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अतिक्रमणकारियों के सामने प्रशासन ने घुटने टेके
Updated Wed, 20 Sep 2017 12:52 AM IST
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अतिक्रमणकारियों के सामने प्रशासन ने घुटने टेके
सहारनपुर। अतिक्रमणकारियों की मनमानी के सामने प्रशासन की एक नहीं चल रही है। आलम यह है कि अतिक्रमण हटाने के लिए शुरू किया गया अभियान बीच में ही रोक दिया गया है। साथ ही जिन मार्गों से अतिक्रमण हटाया गया, वहां सड़कों पर फिर से दुकानें सज गई हैं। वर्तमान में पूरा शहर अतिक्रमण की जकड़ में है, जिसकी वजह से दिनभर जाम लगा रहता है।
डीएम पीके पांडेय के निर्देश पर नगर निगम ने 14 सितंबर से अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया था, जो 30 सितंबर तक चलना है। पहले तीन दिन गोल कोठी, अंबाला रोड और गुरुद्वारा रोड पर अतिक्रमण हटाने की खानापूर्ति करने के बाद अभियान दम तोड़ चुका है। नगर निगम के कर्मचारी अतिक्रमणकारियों के सामने अतिक्रमण हटाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें पुलिस की जरूरत है। आरोप है कि पुलिस विभाग पर्याप्त पुलिस बल मुहैया नहीं करा रहा है, जिसकी वजह से अभियान रुक गया है। प्रशासन की नाकामी की वजह से अतिक्रमणकारी मौज में हैं, जिन्होंने 15 से 20 फुट तक सड़कों पर अतिक्रमण किया हुआ है। हैरत की बात यह है कि नगर निगम ने जिन मार्गों से अतिक्रमण हटाया है, वहां फिर से दुकानें सड़क पर आ गई हैं।
उधर, नगरायुक्त गौरव वर्मा ने बताया कि उन्हें अन्य संबंधित विभागों से सहयोग नहीं मिल रहा है, जिसकी वजह से अभियान सफल नहीं हो पा रहा है।
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सहारनपुर। अतिक्रमणकारियों की मनमानी के सामने प्रशासन की एक नहीं चल रही है। आलम यह है कि अतिक्रमण हटाने के लिए शुरू किया गया अभियान बीच में ही रोक दिया गया है। साथ ही जिन मार्गों से अतिक्रमण हटाया गया, वहां सड़कों पर फिर से दुकानें सज गई हैं। वर्तमान में पूरा शहर अतिक्रमण की जकड़ में है, जिसकी वजह से दिनभर जाम लगा रहता है।
डीएम पीके पांडेय के निर्देश पर नगर निगम ने 14 सितंबर से अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया था, जो 30 सितंबर तक चलना है। पहले तीन दिन गोल कोठी, अंबाला रोड और गुरुद्वारा रोड पर अतिक्रमण हटाने की खानापूर्ति करने के बाद अभियान दम तोड़ चुका है। नगर निगम के कर्मचारी अतिक्रमणकारियों के सामने अतिक्रमण हटाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें पुलिस की जरूरत है। आरोप है कि पुलिस विभाग पर्याप्त पुलिस बल मुहैया नहीं करा रहा है, जिसकी वजह से अभियान रुक गया है। प्रशासन की नाकामी की वजह से अतिक्रमणकारी मौज में हैं, जिन्होंने 15 से 20 फुट तक सड़कों पर अतिक्रमण किया हुआ है। हैरत की बात यह है कि नगर निगम ने जिन मार्गों से अतिक्रमण हटाया है, वहां फिर से दुकानें सड़क पर आ गई हैं।
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उधर, नगरायुक्त गौरव वर्मा ने बताया कि उन्हें अन्य संबंधित विभागों से सहयोग नहीं मिल रहा है, जिसकी वजह से अभियान सफल नहीं हो पा रहा है।