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दुनिया में बौद्ध धम्म से ही स्थापित हो सकती है शांति : राजरतन अंबेडकर
Updated Tue, 10 Apr 2018 12:52 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मेला पंडाल में रविवार की रात राष्ट्रीय आंबेडकर समता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन मुख्य वक्ता राजरतन अंबेडकर ने किया।
उन्होंने कहा कि दुनिया में सिर्फ बौद्ध धम्म के द्वारा ही शांति स्थापित की जा सकती है। जहां बुद्ध होता है वहां कभी युद्ध नहीं होता। राजरतन ने कहा कि यदि जीवन को सफल बनाना है तो हमें झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए, बल्कि सच्चाई को अपनाना होगा। बसपा के विधानसभा प्रभारी चौधरी नवीन खटाना ने कहा कि बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर की 127वीं जयंती 14 अप्रैल को सौहार्द के रूप में मनाई जाएगी। विनोद तेजयान ने कहा कि हम आंदोलन सड़कों पर लाठी डंडे लेकर नहीं बल्कि कानूनी रूप से लड़ना चाहिए। एसडीओ राजकुमार रठेलिया ने समाज के लोगों से अपने बच्चों को तकनीकी शिक्षा दिलाने का आह्वान किया। पूर्व मेला चेयरमैन राजकुमार जाटव ने कहा कि बाबा साहब ने जो लड़ाई लड़ी वह संवैधानिक है। हमें भी संविधान का सम्मान करते हुए अपने हकों की लड़ाई लड़नी होगी। इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन बसपा नेता माजिद अली ने फीता काटकर किया। संचालन सियानंद व अनिल कुमार ने किया। इस मौके पर संयोजक बुगली बौद्ध, प्रमोद तेजयान, ओमवीर सिंह, कविता सिंह, राजपाल सिंह रविवंशी, नन्हेलाल, रामभूल अंबेडकरी आदि रहे।
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उन्होंने कहा कि दुनिया में सिर्फ बौद्ध धम्म के द्वारा ही शांति स्थापित की जा सकती है। जहां बुद्ध होता है वहां कभी युद्ध नहीं होता। राजरतन ने कहा कि यदि जीवन को सफल बनाना है तो हमें झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए, बल्कि सच्चाई को अपनाना होगा। बसपा के विधानसभा प्रभारी चौधरी नवीन खटाना ने कहा कि बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर की 127वीं जयंती 14 अप्रैल को सौहार्द के रूप में मनाई जाएगी। विनोद तेजयान ने कहा कि हम आंदोलन सड़कों पर लाठी डंडे लेकर नहीं बल्कि कानूनी रूप से लड़ना चाहिए। एसडीओ राजकुमार रठेलिया ने समाज के लोगों से अपने बच्चों को तकनीकी शिक्षा दिलाने का आह्वान किया। पूर्व मेला चेयरमैन राजकुमार जाटव ने कहा कि बाबा साहब ने जो लड़ाई लड़ी वह संवैधानिक है। हमें भी संविधान का सम्मान करते हुए अपने हकों की लड़ाई लड़नी होगी। इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन बसपा नेता माजिद अली ने फीता काटकर किया। संचालन सियानंद व अनिल कुमार ने किया। इस मौके पर संयोजक बुगली बौद्ध, प्रमोद तेजयान, ओमवीर सिंह, कविता सिंह, राजपाल सिंह रविवंशी, नन्हेलाल, रामभूल अंबेडकरी आदि रहे।
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