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अपहरण कर गैंगरेप के दो आरोपियों को सात-सात वर्ष का कारावास
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:02 AM IST
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सहारनपुर। चिलकाना थाना क्षेत्र में चार साल पूर्व एक महिला केे अपहरण करके उसके साथ दुष्कर्म किए जाने के दो आरोपियों को कोर्ट ने सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों को बीस-बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
चिलकाना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति मजदूरी करने के लिए पंजाब गया हुआ था। 29 नवंबर 2013 को ग्राम तिड़फवा निवासी बालेंद्र उर्फ बिल्लू तथा अंजू उसके घर में घुस आए और उसके बच्चे के सिर पर तमंचा लगाकर उसे गाड़ी में बैठाकर कहीं ले गए। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने महिला को गाड़ी में बैठाकर उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया। महिला को जब होश आया तो एक कमरे में बंद थी। आरोप है कि दोनों ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। मौका पाकर महिला आरोपियों के चंगुल से निकलकर भाग गई। महिला ने आरोपियों के खिलाफ चिलकाना में मामला दर्ज कराया। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील यादव ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश ललिता गुप्ता ने दोनों पक्षों को सुना। मामले की सुनवाई के बाद साक्ष्य और गवाहों के आधार पर दोनों आरोपियों को दुष्कर्म का दोषी पाया। दोष सिद्ध हो जाने पर न्यायाधीश ललिता गुप्ता ने बालेंद्र और अंजू को धारा 366 आईपीसी के तहत 7-7 साल का कारावास की सजा सुनाई है। दोनों को 20000-20000 रुपये के अर्थदंड भी लगाया है।
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चिलकाना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति मजदूरी करने के लिए पंजाब गया हुआ था। 29 नवंबर 2013 को ग्राम तिड़फवा निवासी बालेंद्र उर्फ बिल्लू तथा अंजू उसके घर में घुस आए और उसके बच्चे के सिर पर तमंचा लगाकर उसे गाड़ी में बैठाकर कहीं ले गए। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने महिला को गाड़ी में बैठाकर उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया। महिला को जब होश आया तो एक कमरे में बंद थी। आरोप है कि दोनों ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। मौका पाकर महिला आरोपियों के चंगुल से निकलकर भाग गई। महिला ने आरोपियों के खिलाफ चिलकाना में मामला दर्ज कराया। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील यादव ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश ललिता गुप्ता ने दोनों पक्षों को सुना। मामले की सुनवाई के बाद साक्ष्य और गवाहों के आधार पर दोनों आरोपियों को दुष्कर्म का दोषी पाया। दोष सिद्ध हो जाने पर न्यायाधीश ललिता गुप्ता ने बालेंद्र और अंजू को धारा 366 आईपीसी के तहत 7-7 साल का कारावास की सजा सुनाई है। दोनों को 20000-20000 रुपये के अर्थदंड भी लगाया है।
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