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निकाय चुनाव में चल रहा तस्करी की शराब का खेल 18-23-02
Updated Mon, 20 Nov 2017 12:34 AM IST
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चुनाव में तस्करी की शराब का बड़ा खेल
सहारनपुर। निकाय चुनाव में तस्करी की शराब का बड़ा खेल चल रहा है। सहारनपुर के जरिए हरियाणा से भारी मात्रा में शराब की तस्करी हो रही है। प्रत्याशी मतदाताओं को लुभाने के लिए खुलेआम शराब बांटकर आचार संहिता का उल्लंघन कर कर रहे हैं। आबकारी विभाग और पुलिस विभाग की ओर से दिखावे के लिए ही औपचारिक कार्रवाई की जा रही है।
जनपद सहारनपुर की सीमाएं हरियाणा, उत्तराखंड़ और हिमाचल प्रदेश से सटी हैं। हरियाणा में शराब सस्ती होने की वजह से बड़े पैमाने पर सहारनपुर के जरिए तस्कर पूरे प्रदेश में शराब पहुंचाते हैं। उत्तराखंड़ और हिमाचल से भी शराब की तस्करी होती है। निकाय चुनाव के दौरान शराब की तस्करी चरम पर है। आबकारी विभाग और पुलिस ने पिछले दो माह से शराब तस्करों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की। सोशल मीडिया पर भी उम्मीदवारों द्वारा शराब बांटे जाने की जानकारियां वायरल हो रही हैं, लेकिन आबकारी विभाग और पुलिस महकमे की खामोशी सवाल खड़े कर रही है।
ऐसे चलता है पूरा खेल
सहारनपुर। तस्कर जनपद के विभिन्न रास्तों से शराब लाकर सहारनपुर और पड़ोसी जिलों में सप्लाई करते हैं। तस्कर अंबाला रोड के जरिए वाहनों में छुपाकर, गंगोह क्षेत्र, चिलकाना क्षेत्र से शराब लाते हैं। उत्तराखंड़ से मोहंड, बिहारीगढ़ के रास्ते शराब लाई जाती है। बिहारीगढ़ क्षेत्र में कुछ इलाका उत्तराखंड़ का है, जहां उत्तराखंड़ के शराब के ठेके हैं। इन ठेकों से भी जनपद में शराब सप्लाई की जाती है।
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शहर में सक्रिय तस्कर
सहारनपुर। महानगर में बड़े पैमाने पर शराब तस्कर सक्रिय हैं। सूत्रों की माने तो लेबर कॉलोनी, नुमाइशकैंप, गुरुद्वारा रोड, हकीकतनगर, िचिलकाना रोड, खलासी लाइन, जीपीओ मार्ग, रामनगर पठानपुरा, गोविंनगर, खानआलमपुरा, जेल चुंगी, चकहरेटी सहित कई क्षेत्रों में शराब तस्कर सक्रिय हैं, जो प्रत्याशियों के ठिकानों तक तस्करी की शराब पहुंचा रहे हैं।
देहात क्षेत्र में चल रही शराब की भट्टियां
सहारनपुर। देहात क्षेत्रों में कच्ची शराब तैयार की जा रही है। शराब की भट्टियां चल रही हैं। कच्ची शराब का प्रयोग निकाय चुनाव में किया जा रहा है। आबकारी विभाग और पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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सहारनपुर। निकाय चुनाव में तस्करी की शराब का बड़ा खेल चल रहा है। सहारनपुर के जरिए हरियाणा से भारी मात्रा में शराब की तस्करी हो रही है। प्रत्याशी मतदाताओं को लुभाने के लिए खुलेआम शराब बांटकर आचार संहिता का उल्लंघन कर कर रहे हैं। आबकारी विभाग और पुलिस विभाग की ओर से दिखावे के लिए ही औपचारिक कार्रवाई की जा रही है।
जनपद सहारनपुर की सीमाएं हरियाणा, उत्तराखंड़ और हिमाचल प्रदेश से सटी हैं। हरियाणा में शराब सस्ती होने की वजह से बड़े पैमाने पर सहारनपुर के जरिए तस्कर पूरे प्रदेश में शराब पहुंचाते हैं। उत्तराखंड़ और हिमाचल से भी शराब की तस्करी होती है। निकाय चुनाव के दौरान शराब की तस्करी चरम पर है। आबकारी विभाग और पुलिस ने पिछले दो माह से शराब तस्करों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की। सोशल मीडिया पर भी उम्मीदवारों द्वारा शराब बांटे जाने की जानकारियां वायरल हो रही हैं, लेकिन आबकारी विभाग और पुलिस महकमे की खामोशी सवाल खड़े कर रही है।
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ऐसे चलता है पूरा खेल
सहारनपुर। तस्कर जनपद के विभिन्न रास्तों से शराब लाकर सहारनपुर और पड़ोसी जिलों में सप्लाई करते हैं। तस्कर अंबाला रोड के जरिए वाहनों में छुपाकर, गंगोह क्षेत्र, चिलकाना क्षेत्र से शराब लाते हैं। उत्तराखंड़ से मोहंड, बिहारीगढ़ के रास्ते शराब लाई जाती है। बिहारीगढ़ क्षेत्र में कुछ इलाका उत्तराखंड़ का है, जहां उत्तराखंड़ के शराब के ठेके हैं। इन ठेकों से भी जनपद में शराब सप्लाई की जाती है।
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शहर में सक्रिय तस्कर
सहारनपुर। महानगर में बड़े पैमाने पर शराब तस्कर सक्रिय हैं। सूत्रों की माने तो लेबर कॉलोनी, नुमाइशकैंप, गुरुद्वारा रोड, हकीकतनगर, िचिलकाना रोड, खलासी लाइन, जीपीओ मार्ग, रामनगर पठानपुरा, गोविंनगर, खानआलमपुरा, जेल चुंगी, चकहरेटी सहित कई क्षेत्रों में शराब तस्कर सक्रिय हैं, जो प्रत्याशियों के ठिकानों तक तस्करी की शराब पहुंचा रहे हैं।
देहात क्षेत्र में चल रही शराब की भट्टियां
सहारनपुर। देहात क्षेत्रों में कच्ची शराब तैयार की जा रही है। शराब की भट्टियां चल रही हैं। कच्ची शराब का प्रयोग निकाय चुनाव में किया जा रहा है। आबकारी विभाग और पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।