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नहीं पहुंचे अभ्यर्थी, निगम ने अब मैसेज भेजकर बुलाया
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:29 AM IST
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नहीं पहुंचे अभ्यर्थी, अब परिवहन निगम ने मैसेज भेजकर बुलाया
सहारनपुर। परिवहन निगम में संविदा परिचालकों के लिए अभ्यर्थियों की जहां वरीयता सूची काफी ऊंची है, वहीं परिवहन निगम को भी फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अभ्यर्थियों को तलाशना मुश्किल हो गया है। मात्र 120 परिचालक ही अब तक परिवहन निगम को मिल सके हैं। जिस कारण अब परिवहन निगम मोबाइल पर मैैसेज भेजकर अन्य अभ्यर्थियों को बुला रहा है।
परिवहन निगम द्वारा संविदा के 333 परिचालकों की भर्ती के लिए 6 अगस्त से 14 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। जिसकी सापेक्ष 19642 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। प्रमाण-पत्रों की काउंसिलिंग की गई तो अधिकांश आवेदकों के ऑनलाइन प्रमाण-पत्र फर्जी निकलते गए। निगम द्वारा पहले चरण में बुलाए गए 507 में अभ्यर्थियों में से सिर्फ 120 परिचालक ही निगम को मिल सके। जबकि कुछ अभ्यर्थी फर्जीवाड़ा देख काउंसिलिंग के लिए पहुंचे ही नहीं। अभ्यर्थी आते न देख परिवहन निगम ने रजिस्टर्ड सूचना भेजनी शुरू कर दी। मोबाइल पर मैसेज भेज दिए और वेबसाइट पर भी सूचना प्रसारित करा दी गई। साथ ही दूसरे चरण के सामान्य वर्ग को छोड़कर अन्य पिछड़ा वर्ग के 200, अनुसूचित जाति के 200 तथा अनुसूचित जनजाति के 20 अभ्यर्थियों को सूचना दी गई है। उन्हें एक सितंबर से पांच सितंबर तक काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार का कहना है कि 420 नए अभ्यर्थियों को बुलाया गया है, जबकि लगभग 300 उन अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया है, जो पहले नहीं पहुंच सके थे।
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सहारनपुर। परिवहन निगम में संविदा परिचालकों के लिए अभ्यर्थियों की जहां वरीयता सूची काफी ऊंची है, वहीं परिवहन निगम को भी फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अभ्यर्थियों को तलाशना मुश्किल हो गया है। मात्र 120 परिचालक ही अब तक परिवहन निगम को मिल सके हैं। जिस कारण अब परिवहन निगम मोबाइल पर मैैसेज भेजकर अन्य अभ्यर्थियों को बुला रहा है।
परिवहन निगम द्वारा संविदा के 333 परिचालकों की भर्ती के लिए 6 अगस्त से 14 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। जिसकी सापेक्ष 19642 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। प्रमाण-पत्रों की काउंसिलिंग की गई तो अधिकांश आवेदकों के ऑनलाइन प्रमाण-पत्र फर्जी निकलते गए। निगम द्वारा पहले चरण में बुलाए गए 507 में अभ्यर्थियों में से सिर्फ 120 परिचालक ही निगम को मिल सके। जबकि कुछ अभ्यर्थी फर्जीवाड़ा देख काउंसिलिंग के लिए पहुंचे ही नहीं। अभ्यर्थी आते न देख परिवहन निगम ने रजिस्टर्ड सूचना भेजनी शुरू कर दी। मोबाइल पर मैसेज भेज दिए और वेबसाइट पर भी सूचना प्रसारित करा दी गई। साथ ही दूसरे चरण के सामान्य वर्ग को छोड़कर अन्य पिछड़ा वर्ग के 200, अनुसूचित जाति के 200 तथा अनुसूचित जनजाति के 20 अभ्यर्थियों को सूचना दी गई है। उन्हें एक सितंबर से पांच सितंबर तक काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार का कहना है कि 420 नए अभ्यर्थियों को बुलाया गया है, जबकि लगभग 300 उन अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया है, जो पहले नहीं पहुंच सके थे।
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