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आज बांसुरी वादन की छटा बिखेरेंगे रोनू मजूमदार
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:41 AM IST
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सहारनपुर। स्पिक मैके सहारनपुर चैप्टर की विरासत श्रृंखला का शुभारंभ मुंबई से आए विख्यात बांसुरी वादक रोनू मजूमदार ने एक होटल सभागार में बांसुरी की प्रस्तुति देकर किया। उन्होंने स्पिक मैके द्वारा भारतीय शास्त्रीय संगीत को लेकर अभी तक चलाई गई श्रंखलाओं को सराहा।
घंटाघर स्थित एक होटल में हुई पत्रकार वार्ता में रोनू मजूमदार ने बताया स्पिक मैके युवाओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य एवं परंपराओं से जोड़ कर सांस्कृतिक रूप से शिक्षित करने का अद्भुत प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्पिक मैके के इस नेक अभियान को देखते हुए ही वह हमेशा अपने व्यस्त कार्यक्रमों को किनारे रखकर समय देते आ रहे हैं। स्पिक मैके सहारनपुर चैप्टर के समन्वयक पंकज मल्होत्रा ने बताया कि रोनू मजूमदार की बांसुरी की ध्रुपद गायकी और लयकारी सुनने वालों के लिए एक सुंदर अनुभव होता है। पंडित रोनू मजूमदार भारतीय शास्त्रीय बांसुरी के जगत में जाना माना नाम है। उन्होंने बाल्यकाल से वाराणसी से अपने संगीत के सफर की शुरूआत की। 1981 में आरडी बर्मन की मदद से बॉलीवुड में कदम रखा। विशाल भारद्वाज की फिल्म माचिस के लिए संगीत दिया। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध ग्रैमी अवार्ड के लिए भी वर्ष 1996 नामांकित किया जा चुका है। साथ ही भारत की पहली आई मैक्स फिल्म मिस्टिक इंडिया के लिए संगीत कंपोज किया है। वह 2014 में कला के सबसे बड़े पुरस्कार संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके हैं। इन्हें आल इंडिया रेडियो अवार्ड, आदित्य बिड़ला विक्रम अवार्ड, सहारा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड मिले हैं। मल्होत्रा ने बताया कि बुधवार को गंगोह के शोभित विश्वविद्यालय में दोपहर डेढ़ बजे रोनू मजूमदार बांसुरी की प्रस्तुति देंगे।
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घंटाघर स्थित एक होटल में हुई पत्रकार वार्ता में रोनू मजूमदार ने बताया स्पिक मैके युवाओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य एवं परंपराओं से जोड़ कर सांस्कृतिक रूप से शिक्षित करने का अद्भुत प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्पिक मैके के इस नेक अभियान को देखते हुए ही वह हमेशा अपने व्यस्त कार्यक्रमों को किनारे रखकर समय देते आ रहे हैं। स्पिक मैके सहारनपुर चैप्टर के समन्वयक पंकज मल्होत्रा ने बताया कि रोनू मजूमदार की बांसुरी की ध्रुपद गायकी और लयकारी सुनने वालों के लिए एक सुंदर अनुभव होता है। पंडित रोनू मजूमदार भारतीय शास्त्रीय बांसुरी के जगत में जाना माना नाम है। उन्होंने बाल्यकाल से वाराणसी से अपने संगीत के सफर की शुरूआत की। 1981 में आरडी बर्मन की मदद से बॉलीवुड में कदम रखा। विशाल भारद्वाज की फिल्म माचिस के लिए संगीत दिया। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध ग्रैमी अवार्ड के लिए भी वर्ष 1996 नामांकित किया जा चुका है। साथ ही भारत की पहली आई मैक्स फिल्म मिस्टिक इंडिया के लिए संगीत कंपोज किया है। वह 2014 में कला के सबसे बड़े पुरस्कार संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके हैं। इन्हें आल इंडिया रेडियो अवार्ड, आदित्य बिड़ला विक्रम अवार्ड, सहारा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड मिले हैं। मल्होत्रा ने बताया कि बुधवार को गंगोह के शोभित विश्वविद्यालय में दोपहर डेढ़ बजे रोनू मजूमदार बांसुरी की प्रस्तुति देंगे।
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