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कोर्ट के आदेश पर कराया मकान व प्लॉट खाली
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:48 AM IST
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सहारनपुर। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने न्यू आवास-विकास में मकान और प्लाट को खाली करा दिया। कई वर्षों से मकान मालिक और किराएदार के बीच मुकदमा विचाराधीन था।
कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र के न्यू आवास-विकास में राजेंद्र अटल 200 गज में बने किराए के मकान रहते थे। बराबर में ही 100 गज का प्लाट भी इसी मकान का हिस्सा है। मकान मालिक के पुत्रों ने वैभव गर्ग और राजीव वालिया सहित चार लोगों के नाम प्लाट और मकान का कई वर्षों पूर्व बैनामा कर दिया। तब मालिकाना हक राजीव वालिया और वैभव गर्ग का हो गया था। इसके बाद राजेंद्र अटल और राजीव वालिया, वैभव गर्ग के बीच मुकदमेबाजी हो गई थी। मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया। कोर्ट ने राजीव वालिया और वैैभव गर्ग के पक्ष में मकान और प्लाट खाली कराने का आदेश पुलिस को दिए। सोमवार को कोतवाली सदर बाजार इंस्पेक्टर यज्ञदत्त शर्मा ने थाना जनकपुरी, देहात कोतवाली सहित पुलिस-फोर्स को साथ लेकर कोर्ट के आदेेश पर प्लाट व मकान खाली करा दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि कोर्ट के आदेशों का पालन कराया गया है।
राजेंद्र अटल ने लगाए संगीन आरोप
सहारनपुर। लोकतांत्रिक सेनानी राजेंद्र अटल का कहना है कि वह तीस वर्षों से मकान और प्लॉट में रहे थे। दूसरे पक्ष ने षड्यंत्र के तहत मकान मालिक के निधन के बाद उनके पुत्रों से प्लाट और मकान का बैनामा करा लिया। इसका उन्हें पता नहीं लग पाया, जबकि मकान और प्लाट खरीदने का वायदा मकान मालिक ने उनसे किया था। वकीलों की मिलीभगत से राजीव वालिया और वैैभव गर्ग ने कोर्ट से मकान और प्लाट खाली कराने के आदेश प्राप्त कर लिए, जबकि शुक्रवार को मामले में तारीख लगी हुई थी। उन्होंने एसएसपी और एसपी सिटी से शुक्रवार तक का समय मांगा था। मगर पुलिस ने साठगांठ करते हुए मकान और प्लाट खाली करा दिया। उनके पास अब रहने को मकान नहीं है। वह तो शासन से लोकतांत्रिक सेनानियों को मिलने वाली पेंशन से ही अपना गुजर-बसर कर रहे थे। आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ नाइंसाफी की है।
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कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र के न्यू आवास-विकास में राजेंद्र अटल 200 गज में बने किराए के मकान रहते थे। बराबर में ही 100 गज का प्लाट भी इसी मकान का हिस्सा है। मकान मालिक के पुत्रों ने वैभव गर्ग और राजीव वालिया सहित चार लोगों के नाम प्लाट और मकान का कई वर्षों पूर्व बैनामा कर दिया। तब मालिकाना हक राजीव वालिया और वैभव गर्ग का हो गया था। इसके बाद राजेंद्र अटल और राजीव वालिया, वैभव गर्ग के बीच मुकदमेबाजी हो गई थी। मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया। कोर्ट ने राजीव वालिया और वैैभव गर्ग के पक्ष में मकान और प्लाट खाली कराने का आदेश पुलिस को दिए। सोमवार को कोतवाली सदर बाजार इंस्पेक्टर यज्ञदत्त शर्मा ने थाना जनकपुरी, देहात कोतवाली सहित पुलिस-फोर्स को साथ लेकर कोर्ट के आदेेश पर प्लाट व मकान खाली करा दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि कोर्ट के आदेशों का पालन कराया गया है।
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राजेंद्र अटल ने लगाए संगीन आरोप
सहारनपुर। लोकतांत्रिक सेनानी राजेंद्र अटल का कहना है कि वह तीस वर्षों से मकान और प्लॉट में रहे थे। दूसरे पक्ष ने षड्यंत्र के तहत मकान मालिक के निधन के बाद उनके पुत्रों से प्लाट और मकान का बैनामा करा लिया। इसका उन्हें पता नहीं लग पाया, जबकि मकान और प्लाट खरीदने का वायदा मकान मालिक ने उनसे किया था। वकीलों की मिलीभगत से राजीव वालिया और वैैभव गर्ग ने कोर्ट से मकान और प्लाट खाली कराने के आदेश प्राप्त कर लिए, जबकि शुक्रवार को मामले में तारीख लगी हुई थी। उन्होंने एसएसपी और एसपी सिटी से शुक्रवार तक का समय मांगा था। मगर पुलिस ने साठगांठ करते हुए मकान और प्लाट खाली करा दिया। उनके पास अब रहने को मकान नहीं है। वह तो शासन से लोकतांत्रिक सेनानियों को मिलने वाली पेंशन से ही अपना गुजर-बसर कर रहे थे। आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ नाइंसाफी की है।
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