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सेल्फी के आदेश ने बढ़ाई बेसिक शिक्षकों की टेंशन
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:38 AM IST
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सहारनपुर। प्रतिदिन स्कूल पहुंचकर बच्चों के साथ सेल्फी लेकर फोटो एप पर डालने के आदेश से बेसिक शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। शिक्षकों की अनेक समस्याओं को लेकर शिक्षक नेताओं ने बृहस्पतिवार को सांसद राघव लखनपाल शर्मा से मुलाकात की।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का एक गुट जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पंवार के नेतृत्व में सांसद से मिला। पंवार ने बताया कि बिना शासन के आदेश के डीएम सहारनपुर ने नया नियम लागू किया है, जिसमें शिक्षकों को प्रतिदिन स्मार्ट फोन से सेल्फी लेकर फोटो एप पर डालनी है। डीएम के निर्देश पर बीएसए ने सभी शिक्षकों को यह आदेश जारी किया है। जबकि ज्यादातर शिक्षकों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं। न ही सरकार ने कोई फोन, डाटा या सिम उपलब्ध कराया है। सीडीओ ने भी बैठक कर ऐसा न करने वाले शिक्षकों का फरवरी माह का वेतन रोकने की चेतावनी दी है। शिक्षकों पर इस तरह के मनमाने आदेश थोपना ठीक नहीं है। मिलने वालों में अरविंद यादव भी थे। उधर, इसी संगठन के दूसरे गुट ने जिलाध्यक्ष मोहित राणा और जिला मंत्री डॉ. संजय शर्मा के नेतृत्व में सांसद से मुलाकात की। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षण कार्य के अन्यत्र काम लेने की निंदा की। बताया कि शिक्षकों पर बीएलओ, भवन निर्माण, यूनिफॉर्म, जूते, बैग, स्वेटर वितरण, मिड डे मील वितरण समेत अनेक काम लिए जा रहे हैं। इससे कहीं न कहीं शिक्षा प्रभावित हो रही है, जो कि मूल काम है। डीएम ने शिक्षकों पर सेल्फी लेकर फोटो एप पर डालने का मनमाना आदेश थोपा है, जिससे सभी शिक्षक नाखुश हैं। क्योंकि सभी शिक्षकों के पास स्मार्ट फोन नहीं है। साथ ही अन्य व्यवहारिक समस्याएं भी इसमें आएंगी। ऐसे आदेश शिक्षकों पर न थोपे जाएं और केवल शिक्षण कार्य ही लिया जाए।
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का एक गुट जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पंवार के नेतृत्व में सांसद से मिला। पंवार ने बताया कि बिना शासन के आदेश के डीएम सहारनपुर ने नया नियम लागू किया है, जिसमें शिक्षकों को प्रतिदिन स्मार्ट फोन से सेल्फी लेकर फोटो एप पर डालनी है। डीएम के निर्देश पर बीएसए ने सभी शिक्षकों को यह आदेश जारी किया है। जबकि ज्यादातर शिक्षकों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं। न ही सरकार ने कोई फोन, डाटा या सिम उपलब्ध कराया है। सीडीओ ने भी बैठक कर ऐसा न करने वाले शिक्षकों का फरवरी माह का वेतन रोकने की चेतावनी दी है। शिक्षकों पर इस तरह के मनमाने आदेश थोपना ठीक नहीं है। मिलने वालों में अरविंद यादव भी थे। उधर, इसी संगठन के दूसरे गुट ने जिलाध्यक्ष मोहित राणा और जिला मंत्री डॉ. संजय शर्मा के नेतृत्व में सांसद से मुलाकात की। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षण कार्य के अन्यत्र काम लेने की निंदा की। बताया कि शिक्षकों पर बीएलओ, भवन निर्माण, यूनिफॉर्म, जूते, बैग, स्वेटर वितरण, मिड डे मील वितरण समेत अनेक काम लिए जा रहे हैं। इससे कहीं न कहीं शिक्षा प्रभावित हो रही है, जो कि मूल काम है। डीएम ने शिक्षकों पर सेल्फी लेकर फोटो एप पर डालने का मनमाना आदेश थोपा है, जिससे सभी शिक्षक नाखुश हैं। क्योंकि सभी शिक्षकों के पास स्मार्ट फोन नहीं है। साथ ही अन्य व्यवहारिक समस्याएं भी इसमें आएंगी। ऐसे आदेश शिक्षकों पर न थोपे जाएं और केवल शिक्षण कार्य ही लिया जाए।
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