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प्रचार की कमी के कारण औपचारिकता बना अंत्योदय मेला
Updated Sat, 19 Aug 2017 12:33 AM IST
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प्रचार की कमी के कारण औपचारिकता बना अंत्योदय मेला
नकुड़ (सहारनपुर)। सरकार द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित अंत्योदय मेला प्रचार की कमी के कारण महज औपचारिकता बनकर रह गया। जिस कारण सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम में दूसरे दिन भी गिने चुने लोग ही पहुंच पाए।
मेले में किसान सेवा सहकारी समिति अघ्याना द्वारा लगाये गए स्टाल में किसानों को कृषि व ऋण संबंधी जानकारियां दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, टाइफाइड बुखार सहित अन्य जानलेवा बीमारियों से बचाव परिवार नियोजन संबंधी जानकारियां दी गई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण देहाती रागनियों व भजनों के माध्यम से सरकार की योजनाओं का प्रचार करना रहा। वहीं, क्षेत्र में अंत्योदय मेले का प्रचार नहीं होने के कारण कार्यक्रम में गिने चुने लोग ही पहुंच रहे हैं। ब्लॉक कार्यालय में विभिन्न कार्यों से पहुंचे ग्राम प्रधान सत्यपाल सैनी, जबरसिंह प्रधान, चौ. सम्राट सिंह व चौ. आशीष सांपला आदि ने बताया कि उन्हें सरकार द्वारा कराये जा रहे इस महत्वपूर्ण आयोजन की किसी भी विभाग द्वारा कोई जानकारी नही दी गई।
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नकुड़ (सहारनपुर)। सरकार द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित अंत्योदय मेला प्रचार की कमी के कारण महज औपचारिकता बनकर रह गया। जिस कारण सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम में दूसरे दिन भी गिने चुने लोग ही पहुंच पाए।
मेले में किसान सेवा सहकारी समिति अघ्याना द्वारा लगाये गए स्टाल में किसानों को कृषि व ऋण संबंधी जानकारियां दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, टाइफाइड बुखार सहित अन्य जानलेवा बीमारियों से बचाव परिवार नियोजन संबंधी जानकारियां दी गई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण देहाती रागनियों व भजनों के माध्यम से सरकार की योजनाओं का प्रचार करना रहा। वहीं, क्षेत्र में अंत्योदय मेले का प्रचार नहीं होने के कारण कार्यक्रम में गिने चुने लोग ही पहुंच रहे हैं। ब्लॉक कार्यालय में विभिन्न कार्यों से पहुंचे ग्राम प्रधान सत्यपाल सैनी, जबरसिंह प्रधान, चौ. सम्राट सिंह व चौ. आशीष सांपला आदि ने बताया कि उन्हें सरकार द्वारा कराये जा रहे इस महत्वपूर्ण आयोजन की किसी भी विभाग द्वारा कोई जानकारी नही दी गई।
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