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क्या भाजपाईयों पर कार्रवाई से बच रही हाईकमान?
Updated Fri, 22 Dec 2017 12:30 AM IST
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सहारनपुर। निकाय चुनाव में बागी हुए भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई न होने से पार्टी हित में काम करने वाले कार्यकर्ताओं का हौसला टूट रहा है। नौ कार्यकर्ताओं को निष्कासित करने के बाद हाईकमान ने चुप्पी साध ली है। इसको लेकर संगठन में इन दिनों चर्चाओं का बाजार पूरी तरह गर्म है।
भाजपा में विधानसभा चुनाव से पूर्व शुरू हुई गुटबाजी निकाय चुनाव पूरी तरह हावी रही। चुनाव परिणाम इसका उदाहरण हैं। जनपद की पांच नगर पंचायतों पर भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त हुई और महापौर सीट भी भाजपा बहुत कम वोटों के अंतर से जीती। गुटबाजी को देखते हुए निकाय चुुनाव से पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने सहारनपुर आकर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सुधरने तथा व्यक्तिगत नुकसान उठाने की चेतावनी दी थी। संकेत दिए थे कि चुनाव के बाद जिला और महानगर कार्यकारिणी में बदलाव होगा। मतदान वाले दिन नौ कार्यकर्ताओं को निष्कासित करने के बाद पार्टी हाईकमान ने चुप्पी साध ली, जबकि नगर निगम में पार्षद, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों में अध्यक्ष तथा सभासद पदों पर हारने वाले प्रत्याशी दर्जनों बागी कार्यकर्ताओं की हाईकमान से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई ना होने पर इन दिनों संगठन में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पार्टी सूत्र बताते हैं कि कई कार्यकर्ता हाईकमान को पत्र भेजकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। इसके बाद भी पार्टी हाईकमान कार्रवाई से बच रही है। इस स्थिति में मिशन 2019 की राह भाजपा के लिए आसान नहीं होगी।
सांसद ने संभाला था मोर्चा तो हुई नैया पार
सहारनपुर। गुटबाजी को देेखते हुए प्रदेश संगठन महामंत्री ने कार्यकर्ताओं को फटकार लगाई थी, लेकिन गुटबाजी से हटकर सांसद राघव लखनपाल शर्मा मोर्चा संभाले रहे। इसका नतीजा यह हुआ कि भाजपा महापौर की सीट जीत गई। सांसद ने गुटबाजी को हावी नहीं होने दिया। उधर, अब जनपद और महानगर में भाजपा का एक गुट पूरी तरह हावी है। यही कारण रहा कि महापौर के शपथ ग्रहण समारोह में भी गुटबाजी देखने को मिली।
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भाजपा में विधानसभा चुनाव से पूर्व शुरू हुई गुटबाजी निकाय चुनाव पूरी तरह हावी रही। चुनाव परिणाम इसका उदाहरण हैं। जनपद की पांच नगर पंचायतों पर भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त हुई और महापौर सीट भी भाजपा बहुत कम वोटों के अंतर से जीती। गुटबाजी को देखते हुए निकाय चुुनाव से पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने सहारनपुर आकर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सुधरने तथा व्यक्तिगत नुकसान उठाने की चेतावनी दी थी। संकेत दिए थे कि चुनाव के बाद जिला और महानगर कार्यकारिणी में बदलाव होगा। मतदान वाले दिन नौ कार्यकर्ताओं को निष्कासित करने के बाद पार्टी हाईकमान ने चुप्पी साध ली, जबकि नगर निगम में पार्षद, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों में अध्यक्ष तथा सभासद पदों पर हारने वाले प्रत्याशी दर्जनों बागी कार्यकर्ताओं की हाईकमान से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई ना होने पर इन दिनों संगठन में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पार्टी सूत्र बताते हैं कि कई कार्यकर्ता हाईकमान को पत्र भेजकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। इसके बाद भी पार्टी हाईकमान कार्रवाई से बच रही है। इस स्थिति में मिशन 2019 की राह भाजपा के लिए आसान नहीं होगी।
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सांसद ने संभाला था मोर्चा तो हुई नैया पार
सहारनपुर। गुटबाजी को देेखते हुए प्रदेश संगठन महामंत्री ने कार्यकर्ताओं को फटकार लगाई थी, लेकिन गुटबाजी से हटकर सांसद राघव लखनपाल शर्मा मोर्चा संभाले रहे। इसका नतीजा यह हुआ कि भाजपा महापौर की सीट जीत गई। सांसद ने गुटबाजी को हावी नहीं होने दिया। उधर, अब जनपद और महानगर में भाजपा का एक गुट पूरी तरह हावी है। यही कारण रहा कि महापौर के शपथ ग्रहण समारोह में भी गुटबाजी देखने को मिली।
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