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दवाईयां
Updated Mon, 10 Jul 2017 01:03 AM IST
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बड़गांव (सहारनपुर)। देवबंद चैनल फीडर की लिंक नहर में पिछले दो दिनों से महंगी दवाइयां पानी में बह कर आ रही हैं।
क्षेत्र से गुजरने वाली देवबंद चैनल फीडर लिंक नहर में पिछले दो दिनों से एंटीबायोटिक दवाइयां बह रही हैं। भीषण गर्मी के चलते इस नहर में आसपास के गांवों के बच्चे नहाने आते हैं। रविवार को जब आठ दस बच्चे इस नहर में नहा रहे थे तो उन्हें भारी मात्रा में दवाइयां बहती नजर आईं। बच्चों ने सैकड़ों पैकेट बाहर निकाल कर ढेर लगा लिया। गुफरान, नजाकत, सादाब, शेरखान आदि ने बताया कि पिछले दो दिन से इस प्रकार की टैबलेट नहर में बह कर आ रही हैं। इनमें कई महंगी दवाइयां हैं। सूचना सीएमओ सहारनपुर को भी दी गई तो देवबंद के सीएचसी इंचार्ज डा वीके मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि निमोनिया व गहरे घाव में इस प्रकार की महंगी एंटी बायोटिक दवाएं दी जाती हैं। इतनी भारी मात्रा में दवाएं पानी में बहाने का मकसद क्या हो सकता है यह समझ नहीं आता। कुछ लोग मामले को जीएसटी से जोड़ कर चल रहे हैं। कहीं जीएसटी लागू होने के डर से तो कोई कंपनी मालिक या फिर सप्लायर ही इन्हें नहर में डाल रहा हो।
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क्षेत्र से गुजरने वाली देवबंद चैनल फीडर लिंक नहर में पिछले दो दिनों से एंटीबायोटिक दवाइयां बह रही हैं। भीषण गर्मी के चलते इस नहर में आसपास के गांवों के बच्चे नहाने आते हैं। रविवार को जब आठ दस बच्चे इस नहर में नहा रहे थे तो उन्हें भारी मात्रा में दवाइयां बहती नजर आईं। बच्चों ने सैकड़ों पैकेट बाहर निकाल कर ढेर लगा लिया। गुफरान, नजाकत, सादाब, शेरखान आदि ने बताया कि पिछले दो दिन से इस प्रकार की टैबलेट नहर में बह कर आ रही हैं। इनमें कई महंगी दवाइयां हैं। सूचना सीएमओ सहारनपुर को भी दी गई तो देवबंद के सीएचसी इंचार्ज डा वीके मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि निमोनिया व गहरे घाव में इस प्रकार की महंगी एंटी बायोटिक दवाएं दी जाती हैं। इतनी भारी मात्रा में दवाएं पानी में बहाने का मकसद क्या हो सकता है यह समझ नहीं आता। कुछ लोग मामले को जीएसटी से जोड़ कर चल रहे हैं। कहीं जीएसटी लागू होने के डर से तो कोई कंपनी मालिक या फिर सप्लायर ही इन्हें नहर में डाल रहा हो।