{"_id":"50-50793","slug":"Saharanpur-50793-50","type":"story","status":"publish","title_hn":"संसद हमले में इस्तेमाल कार सहारनपुर से खरीदी थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संसद हमले में इस्तेमाल कार सहारनपुर से खरीदी थी
Saharanpur
Updated Sun, 10 Feb 2013 05:30 AM IST
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सहारनपुर। अफजल गुरु को शनिवार की सुबह फांसी पर लटकाने से संसद हमले की याद एक बार फिर ताजा हो गई, लेकिन बहुत कम लोगों को याद होगा कि आतंकियों ने संसद हमले में जिस अंबेसडर कार का इस्तेमाल किया था, वह सहारनपुर से खरीदी गई थी।
13 दिसंबर 2001 को आतंकियों ने दिल्ली में संसद पर हमला कर पूरे देश में खलबली पैदा कर दी थी। घटना के बाद दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां जांच में जुटी तो पता चला कि आतंकी जिस अंबेसडर कार में सवार होकर संसद में घुसे थे। उसे सहारनपुर से खरीदा गया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक तब दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने सहारनपुर पहुंचकर कार के बारे में तहकीकात भी की थी। कार शहर में इंद्रा चौक क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति से खरीदे जाने की पुष्टि हुई थी। दिल्ली पुलिस और खुफिया अफसरों ने कार बेचने वाले व्यक्ति और उसके परिजनों से पूछताछ भी की थी, लेकिन उन्होंने कार खरीदने वाले लोगों के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की थी।
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मामला दिल्ली पुलिस से जुड़ा होने के कारण स्थानीय पुलिस ने अपने स्तर पर मामले में कोई सक्रियता नहीं दिखाई। यह तक जानकारी करने कोशिश नहीं की गई कि क्या खुद आतंकियों ने कार खरीदी थी या फिर किसी अन्य व्यक्ति को माध्यम बनाया गया था। इसके बाद क्या कार्रवाई हुई। इस बारे में भी स्थानीय स्तर पर किसी को कोई जानकारी नहीं है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बाद में कार बेचने वाला व्यक्ति भी सऊदी अरब जा चुका है।
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13 दिसंबर 2001 को आतंकियों ने दिल्ली में संसद पर हमला कर पूरे देश में खलबली पैदा कर दी थी। घटना के बाद दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां जांच में जुटी तो पता चला कि आतंकी जिस अंबेसडर कार में सवार होकर संसद में घुसे थे। उसे सहारनपुर से खरीदा गया था।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक तब दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने सहारनपुर पहुंचकर कार के बारे में तहकीकात भी की थी। कार शहर में इंद्रा चौक क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति से खरीदे जाने की पुष्टि हुई थी। दिल्ली पुलिस और खुफिया अफसरों ने कार बेचने वाले व्यक्ति और उसके परिजनों से पूछताछ भी की थी, लेकिन उन्होंने कार खरीदने वाले लोगों के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की थी।
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मामला दिल्ली पुलिस से जुड़ा होने के कारण स्थानीय पुलिस ने अपने स्तर पर मामले में कोई सक्रियता नहीं दिखाई। यह तक जानकारी करने कोशिश नहीं की गई कि क्या खुद आतंकियों ने कार खरीदी थी या फिर किसी अन्य व्यक्ति को माध्यम बनाया गया था। इसके बाद क्या कार्रवाई हुई। इस बारे में भी स्थानीय स्तर पर किसी को कोई जानकारी नहीं है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बाद में कार बेचने वाला व्यक्ति भी सऊदी अरब जा चुका है।