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शादी समारोह पर जीएसटी कराएगा ज्यादा जेब ढीली

Wed, 13 Sep 2017 01:12 AM IST
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:12 AM IST
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शादी समारोह पर जीएसटी कराएगा ज्यादा जेब ढीली
सहारनपुर। शादी की तैयारियों में जुटे लोगों के पेशानी पर जीएसटी ने पसीना ला दिया है। जीएसटी लागू होने से बढ़ी महंगाई का असर सीधे उनकी जेब पर पड़ रहा है। इसके चलते बैंक्वेट हॉल से लेकर ब्यूटी पॉर्लर तक की सेवा के दाम भी बढ़ गए हैं। इससे शादी करने वाले घरों का बजट बिगड़ रहा है।
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जीएसटी लागू होने के बाद शादियां करना आम आदमी के लिए टेंशन भरा साबित हो रहा है। बैंक्वेट हॉल खाना, कपड़ा, ज्वैलरी, ब्यूटी पॉर्लर, डेकोरेशन, टैंट आदि पर जीएसटी लगने से पहले की अपेक्षा अब वे मंहगे हो गए हैं। नवरात्रों के बाद से शुभ मुहूर्त शुरू होते ही शादियों का दौर शुरू होगा। ऐसे में उसकी तैयारियों में लोग जुटे हुए हैं।
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शादी करने के लिए पहली जरूरत बैंक्वेट हॉल पर जीएसटी लागू होने से उनके रेट में 18 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई है। जो मैरिज हॉल अब तक एक लाख रुपये में बुक हो जाते थे उनके लिए अब एक लाख 18 हजार रुपये चुकाने होंगे। विभिन्न प्रकार के डेकोरेशन के सामान पर जीएसटी दर 5 से 28 फीसदी तक है। इससे मैरिज हॉल को सजाने के खर्च में बढ़ोत्तरी होना तय है। सोने के आभूषणों पर पहले जहां एक प्रतिशत टैक्स था जो जीएसटी में बढ़कर 3 प्रतिशत हो गया। इससे स्वर्ण आभूषण महंगे हो गए हैं। जिसका सीधा असर शादियों पर पडे़गा। शादी के लिए महत्वपूर्ण फर्नीचर और कपडे़ पर भी क्रमश: 28 और 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है। फर्नीचर पर जीएसटी 28 प्रतिशत है, वहीं कपडे़ पर भी 5 फीसदी जीएसटी लगाई गई है। इसके अलावा ब्यूटी पॉर्लर पर सौंदर्य प्रशाधन के सामान पर जीएसटी की दर 28 प्रतिशत और सर्विस पर 18 फीसदी होने का असर भी शादी जैसे महत्वपूर्ण इवेंट पर पडे़गा।
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शादी के संसाधनों पर टैक्स एक नजर
सामान पहले अब
बैंक्वेट हॉल - 18
कपड़ा - 5
आभूषण 1 3
डेकोरेशन - 5 से 28
फर्नीचर 14.50 28
सौंदर्य प्रसाधन का सामान 14 28
खाना 14.50 12 नॉन एसी
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पहले वैट अब जीएसटी
वाणिज्यकर विभाग के एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड-1 अनिल पाठक ने बताया कि शादी में काम आने वाली सेवाओं और वस्तुएं पहले भी वैट के दायरे में आती थीं, लेकिन अब जीएसटी में व्यापारी के पंजीयन होने से वह वस्तु एवं सेवा जिस टैक्स स्लैब के दायरे में आती है वह उसे चुकाना होगा।
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