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करंट से संविदाकर्मी की मौत
Updated Sun, 16 Sep 2018 12:22 AM IST
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बेहट (सहारनपुर)। रायेपुर विद्युत उपकेंद्र पर कार्यरत संविदाकर्मी की केंद्र के पास लगे डबल पोल पर फ्यूज लगाते समय करंट लगने से मौत हो गई। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ शव को बेहट विद्युत उपकेंद्र पर ले जाकर रख दिया। सूचना मिलने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी और पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी मौके पहुंचे। भीड़ पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों से मृतक संविदा कर्मी के परिवार को तत्काल पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक दिए जाने की मांग कर रहे थे। भीड़ ने चेतावनी दी, कि जब तक मृतक संविदाकर्मी के परिजनों को तत्काल सहायता राशि का चेक नहीं दिया जाता वह शव को लेकर विद्युत उपकेंद्र से नहीं उठेंगे। बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर लोग मान गए।
कादरपुर गांव निवासी मोहर सिंह (45) उर्फ पप्पू पुत्र रणबीर सिंह पिछले सात सालों से रायेपुर विद्युत उपकेंद्र पर बतौर संविदाकर्मी कार्यरत है। शुक्रवार की शाम करीब साढ़े चार बजे मोहर सिंह उपकेंद्र पर लगे डबल पोल पर फ्यूज लगा रहा था। फ्यूज लगाते समय तार दूसरे फीडर के जोड़े पर टच हो गया, जिससे वह करंट लगने झुलस गया। उसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। शनिवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजन ग्रामीणों की भीड़ के साथ शव को लेकर बेहट विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचे और शव को केंद्र परिसर में रखकर बैठ गए। सूचना मिलते ही सीओ ब्रह्मपाल सिंह, एसडीएम शिवनारायण शर्मा, पावर कॉरपोरेशन के एसडीओ धर्मवीर, सिंह, जेई अभय कुमार व अश्वनी कुमार मौके पर पहुंचे। भीड़ ने पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से मृतक संविदाकर्मी के परिवार को तत्काल पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक दिए जाने की मांग की। भीड़ ने अधिकारियों से कहा, कि जब तक मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता राशि का चेक नहीं दिया जाता, वें शव को यहां से लेकर नहीं उठेंगे। एसडीओ ने भीड़ को समझाया, कि फार्म 44 भरकर विद्युत सुरक्षा निदेशालय को भेज दिया गया है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रिपोर्ट के बाद मृतक संविदाकर्मी के परिवार को आर्थिक सहायता राशि का चेक दे दिया जाएगा, लेकिन भीड़ ने उनकी नहीं सुनी और अपनी मांग पर अड़ी रही। एसडीएम ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया। बाद में एसडीएम ने पावर कॉरपोरेशन एससी से दूरभाष पर बात करने के बाद भीड़ को आश्वासन दिया कि सोमवार तक पावर कॉरपोरेशन की तरफ से मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान कर दिया जाएगा और वह भी अपने स्तर से प्रयास करेंगे कि मृतक के परिवार को शासन स्तर से आर्थिक सहायता दिलाई जा सके। इसके बाद ही भीड़ शांत हो कर शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुई।
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कादरपुर गांव निवासी मोहर सिंह (45) उर्फ पप्पू पुत्र रणबीर सिंह पिछले सात सालों से रायेपुर विद्युत उपकेंद्र पर बतौर संविदाकर्मी कार्यरत है। शुक्रवार की शाम करीब साढ़े चार बजे मोहर सिंह उपकेंद्र पर लगे डबल पोल पर फ्यूज लगा रहा था। फ्यूज लगाते समय तार दूसरे फीडर के जोड़े पर टच हो गया, जिससे वह करंट लगने झुलस गया। उसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। शनिवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजन ग्रामीणों की भीड़ के साथ शव को लेकर बेहट विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचे और शव को केंद्र परिसर में रखकर बैठ गए। सूचना मिलते ही सीओ ब्रह्मपाल सिंह, एसडीएम शिवनारायण शर्मा, पावर कॉरपोरेशन के एसडीओ धर्मवीर, सिंह, जेई अभय कुमार व अश्वनी कुमार मौके पर पहुंचे। भीड़ ने पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से मृतक संविदाकर्मी के परिवार को तत्काल पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक दिए जाने की मांग की। भीड़ ने अधिकारियों से कहा, कि जब तक मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता राशि का चेक नहीं दिया जाता, वें शव को यहां से लेकर नहीं उठेंगे। एसडीओ ने भीड़ को समझाया, कि फार्म 44 भरकर विद्युत सुरक्षा निदेशालय को भेज दिया गया है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रिपोर्ट के बाद मृतक संविदाकर्मी के परिवार को आर्थिक सहायता राशि का चेक दे दिया जाएगा, लेकिन भीड़ ने उनकी नहीं सुनी और अपनी मांग पर अड़ी रही। एसडीएम ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया। बाद में एसडीएम ने पावर कॉरपोरेशन एससी से दूरभाष पर बात करने के बाद भीड़ को आश्वासन दिया कि सोमवार तक पावर कॉरपोरेशन की तरफ से मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान कर दिया जाएगा और वह भी अपने स्तर से प्रयास करेंगे कि मृतक के परिवार को शासन स्तर से आर्थिक सहायता दिलाई जा सके। इसके बाद ही भीड़ शांत हो कर शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुई।
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