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राजनीतिक विरोधियों की थी साजिश : साहब सिंह सैनी
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:37 AM IST
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छुटमलपुर (सहारनपुर)। सपा के विधान परिषद सदस्य साहब सिंह सैनी ने कहा कि उन पर एक महिला द्वारा दर्ज कराया गया मुकदमा उनके विरोधियों की राजनीतिक साजिश थी, जिसकी कलई अदालत के निर्णय के बाद खुल गई है। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला उनके विरोधियों के लिए एक सबक है।
पूर्व काबीना मंत्री और सपा एमएलसी साहब सिंह सैनी को अपना पति बताते हुए एक महिला सुमित्रा देवी ने वर्ष 2013 में एक वाद देहरादून की अदालत में दर्ज किया था। पांच साल तक चले 494/120 बी के इस वाद में 25 अक्तूबर को एसीजीएम तृतीय सीमा डूंगरकोटी की अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था। दो नवंबर को सुनाए गए फैसले में न्यायाधीश ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया। इस निर्णय के बाद छुटमलपुर पहुंचे साहब सिंह सैनी ने अपने नजदीकी उत्तराखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ बोर्ड निगम के पूर्व निदेशक मोहम्मद मुजतबा के निवास पर पत्रकारों से बातचीत में इसे सत्य की जीत बताया। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक विरोधियों ने साजिश रच कर एक महिला से उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। वे ही लोग पर्दे के पीछे से इस मुकदमे को लड़वा रहे थे। साहब सिंह सैनी ने कहा कि अदालत का निर्णय उनके विरोधियों के लिए सबक है। इस मौके पर पूर्व प्रधान इशरान अली, चौ. मनोज, अब्दुल हसीब, हकीम मोहम्मद अकबर, चौ. बबलू, अरशद मलिक, सुबोध कुमार, डा. चंद्रपाल सैनी आदि मौजूद रहे।
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पूर्व काबीना मंत्री और सपा एमएलसी साहब सिंह सैनी को अपना पति बताते हुए एक महिला सुमित्रा देवी ने वर्ष 2013 में एक वाद देहरादून की अदालत में दर्ज किया था। पांच साल तक चले 494/120 बी के इस वाद में 25 अक्तूबर को एसीजीएम तृतीय सीमा डूंगरकोटी की अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था। दो नवंबर को सुनाए गए फैसले में न्यायाधीश ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया। इस निर्णय के बाद छुटमलपुर पहुंचे साहब सिंह सैनी ने अपने नजदीकी उत्तराखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ बोर्ड निगम के पूर्व निदेशक मोहम्मद मुजतबा के निवास पर पत्रकारों से बातचीत में इसे सत्य की जीत बताया। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक विरोधियों ने साजिश रच कर एक महिला से उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। वे ही लोग पर्दे के पीछे से इस मुकदमे को लड़वा रहे थे। साहब सिंह सैनी ने कहा कि अदालत का निर्णय उनके विरोधियों के लिए सबक है। इस मौके पर पूर्व प्रधान इशरान अली, चौ. मनोज, अब्दुल हसीब, हकीम मोहम्मद अकबर, चौ. बबलू, अरशद मलिक, सुबोध कुमार, डा. चंद्रपाल सैनी आदि मौजूद रहे।
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