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मुश्किल में मेडिकल के छात्र
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सहारनपुर। नीट पास करने के बाद सहारनपुर के एक निजी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस में दाखिला पाने वाले 24 छात्रों का भविष्य अधर में है। पीड़ित छात्र कई दिन से अन्य किसी कॉलेज में ट्रांसफर करने की मांग कर रहे हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही है।
बुधवार को शहर के एक होटल में पत्रकार वार्ता के दौरान पीड़ित छात्र अर्पित, पंखुरी, वर्तिका, शाहरुख, शहजाद, मनु, हर्ष और इकरा ने बताया कि वर्ष 2016 में उन्होंने नीट पास किया था। शासन ने उनको सहारनपुर का एक निजी मेडिकल कॉलेज आवंटित किया था। उन्होंने बताया कि पहले वर्ष सब कुछ ठीक बीता। पढ़ाई भी अच्छी थी, मगर दूसरे वर्ष में अब न तो कॉलेज में पढ़ाने के लिए फैकल्टी है, लैब भी बंद कर दी गई है। छात्रों ने बताया कि एमसीआई ने कॉलेज का दौरा किया था, जिसमें एमसीआई को अनेक खामियां मिली हैं। ऐसे में एमसीआई ने कॉलेज में नए दाखिलों पर रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि कॉलेज में अब केवल वही 24 छात्र हैं, जिनकी भी पढ़ाई बंद पड़ी है। छात्रों का कहना है कि उन्हें अपना भविष्य अधर में नजर आ रहा है। वह शासन और संबंधित अधिकारियों से उनका किसी अन्य प्राइवेट कॉलेज में ट्रांसफर करने की मांग कर चुके हैं, मगर कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। कई छात्र मानसिक तनाव में हैं। ऐसे में शासन को चाहिए कि वह सभी छात्रों का किसी अन्य कॉलेज में ट्रांसफर करे। पत्रकार वार्ता में संध्या, उवेश, मोहित, शायान, हबीब, जीशान, सत्योम, स्वाति और अभिभावक डॉक्टर एके बंसल, अजय सिंघल, मोहम्मद खुर्शीद, मोहम्मद अनीस अहमद, अजय पांचाल आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को शहर के एक होटल में पत्रकार वार्ता के दौरान पीड़ित छात्र अर्पित, पंखुरी, वर्तिका, शाहरुख, शहजाद, मनु, हर्ष और इकरा ने बताया कि वर्ष 2016 में उन्होंने नीट पास किया था। शासन ने उनको सहारनपुर का एक निजी मेडिकल कॉलेज आवंटित किया था। उन्होंने बताया कि पहले वर्ष सब कुछ ठीक बीता। पढ़ाई भी अच्छी थी, मगर दूसरे वर्ष में अब न तो कॉलेज में पढ़ाने के लिए फैकल्टी है, लैब भी बंद कर दी गई है। छात्रों ने बताया कि एमसीआई ने कॉलेज का दौरा किया था, जिसमें एमसीआई को अनेक खामियां मिली हैं। ऐसे में एमसीआई ने कॉलेज में नए दाखिलों पर रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि कॉलेज में अब केवल वही 24 छात्र हैं, जिनकी भी पढ़ाई बंद पड़ी है। छात्रों का कहना है कि उन्हें अपना भविष्य अधर में नजर आ रहा है। वह शासन और संबंधित अधिकारियों से उनका किसी अन्य प्राइवेट कॉलेज में ट्रांसफर करने की मांग कर चुके हैं, मगर कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। कई छात्र मानसिक तनाव में हैं। ऐसे में शासन को चाहिए कि वह सभी छात्रों का किसी अन्य कॉलेज में ट्रांसफर करे। पत्रकार वार्ता में संध्या, उवेश, मोहित, शायान, हबीब, जीशान, सत्योम, स्वाति और अभिभावक डॉक्टर एके बंसल, अजय सिंघल, मोहम्मद खुर्शीद, मोहम्मद अनीस अहमद, अजय पांचाल आदि मौजूद रहे।
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