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जिले में 79,313 बच्चों को यूनिफॉर्म और जूतों के पैसे का इंतजार
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सहारनपुर। परिषदीय विद्यालयों के 79,313 विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूते, स्वेटर और स्कूल बैग के लिए पैसा मिलने का इंतजार है। इनमें से 40 हजार विद्यार्थियों का डाटा कुछ दिन पहले ही भेजा गया है। जिनको जल्द ही पैसा जारी होने की उम्मीद है।
जनपद में 1437 परिषदीय विद्यालय हैं। इस बार 2,17,313 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है, जो बीते वर्ष की तुलना में करीब 30 हजार अधिक है। बीते वर्षों में बच्चों की यूनिफॉर्म, स्वेटर आदि का पैसा विभाग के खाते में आता था, जहां से पैसा एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) के खातों में भेजा जाता था। वहां ग्राम प्रधान और शिक्षक मिलकर यूनिफॉर्म और स्वेटर आदि की व्यवस्था कराते थे, लेकिन इस बार सरकार ने प्रति छात्र 1100 रुपये के हिसाब से अभिभावकों के खातों में पैसा भेजा है। कुल 2,17,313 विद्यार्थियों में से 1,38,000 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में 1,100 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से डीबीटी के तहत तीन माह पहले करीब 15 करोड़ 18 लाख रुपया भेजा जा चुका है, लेकिन शेष 79,313 विद्यार्थियोँ और उनके अभिभावकों को अभी तक पैसा नहीं मिला है। विभाग से जानकारी मिली है कि 79,313 विद्यार्थियों में से 40,000 विद्यार्थियों का डाटा कुछ दिन पहले ही भेजा गया है, जिनका पैसा उनके अभिभावकों के खातों में चुनाव से पहले पहुंचने की उम्मीद है।
50 फीसदी से अधिक को नहीं मिली यूनिफॉर्म
सरकार ने करीब तीन माह पहले एक लाख 38 हजार बच्चों का पैसा उनके अभिभावकों के खातों में ट्रांसफर कर दिया था, लेकिन इनमें से 50 फीसदी से अधिक बच्चे ऐसे हैं, जिनके अभिभावकों ने अभी तक यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते, जुराब, स्कूल बैग नहीं खरीदे हैं। जितनों ने खरीदे हैं उनकी भी गुणवत्ता अच्छी नहीं है। विभाग के पास इसका कोई आंकड़ा नहीं है कि कितने अभिभावकों ने पैसे का सदुपयोग किया है। उनका कहना है कि विद्यालय खुलने के बाद ही पता चल सकेगा।
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बच्चों की यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूतों आदि का पैसा सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है। डीबीटी के तहत यह पैसा भेजा जा रहा है। अभी तक करीब 70 फीसदी बच्चों के अभिभावकों के खातों में पैसा जा चुका है। शेष बच्चों का पैसा जल्द रिलीज होने वाला है। अभिभावकों को चाहिए कि वह इस पैसे का सदउपयोग करें।
- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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जनपद में 1437 परिषदीय विद्यालय हैं। इस बार 2,17,313 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है, जो बीते वर्ष की तुलना में करीब 30 हजार अधिक है। बीते वर्षों में बच्चों की यूनिफॉर्म, स्वेटर आदि का पैसा विभाग के खाते में आता था, जहां से पैसा एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) के खातों में भेजा जाता था। वहां ग्राम प्रधान और शिक्षक मिलकर यूनिफॉर्म और स्वेटर आदि की व्यवस्था कराते थे, लेकिन इस बार सरकार ने प्रति छात्र 1100 रुपये के हिसाब से अभिभावकों के खातों में पैसा भेजा है। कुल 2,17,313 विद्यार्थियों में से 1,38,000 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में 1,100 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से डीबीटी के तहत तीन माह पहले करीब 15 करोड़ 18 लाख रुपया भेजा जा चुका है, लेकिन शेष 79,313 विद्यार्थियोँ और उनके अभिभावकों को अभी तक पैसा नहीं मिला है। विभाग से जानकारी मिली है कि 79,313 विद्यार्थियों में से 40,000 विद्यार्थियों का डाटा कुछ दिन पहले ही भेजा गया है, जिनका पैसा उनके अभिभावकों के खातों में चुनाव से पहले पहुंचने की उम्मीद है।
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50 फीसदी से अधिक को नहीं मिली यूनिफॉर्म
सरकार ने करीब तीन माह पहले एक लाख 38 हजार बच्चों का पैसा उनके अभिभावकों के खातों में ट्रांसफर कर दिया था, लेकिन इनमें से 50 फीसदी से अधिक बच्चे ऐसे हैं, जिनके अभिभावकों ने अभी तक यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते, जुराब, स्कूल बैग नहीं खरीदे हैं। जितनों ने खरीदे हैं उनकी भी गुणवत्ता अच्छी नहीं है। विभाग के पास इसका कोई आंकड़ा नहीं है कि कितने अभिभावकों ने पैसे का सदुपयोग किया है। उनका कहना है कि विद्यालय खुलने के बाद ही पता चल सकेगा।
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बच्चों की यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूतों आदि का पैसा सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है। डीबीटी के तहत यह पैसा भेजा जा रहा है। अभी तक करीब 70 फीसदी बच्चों के अभिभावकों के खातों में पैसा जा चुका है। शेष बच्चों का पैसा जल्द रिलीज होने वाला है। अभिभावकों को चाहिए कि वह इस पैसे का सदउपयोग करें।
- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।