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गोमांस से भरे डीसीएम छोड़ भागे
Saharanpur
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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गंगोह। कच्ची चकरोड गुरुवार सुबह पर दो डीसीएम अचानक से पलट गए। उनमें गोमांस और गौवंश के कटे हुए अवशेष थे। दोनों वाहनों को मौके पर ही छोड़कर तस्कर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कांबिंग भी की, लेकिन तस्करों का सुराग नहीं लगा। भारी संख्या में गौवंश कटान की सूचना पर हड़कंप मचा रहा। अनहोनी की आशंका के चलते उच्चाधिकारी पुलिस, पीएससी लेकर मौके पर पहुंचे। दिनभर गांव छावनी में तब्दील रहा। बाद में गोमांस को गड्ढे में दबा दिया गया।
कोतवाली क्षेत्र में गोकशी का धंधा बडे़ पैमाने पर चल रहा है। इसका खुलासा हलवाना के पास गन्ने के खेतों से घिरे शाह नजर कुरैशी के खाली खेत में तस्करों ने सौ से भी ज्यादा गौवंश का कटान कर रखा था। गोमांस को दो डीसीएम में लादकर दूसरे क्षेत्रों में सप्लाई की तैयारी थी, लेकिन जैसे ही डीसीएम ने कच्ची चकरोड पर दोनों डीसीएम पलट गए। उन्हेें सीधा करके निकालने का भी काफी प्रयास किया गया, लेकिन आखिर में तस्कर दिन निकलने पर उन्हें वहीं छोड़कर भाग निकले। सुबह के वक्त ग्रामीणों ने जब मांस से भरे डीसीएम देखे तो उन्होंने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना पर कोतवाली प्रभारी ऋषिपाल सिंह मय फोर्स मौके पर पहुंचे और खेत का नजारा देखा गया तो वहां बड़ी संख्या में गौवंश के अवशेष पडे़ थे। उन्हाेंने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद एसपी देहात डा. अनिल मिश्रा, एसडीएम सीपी तिवारी, सीओ निरंकार सिंह पीएसी और नकुड़, सरसावा, तीतरो, नानौता आदि थानों की फोर्स के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। थोड़ी ही देर में गांव छावनी में तबदील हो गया। मांस के परीक्षण के लिए क्षेत्रीय पशु चिकित्सक डा. आरएस खोखर मौके पर पहुंचे। उन्हाेंने इसके गोमांस होने की पुष्टि की। बाद में पुलिस ने तीन जेसीबी मशीन बुलवाकर चार बडे़ गड्ढे खुदवाए और मांस पर केमिकल डालकर उनमें दबा दिया। एसपी देहात डा. अनिल मिश्रा का कहना है कि पशु चिकित्सक के अनुसार गोवंश की संख्या 30 से अधिक है। एफआईआर दर्ज की जा रही है। गोहत्यारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कोतवाली क्षेत्र में गोकशी का धंधा बडे़ पैमाने पर चल रहा है। इसका खुलासा हलवाना के पास गन्ने के खेतों से घिरे शाह नजर कुरैशी के खाली खेत में तस्करों ने सौ से भी ज्यादा गौवंश का कटान कर रखा था। गोमांस को दो डीसीएम में लादकर दूसरे क्षेत्रों में सप्लाई की तैयारी थी, लेकिन जैसे ही डीसीएम ने कच्ची चकरोड पर दोनों डीसीएम पलट गए। उन्हेें सीधा करके निकालने का भी काफी प्रयास किया गया, लेकिन आखिर में तस्कर दिन निकलने पर उन्हें वहीं छोड़कर भाग निकले। सुबह के वक्त ग्रामीणों ने जब मांस से भरे डीसीएम देखे तो उन्होंने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना पर कोतवाली प्रभारी ऋषिपाल सिंह मय फोर्स मौके पर पहुंचे और खेत का नजारा देखा गया तो वहां बड़ी संख्या में गौवंश के अवशेष पडे़ थे। उन्हाेंने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद एसपी देहात डा. अनिल मिश्रा, एसडीएम सीपी तिवारी, सीओ निरंकार सिंह पीएसी और नकुड़, सरसावा, तीतरो, नानौता आदि थानों की फोर्स के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। थोड़ी ही देर में गांव छावनी में तबदील हो गया। मांस के परीक्षण के लिए क्षेत्रीय पशु चिकित्सक डा. आरएस खोखर मौके पर पहुंचे। उन्हाेंने इसके गोमांस होने की पुष्टि की। बाद में पुलिस ने तीन जेसीबी मशीन बुलवाकर चार बडे़ गड्ढे खुदवाए और मांस पर केमिकल डालकर उनमें दबा दिया। एसपी देहात डा. अनिल मिश्रा का कहना है कि पशु चिकित्सक के अनुसार गोवंश की संख्या 30 से अधिक है। एफआईआर दर्ज की जा रही है। गोहत्यारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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