फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   बालुपुर का कनेक्शन और अफसरों की कहानी में झोल

बालुपुर का कनेक्शन और अफसरों की कहानी में झोल

Wed, 13 Feb 2019 12:16 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 13 Feb 2019 12:16 AM IST
विज्ञापन
बालुपुर का कनेक्शन और अफसरों की कहानी में झोल
नागल/सहारनपुर। इतने बड़े कांड पर शुरुआत से अफसरों ने जो कहानी बताई, उसे गांव उमाही के लोग पूरी तरह झूठी करार दे रहे हैं। अफसर कहते रहे कि गांव बालुपुर में मृत्यु भोज में उमाही गांव के लोग शामिल हुए थे, जहां से शराब पीकर लौटने वालों की मौत हुई और बालुपुर से आई शराब के पीने से लोग मरे। वहीं, गांव उमाही के लोगों का कहना है कि अफसरों की कहानी झूठी है, क्योंकि बालुपुर गांव में मृत्यु भोज में उमाही के लोग शामिल नहीं हुए और न ही वहां रिश्तेदारी है।
विज्ञापन

गत आठ फरवरी की सुबह से ही जहरीली शराब के कारण लोगों की मौत होने लगी थी और शाम होते होते यह संख्या बढ़ गई थी। उसी दिन जिलाधिकारी और एसएसपी ने प्रेसवार्ता करके बताया था कि गांव उमाही निवासी पिन्टू तथा अन्य लोग उत्तराखंड के गांव बालुपुर में मृत्यु भोज में शामिल हुए थे, जहां जहरीली शराब पीने के बाद सहारनपुर लौटने पर उनकी हालत बिगड़ गई थी। मौसम खराब होने की वजह से बीमार लोग गांव से बाहर नहीं निकल पाए और उनकी मौत हो गई। वहीं, गांव सलेमपुर सहित अन्य गांवों में हुई मौत पर भी अधिकारी यही कहते रहे कि बालुपुर से जो शराब आई थी, वही शराब आसपास के गांवों में बेची गई थी, जिससे मौत हुई। अफसरों की कहानी में पहला झोल तो पिन्टू के परिजनों ने ही पैदा की है। क्योंकि परिजनों का कहना था कि पिन्टू कैंसर पीड़ित था और घर से बाहर जाने की उसकी स्थिति नहीं थी। ऑपरेशन होने पर उसकी आंत निकाल दी गई थी। पिन्टू शराब बेचता था, लेकिन उसे वह शराब गांव में ही सप्लायर द्वारा लाकर दी जाती थी।
विज्ञापन

उधर, गांव उमाही निवासी मास्टर सर्वेश ने बताया कि उनके गांव के किसी भी परिवार की रिश्तेदारी गांव बालुपुर में नहीं है। तो फिर उनके गांव के लोग मृत्युभोज में कैसे पहुंच सकते थे। प्रशासन ने अपना पल्ला बचाने के लिये मनगढ़ंत कहानी बना कर गांव वालों का मजाक बनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उमाही गांव के शिव कुमार ने बताया कि घटना में उनके ताऊ के लड़के पाल्लू की मौत हुई है, उनका परिवार तो बालूपुर गांव को जानता तक नहीं है, प्रशासन की कहानी में झोल ही झोल है।
ग्रामीण मोनू ने बताया कि पुंडैन गांव से उनके गांव उमाही में शराब लाकर बेची जा रही थी। स्थानीय पुलिस की ढुलमुल नीति के कारण ही क्षेत्र में शराब का अवैध धंधा पनप रहा था। यदि पुलिस गंभीरता बरतती, तो शायद इतने लोगों की मौत नहीं होती।
जहरीली शराब पीने से मरने वाले श्यामू के बेटे सोनू ने बताया कि बालुपुर से उनके गांव व परिवार का कोई लेना- देना नहीं है। प्रशासन ने जो कहानी तैयार की है, उस पर वह विश्वास नहीं करते।

गांव के ही छात्र राहुल का कहना था कि इतनी बड़ी घटना में कर्मचारियों पर कार्रवाई करके शासन-प्रशासन जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लेता है। घटना के बाद जिस तरह कार्रवाई हो रही है, यदि ऐसी कार्रवाई पहले ही हो जाती, तो जहरीली शराब कहर नहीं बरपा पाती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed