फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   50 lakh year old fossil found in elephant in Shivalik forest division50 lakh year old fossil found in elephant in Shivalik forest division

शिवालिक के जंगलों में मिला 50 लाख पुराना हाथी का जीवाश्म़

Fri, 19 Jun 2020 10:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2020 10:42 PM IST
विज्ञापन
50 lakh year old fossil found in elephant in Shivalik forest division50 lakh year old fossil found in elephant in Shivalik forest division
सहारनपुर: शिवालिक क्षेत्र में मिला 50 लाख साल पुराना हाथी दांत - फोटो : SAHARANPUR
शिवालिक वन प्रभाग में मिला हाथी का 50 लाख वर्ष पुराना जीवाश्म
विज्ञापन

सहारनपुर। सहारनपुर के शिवालिक वन प्रभाग के बादशाही बाग रेंज के डाठा सोत से हाथी का जीवाश्म मिला है। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी देहरादून के वैज्ञानिकों ने इसे 50 लाख साल पुराना माना है। जो जीवाश्म मिला है, वह हाथी का जबड़ा है। सहारनपुर वन वृत और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया की ओर से छह महीने तक कराए गए विशेष सर्वेक्षण के दौरान यह जीवाश्म मिला था। दावा किया जा रहा है कि हाथी का इतना पुराना जीवाश्व उत्तर प्रदेश में पहली बार मिला है।

गिल कालोनी अंतर्गत कार्यालय वन संरक्षक सहारनपुर वृत्त में मुख्य वन संरक्षक वीके जैन ने पत्रकारों से रूबरू होकर ये जानकारी दी। वीके जैन ने बताया कि सहारनपुर वन क्षेत्र के 33229 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब छह माह तक वन्य जीवों की कैमरा ट्रैप सहित अन्य विधियों से गणना की गई। कैमरा ट्रैप में ही पहली बार 50 से अधिक तेंदुओं की शिवालिक में मिलने की पुष्टि भी हुई। वन्य जीवों के जब कैमरे से उत्साहित प्रमाण मिले तो फिर विशेष सर्वे डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (विश्व प्रकृति निधि) के साथ शुरू किया गया। जिसमें उनके साथ डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया देहरादून के डॉ. आईपी बोपन्ना, देववृत पंवार और अन्य शामिल रहे। सर्वे के दौरान बादशाही बाग रेंज से तीन से चार किलोमीटर की दूरी पर डाठा सोत के पास एक जीवाश्म मिला। इस जीवाश्म का अध्ययन वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी देहरादून के वैज्ञानिकों से कराया गया, जिसमें संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. आरके सहगल और डॉ. एसी नंदा (वरिष्ठ वैज्ञानिक) शामिल रहे। अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों ने बताया कि जीवाश्म हाथी के पूर्वज का है, दाईं ओर के जबड़े का और करीब 50 लाख वर्ष पुराना है। वैज्ञानिक भाषा में इसे स्टेगोडॉन कहते हैं, जो वर्तमान में विलुप्त हो चुके हैं। उत्तर भारत में हाथी के पूर्वज का इतना पुराना जीवाश्म शायद ही कहीं मिला होगा। इस क्षेत्र में तो यह पहली बार रिपोर्ट है।

50 लाख साल पुराने हाथी दांत के साथ वन विभाग के अधिकारी।

50 लाख साल पुराने हाथी दांत के साथ वन विभाग के अधिकारी।- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed