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जैसा कर्म करोगे, वैसा फल पाओगे
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:56 PM IST
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सहारनपुर। जैन मुनि विरंजन सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य को कर्म करते हुए फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए। व्यक्ति जैसा कर्म करता है उसे वैसा ही फल मिलता है।
दीनानाथ बाजार स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित होने वाले पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ में शामिल होने आए जैन मुनि ने बड़तला यादगार स्थित अतिथि भवन में प्रवचन किए। उन्होंने कहा हमारे स्वयं का किया स्वयं को भोगना पड़ता है। हम खुश रहना चाहते हैं तो सोच अच्छी रखनी होगी। कर्म किसी को नहीं छोड़ता है, चाहे वह भगवान हो या गुरु। मनुष्य को चाहिए कि बुरे में समय भी भगवान और गुरु को याद रखे, जो भगवान तथा गुरु को छोड़ देता है, वह कहीं का नहीं रहता है। दया और करुणा हर जीव पर करनी चाहिए। इससे हमें धन, वैभव, प्रतिष्ठा और नियोगी काया मिलती है। संजीव जैन, अवनीश जैन, अरुण कुमार जैन, पंडित राजकुमार जैन, पंडित चंद्रभान जैन, सौरभ जैन, वंश जैन, प्रद्युमन कुमार जैन, कुलदीप जैन, राजीव जैन, आर्जव जैन, ऋषभ जैन, अंकुर जैन, कमलेश जैन, विपुल जैन, प्रियांशु जैन, जुगमंदर दास जैन, मुकेश जैन, आशीष कुमार जैन, शशि जैन, सरिता जैन, अंजलि जैन, प्रीति जैन, मंजू जैन, वीना जैन, रूचि जैन, उमा जैन आदि मौजूद रहे।
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दीनानाथ बाजार स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित होने वाले पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ में शामिल होने आए जैन मुनि ने बड़तला यादगार स्थित अतिथि भवन में प्रवचन किए। उन्होंने कहा हमारे स्वयं का किया स्वयं को भोगना पड़ता है। हम खुश रहना चाहते हैं तो सोच अच्छी रखनी होगी। कर्म किसी को नहीं छोड़ता है, चाहे वह भगवान हो या गुरु। मनुष्य को चाहिए कि बुरे में समय भी भगवान और गुरु को याद रखे, जो भगवान तथा गुरु को छोड़ देता है, वह कहीं का नहीं रहता है। दया और करुणा हर जीव पर करनी चाहिए। इससे हमें धन, वैभव, प्रतिष्ठा और नियोगी काया मिलती है। संजीव जैन, अवनीश जैन, अरुण कुमार जैन, पंडित राजकुमार जैन, पंडित चंद्रभान जैन, सौरभ जैन, वंश जैन, प्रद्युमन कुमार जैन, कुलदीप जैन, राजीव जैन, आर्जव जैन, ऋषभ जैन, अंकुर जैन, कमलेश जैन, विपुल जैन, प्रियांशु जैन, जुगमंदर दास जैन, मुकेश जैन, आशीष कुमार जैन, शशि जैन, सरिता जैन, अंजलि जैन, प्रीति जैन, मंजू जैन, वीना जैन, रूचि जैन, उमा जैन आदि मौजूद रहे।
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