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मौलवी उस्मान के परिजनों का हंगामा, शव दफनाने से किया इंकार
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:20 AM IST
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चिलकाना (सहारनपुर)। अपहरण के बाद की गई उस्मान की हत्या के मामले में परिजनों ने पुलिस पर सकारात्मक कार्रवाई न किए जाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने शव को दफनाने से भी इंकार कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंचे एसपी देहात ने गांव पहुंचकर लोगों को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर दोपहर बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। सरसावा के ग्राम हैदरपुर के निकट बदमाशों द्वारा मौलवी उस्मान की अपहरण के बाद हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उस्मान का शव परिजनों को सौंप दिया। शुक्रवार सुबह गांव दुमझेड़ी में उस्मान के शव को दफनाए जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन लोगों में पुलिस कार्रवाई न किए जाने को आक्रोश बढ़ता गया। चिलकाना रोड पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस उस्मान की हत्या के मामले में निष्क्रियता से काम कर रही है। पुलिस ने जिस संदिग्ध को पकड़ा था, उसे भी छोड़ दिया है। जब तक पुलिस उस्मान के हत्यारों को नहीं पकड़ती तब तक उसे दफनाया नहीं जाएगा। लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर सहारनपुर एसएसपी कार्यालय पर जाकर हंगामा करने की तैयारी करने लगे।
उस्मान के दफनाने से लोगों के इंकार किए जाने की सूचना जैसे ही पुलिस अधिकारियों को लगी तो विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी चिलकाना अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझाने का प्रयास किया तथा लोगों को सहारनपुर जाने से रोका। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों के आक्रोश की सूचना सीओ सदर चोब सिंह तथा एसपी देहात विद्यासागर मिश्र को दी। सभी अधिकारी गांव में पहुंचे। एसपी देहात विद्या सागर मिश्र ने लोगों को समझाते हुए कहा कि पुलिस इस मामले में पूरी गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस की कई टीमें अपने-अपने तरीके से लगी हुईं हैं। काफी जानकारी पुलिस को मिल चुकी है। पकड़े गए संदिग्ध को छोड़ा नहीं गया है, उससे पूछताछ चल रही है। पुलिस किसी तरह के दबाव में नहीं है। उस्मान हत्याकांड को शीघ्र खोला जाएगा। एसपी देहात के आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत हुए तथा इसके बाद उस्मान के शव को दफना दिया गया। शव को दफनाने के दौरान क्षेत्र के हजारों लोग तथा भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। सीओ सदर चोब सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार के लोगों का आरोप है कि उस्मान का साथी अरशद भी संदिग्ध लग रहा है। वह अरशद के विरुद्ध भी कार्रवाई चाहते हैं।
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यह है मामला
ग्राम चिलकाना के ग्राम दुमझेड़ा निवासी उस्मान पुत्र जिन्दा हसन तथा अरशद निवासी पठानपुरा बुधवार की रात हरियाणा से बाइक पर सवार होकर आ रहे थे। गांव हैदरपुर के पास बदमाशों द्वारा सडक में बांधे गये तारों में उलझ कर दोनों सडक पर गिर गये। नकाबपोश बदमाश दोनों को गन्ने के खेत में ले गये। बदमाशों ने अरशद की ससुराल दुमझेडा में फोन कर 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। बृहस्पतिवार को उस्मान का शव गन्ने के खेत में मिला, जबकि अरशद घायल अवस्था में मिला था।
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-- मौलवी उस्मान हत्याकांड में पुलिस को मिले महत्वपूर्ण सुराग
-- पकड़े गए आरोपी की संलिप्तता मानी जा रही है
अमर उजाला ब्यूरो
सरसावा। शाहजहांपुर चौकी क्षेत्र के ग्राम हैदरपुर में बदमाशों द्वारा बुधवार की रात्रि में हुए दो युवकों के अपहरण के बाद एक युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने लगातार दूसरे दिन भी पकड़े गए युवक से पूछताछ की। यही नहीं मृतक उस्मान के परिजनों द्वारा लगाए गए संबंधित युवक के बारे में भी जांच शुरू करा दी है।
शुक्रवार को ग्राम दुमझेड़ी के दर्जनों लोग थाने पहुंचे तथा एसपी देहात से मुलाकात की। मृतक के भाई अहतेशाम ने एसपी देहात से कहा कि उसके भाई उस्मान की मौत में अपहरणकर्ताओं के द्वारा छोड़े गए मौलवी अरशद की मिलीभगत है। अहतेशाम ने सवाल उठाते हुये कहा कि जब उसके भाई उस्मान को बदमाशों ने बुरी तरह से मारा तथा हाथ पैर तोड़ रखे थे और मुंह में कपड़ा ठूंस रखा तो मौलवी अरशद को कुछ क्यों नहीं कहा ? अहतेशाम ने अरशद के द्वारा पुलिस को दिए गए बयानों तथा मौके के हालात पर भी अनेक सवाल खड़े किए।
उधर शुक्रवार को मामले को लेकर एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल करीब दो घंटे तक सरसावा थाने पर मौजूद रहे। लेकिन उन्होंने पुलिस के अलावा किसी से बाकत नहीं की। वहीं सरसावा थाव्नाध्यक्ष आदेश कुमार त्यागी ने कहा कि पुलिस ने बृहस्पतिवार को कांबिंग के दौरान एक बदमाश को दबोच लिया था जिससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि घटना के मामले में महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को मिल चुकी है।
एसपी देहात विद्यासागर मिश्र का कहना है कि पुलिस का काफी जानकारी मिली है। लेकिन उस्मान के परिजन जिस साथी मौलवी पर आरोप लगा रहे हैं, पुलिस जांच में अभी तक उसकी कोई भूमिका सामने नहीं आई है। लेकिन इस घटना का शीघ्र खुलासा कर दिया जाएगा।
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उस्मान के दफनाने से लोगों के इंकार किए जाने की सूचना जैसे ही पुलिस अधिकारियों को लगी तो विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी चिलकाना अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझाने का प्रयास किया तथा लोगों को सहारनपुर जाने से रोका। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों के आक्रोश की सूचना सीओ सदर चोब सिंह तथा एसपी देहात विद्यासागर मिश्र को दी। सभी अधिकारी गांव में पहुंचे। एसपी देहात विद्या सागर मिश्र ने लोगों को समझाते हुए कहा कि पुलिस इस मामले में पूरी गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस की कई टीमें अपने-अपने तरीके से लगी हुईं हैं। काफी जानकारी पुलिस को मिल चुकी है। पकड़े गए संदिग्ध को छोड़ा नहीं गया है, उससे पूछताछ चल रही है। पुलिस किसी तरह के दबाव में नहीं है। उस्मान हत्याकांड को शीघ्र खोला जाएगा। एसपी देहात के आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत हुए तथा इसके बाद उस्मान के शव को दफना दिया गया। शव को दफनाने के दौरान क्षेत्र के हजारों लोग तथा भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। सीओ सदर चोब सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार के लोगों का आरोप है कि उस्मान का साथी अरशद भी संदिग्ध लग रहा है। वह अरशद के विरुद्ध भी कार्रवाई चाहते हैं।
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यह है मामला
ग्राम चिलकाना के ग्राम दुमझेड़ा निवासी उस्मान पुत्र जिन्दा हसन तथा अरशद निवासी पठानपुरा बुधवार की रात हरियाणा से बाइक पर सवार होकर आ रहे थे। गांव हैदरपुर के पास बदमाशों द्वारा सडक में बांधे गये तारों में उलझ कर दोनों सडक पर गिर गये। नकाबपोश बदमाश दोनों को गन्ने के खेत में ले गये। बदमाशों ने अरशद की ससुराल दुमझेडा में फोन कर 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। बृहस्पतिवार को उस्मान का शव गन्ने के खेत में मिला, जबकि अरशद घायल अवस्था में मिला था।
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अमर उजाला ब्यूरो
सरसावा। शाहजहांपुर चौकी क्षेत्र के ग्राम हैदरपुर में बदमाशों द्वारा बुधवार की रात्रि में हुए दो युवकों के अपहरण के बाद एक युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने लगातार दूसरे दिन भी पकड़े गए युवक से पूछताछ की। यही नहीं मृतक उस्मान के परिजनों द्वारा लगाए गए संबंधित युवक के बारे में भी जांच शुरू करा दी है।
शुक्रवार को ग्राम दुमझेड़ी के दर्जनों लोग थाने पहुंचे तथा एसपी देहात से मुलाकात की। मृतक के भाई अहतेशाम ने एसपी देहात से कहा कि उसके भाई उस्मान की मौत में अपहरणकर्ताओं के द्वारा छोड़े गए मौलवी अरशद की मिलीभगत है। अहतेशाम ने सवाल उठाते हुये कहा कि जब उसके भाई उस्मान को बदमाशों ने बुरी तरह से मारा तथा हाथ पैर तोड़ रखे थे और मुंह में कपड़ा ठूंस रखा तो मौलवी अरशद को कुछ क्यों नहीं कहा ? अहतेशाम ने अरशद के द्वारा पुलिस को दिए गए बयानों तथा मौके के हालात पर भी अनेक सवाल खड़े किए।
उधर शुक्रवार को मामले को लेकर एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल करीब दो घंटे तक सरसावा थाने पर मौजूद रहे। लेकिन उन्होंने पुलिस के अलावा किसी से बाकत नहीं की। वहीं सरसावा थाव्नाध्यक्ष आदेश कुमार त्यागी ने कहा कि पुलिस ने बृहस्पतिवार को कांबिंग के दौरान एक बदमाश को दबोच लिया था जिससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि घटना के मामले में महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को मिल चुकी है।
एसपी देहात विद्यासागर मिश्र का कहना है कि पुलिस का काफी जानकारी मिली है। लेकिन उस्मान के परिजन जिस साथी मौलवी पर आरोप लगा रहे हैं, पुलिस जांच में अभी तक उसकी कोई भूमिका सामने नहीं आई है। लेकिन इस घटना का शीघ्र खुलासा कर दिया जाएगा।