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सहकारिता के चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने शुरू की तैयारियां

Thu, 28 Dec 2017 12:22 AM IST
Updated Thu, 28 Dec 2017 12:22 AM IST
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सहकारिता के चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने शुरू की तैयारियां
सहारनपुर। जिले में अब सहकारिता के चुनावों की तैयारियां शुरू होने लगीं हैं। जनवरी 2018 से शुरू होने वाले सहकारिता चुनाव में राजनीतिक दल समितियों से लेकर डायरेक्टर तक के पदों पर कब्जा करने के लिए समर्थित प्रत्याशियों को मैदान में उतारने की तैयारी कर ली हैं। सपा इस चुनाव में अपना वर्चस्व कायम रखने का प्रयास करेगी, जबकि भाजपा अपना कब्जा करने की तैयारी में है। बसपा भी निकाय चुनावों के परिणामों से उत्साहित है। जबकि सहारनपुर में कांग्रेस भी आगे बढ़ने के प्रयास के लिए इस मौके को भुनाने के प्रयास में है।
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सहकारी समितियों के लिए सहारनपुर में जनवरी 2018 में चुनाव शुरू होने जा रहे हैं। प्राथमिक सहकारी समितियों, कंज्यूमर कोआपरेटिव स्टोर्स, वेतन भोगी सहकारी समितियों समेत 284 समितियों में 29 और 30 जनवरी 2018 में डायरेक्टर, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य समितियों में भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों के चुनाव होने हैं। इसके लिए राजनैतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अपने समर्थित प्रत्याशियों के सहारे समितियों के डायरेक्टर से लेकर कोआपरेटिव बैंक के चेयरमैन के पद तक कब्जाने के लिए पार्टियों ने बैठकें कर समर्थित प्रत्याशियों का चयन शुरू कर दिया है। 284 प्राथमिक सहकारी, वेतन भोगी, अर्बन कोआपरेटिव बैंक एवं अन्य समितियों के पदों को कब्जाने के बहाने लोकसभा चुनाव की तैयारियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
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अभी तक सहारनपुर की सहकारिता के अधिकांश पदों पर सपा का ही कब्जा रहा है। सपा का इस बार भी पूरा प्रयास इस कब्जे को बरकरार रखने का है। इसके लिए बैठकें चल रहीं हैं। समितियों के चुनाव से ठीक पहले सपा जिलाध्यक्ष को भी बदल दिया गया है और कमान रुद्रसेन के हाथों में दी गई है। लेकिन झटका अभय चौधरी के भाजपा में शामिल होने से लग सकता है। पैक्सफेड उपाध्यक्ष अभय चौधरी कुछ समय पूर्व सपा को अलविदा कह कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। भाजपा इस बार अपने समर्थित प्रत्याशियों के सहारे सहकारिता की सीटों पर कब्जा करने का प्रयास कर रही है। भाजपा ने सहकारि के चुनाव के लिए प्रभारी भी बना दिया है। लगातार क्षेत्रों में जाकर बैठकें भी शुरू कर दी गईं हैं। निकाय चुनावों में मिली सफलता को बसपा भुनाने का प्रयास कर रही है। बसपा ने तैयारियां शुरू कर दीं हैं। बैठकों का दौर भी चल रहा है। जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रयाद का कहना है कि एक दो दिन की बैठक में प्रभारी नियुक्त कर दिया जाएगा। उधर कांग्रेस सहकारिता के चुनाव के बहाने आगे बढ़ने का प्रयास कर रही है। जिससे सहकारिता के चुनाव में मुकाबला कड़ा होने की संभावना जताई जा रही है। सभी पार्टियां इस चुनाव को भी 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़ कर देख रहीं हैं।
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जनवरी में होने हैं चुनाव
सहायक निबंधक सहकारी समिति हरेंद्र सिंह ने बताया कि 115 प्राथमिक सहकारी समितियों, एक अर्बन बैंक, कंज्यूमर कोआपरेटिव स्टोर, वेतन भोगी समितियां समेत कुल 284 समितियों पर 29 एवं 30 मई को डायरेक्टर, उपाध्यक्ष, अध्यक्ष एवं दूसरी समितियों में भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों के चुनाव होने हैं। फरवरी में सहकारी संघों के, मार्च में मार्केटिंग समितियों के और उसके बाद कोआपरेटिव बैंक के डायरेक्टर, चेयरमैन के पदों के लिए चुनाव होगा। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गईं हैं।
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