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कहीं माने तो कहीं नहीं माने नामांकन करने वाले बागी प्रत्याशी
Updated Tue, 14 Nov 2017 12:48 AM IST
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सहारनपुर। निकाय चुनाव के लिए हुई नामांकन प्रक्रिया में पर्चा वापस लेने के आखिरी दिन सभी प्रमुख पार्टियों में बागी कार्यकर्ताओं को मनाने का दौर चलता रहा। निर्दलीय मैदान में उतरने वाले कई कार्यकर्ताओं ने नामांकन वापस लिया तो कई चुनावी मैदान में डट गए। इसे लेकर चारों प्रमुख पार्टियों के शीर्ष पदाधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ गई।
जनपद की छह नगर पंचायतों, चार नगर पालिका के अध्यक्ष पदों, सभासद प्रत्याशी, नगर निगम के मेयर और 70 वार्डों पर नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया सोमवार को हुई। पिछले दिनों टिकट ना मिलने से नाराज भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने पार्षद पद के लिए निर्दलीय के रूप में पर्चा भरा था। इसी तरह कांग्रेस, बसपा, सपा के रूठे कार्यकर्ता भी आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान कूद चुके हैं। नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में भी नाराज कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय नामांकन किए। पर्चा वापस लेने के आखिरी दिन भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा के शीर्ष नेता बागी हुए कार्यकर्ताओं को मनाते रहे। इसका नतीजा यह हुआ कि कई कार्यकर्ताओं ने पर्चे वापस लिए, लेकिन कई चुनावी मैदान में अपनी-अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के खिलाफ ही डटे गए। ऐसे में इन चारों प्रमुख राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं के माथे पर बल पड़े गए। क्योंकि, बागी कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को हराने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। इसके लिए बागियों ने चुनावी प्रचार-प्रसार तेज करने की रणनीति भी बना ली है।
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सपा जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को मनाया
सहारनपुर। सपा जिलाध्यक्ष जगपाल दास ने नगर निगम के वार्ड 47 के कार्यकर्ताओं की बैठक ली। उन्होंने आपसी मतभेद भुलाकर पार्टी के उम्मीदवार का सहयोग करने का आहृवान किया। इसके साथ ही वार्ड से पार्टी के बागी कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय के रूप में किया नामांकन वापस लिया। नगर विधायक संजय गर्ग, आजम शाह, अजय सिंघल, हरिमोहन सिंघल, नितिन सिंघल, अजय गुप्ता, विनीत सिंघल, पंकज, भू्षण शर्मा, संजय शर्मा, राकेश, टिंकू, राजीव अग्रवाल, तुषार गोयल, अभिषेक भारद्वाज मौजूद रहे।
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जनपद की छह नगर पंचायतों, चार नगर पालिका के अध्यक्ष पदों, सभासद प्रत्याशी, नगर निगम के मेयर और 70 वार्डों पर नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया सोमवार को हुई। पिछले दिनों टिकट ना मिलने से नाराज भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने पार्षद पद के लिए निर्दलीय के रूप में पर्चा भरा था। इसी तरह कांग्रेस, बसपा, सपा के रूठे कार्यकर्ता भी आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान कूद चुके हैं। नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में भी नाराज कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय नामांकन किए। पर्चा वापस लेने के आखिरी दिन भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा के शीर्ष नेता बागी हुए कार्यकर्ताओं को मनाते रहे। इसका नतीजा यह हुआ कि कई कार्यकर्ताओं ने पर्चे वापस लिए, लेकिन कई चुनावी मैदान में अपनी-अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के खिलाफ ही डटे गए। ऐसे में इन चारों प्रमुख राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं के माथे पर बल पड़े गए। क्योंकि, बागी कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को हराने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। इसके लिए बागियों ने चुनावी प्रचार-प्रसार तेज करने की रणनीति भी बना ली है।
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सपा जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को मनाया
सहारनपुर। सपा जिलाध्यक्ष जगपाल दास ने नगर निगम के वार्ड 47 के कार्यकर्ताओं की बैठक ली। उन्होंने आपसी मतभेद भुलाकर पार्टी के उम्मीदवार का सहयोग करने का आहृवान किया। इसके साथ ही वार्ड से पार्टी के बागी कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय के रूप में किया नामांकन वापस लिया। नगर विधायक संजय गर्ग, आजम शाह, अजय सिंघल, हरिमोहन सिंघल, नितिन सिंघल, अजय गुप्ता, विनीत सिंघल, पंकज, भू्षण शर्मा, संजय शर्मा, राकेश, टिंकू, राजीव अग्रवाल, तुषार गोयल, अभिषेक भारद्वाज मौजूद रहे।
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