{"_id":"5ab3fa134f1c1bb22a8b4cbe","slug":"51521744403-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन बाद जेल से रिहा हुए पालिकाध्यक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन दिन बाद जेल से रिहा हुए पालिकाध्यक्ष
Updated Fri, 23 Mar 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पालिकाध्यक्ष को जमानत, जेल से रिहा
देवबंद (सहारनपुर)। फर्जी बिल घोटाले के आरोप में जेल गए पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी को बृहस्पतिवार को जमानत मिल गई। जेल में परवाना पहुंचने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
नगरपालिका के जलकल विभाग में वर्ष 2003 में हुए लाखों रुपये के घोटालों में फंसे पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी ने 20 मार्च को सीजेएम डा. दीनानाथ की अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत प्रार्थना पत्र दिया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के बाद उसे खारिज कर दिया था, जिस कारण अंसारी को जेल जाना पड़ा था। इसी दौरान अंसारी की तरफ से एडीजे प्रथम बबीता रानी की अदालत में जमानत के लिए अर्जी दी, लेकिन अदालत ने बहस के बाद मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार तक टाल दी थी। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अंसारी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। अंसारी को जमानत मिलते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बसपा नेता अय्यूब बेग और शमशुल आदि ने इसे सच्चाई की जीत बताया है।
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। फर्जी बिल घोटाले के आरोप में जेल गए पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी को बृहस्पतिवार को जमानत मिल गई। जेल में परवाना पहुंचने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
नगरपालिका के जलकल विभाग में वर्ष 2003 में हुए लाखों रुपये के घोटालों में फंसे पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी ने 20 मार्च को सीजेएम डा. दीनानाथ की अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत प्रार्थना पत्र दिया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के बाद उसे खारिज कर दिया था, जिस कारण अंसारी को जेल जाना पड़ा था। इसी दौरान अंसारी की तरफ से एडीजे प्रथम बबीता रानी की अदालत में जमानत के लिए अर्जी दी, लेकिन अदालत ने बहस के बाद मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार तक टाल दी थी। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अंसारी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। अंसारी को जमानत मिलते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बसपा नेता अय्यूब बेग और शमशुल आदि ने इसे सच्चाई की जीत बताया है।
विज्ञापन