भी मानते हैं कि आने वाले कुछ दिनों तक यात्रियों की परेशानी कम होने की बजाय और बढ़ेगी। उधर, अनुबंध संचालकों की दो दिन से चल रही हड़ताल शासन स्तर पर कुछ मांगाें पर समझौते के बाद समाप्त हो गई। रविवार से बसों का संचालन शुरू हो गया है, लेकिन इससे अधिक राहत नहीं मिली।
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