{"_id":"59a9aff04f1c1b5b738b4b9c","slug":"71504292848-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्यमंत्री की घोषणा से जगी माता के भक्तों में उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्यमंत्री की घोषणा से जगी माता के भक्तों में उम्मीद
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शाकंभरी देवी को पर्यटन से जोड़ने की घोषणा वेस्ट यूपी के इस विख्यात सिद्धपीठ में देवी दर्शनों को आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी है। शिवालिक पहाड़ियों के बीच स्थित सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में समस्याओं का अंबार है। सबसे ज्यादा दिक्कत यहां बरसात के मौसम में आती है। मंदिर के नीचे बह रही शाकंभरी देवी नदी में पहाड़ियों पर बारिश के बाद पानी आने से श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ जाती है। कई बार श्रद्धालुओं की जान पर चली जाती है। मेलों के दौरान कई बार नदी में पानी आने पर भारी जानमाल का नुकसान हो जाता है। इस सिद्धपीठ में वर्ष में तीन बड़े मेले लगते है, जिनमें शारदीय एवं चैत्र नवरात्र और तीसरा होली पर लगता है। देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यहां न तो रात्रि में ठहरने की कोई उचित व्यवस्था है और न ही शौच आदि के लिए। मेले के दौरान यहां अस्थाई शौचालय की व्यवस्था की जाती है। सफाई के भी कोई खास इंतजाम यहां नहीं है। यदि मुख्यमंत्री अपनी घोषणा को अमलीजामा पहनाते है, तो सिद्धपीठ में विकास की ढेरों संभावनाएं हैं।
- बाबा भूरादेव मंदिर से मां शाकंभरी देवी मंदिर तक एक किमी लंबा पुल। यह पुल शिवालिक पहाड़ियों को एक दूसरे से जोड़ते हुए बन सकता है।
- दूसरे सिद्धपीठ में सुलभ शौचालयों का निर्माण।
- श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था।
- श्रद्धालुओं के लिए स्थाई तौर पर शुद्ध पेयजल व्यवस्था
- सुरक्षा की दृष्टि से खास इंतजाम
- बिजली आपूर्ति 24 घंटे
विज्ञापन
- बाबा भूरादेव मंदिर से मां शाकंभरी देवी मंदिर तक एक किमी लंबा पुल। यह पुल शिवालिक पहाड़ियों को एक दूसरे से जोड़ते हुए बन सकता है।
- दूसरे सिद्धपीठ में सुलभ शौचालयों का निर्माण।
- श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था।
- श्रद्धालुओं के लिए स्थाई तौर पर शुद्ध पेयजल व्यवस्था
- सुरक्षा की दृष्टि से खास इंतजाम
- बिजली आपूर्ति 24 घंटे